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Coronavirus Live: मौत का आंकड़ा फिर पहुंचा तीन हजार के पार, बीते 24 घंटे में दर्ज हुए 91,702 नए केस

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11:13 AM, 11-Jun-2021
अमेरिका को कोविड वैक्सीन के मोर्चे पर और योगदान करना चाहिए- सांसद कृष्णमूर्ति
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा है कि दुनिया को कोविड-19 रोधी टीके की 50 करोड़ खुराकें दान करना ही काफी नहीं है बल्कि अमेरिका को महामारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में और अधिक योगदान देना चाहिए।

10:56 AM, 11-Jun-2021
महाराष्ट्र: सीवर ड्रेन में वायरस के 108 म्यूटेशन मिले
महाराष्ट्र के पुणे में सीवर ड्रेन में वैज्ञानिकों को वायरस के 108 म्यूटेशन मिले हैं। अभी तक देश में जीनोम सीक्वेसिंग के आधार पर भी इतने म्यूटेशन की पहचान नहीं हो पाई है। जबकि पुणे स्थित सीएसआईआर की नेशनल कैमिकल लेबोरेटरी में जब छह अलग-अलग सैंपल की जांच की गई तो किसी में 20 तो किसी में 35 म्यूटेशन तक पाए गए। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों को सीवर में डेल्टा और अल्फा वैरिएंट भी मिला है। वहीं दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और अमेरिका में मिले अलग-अलग वैरिएंट भी यहां पाए गए हैं।

10:40 AM, 11-Jun-2021
अनलॉक की प्रक्रिया के बाद वाराणसी में नाव चलना शुरू
अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद वाराणसी में आज से नाव चलनी शुरू हो गई है। एक नाव चालक ने बताया, “लगभग 2 महीने बाद गंगा में फिर से नाव चलनी शुरू हुई है। हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।”
उत्तर प्रदेश: अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद वाराणसी में आज से नाव चलनी शुरू हो गई है। एक नाव चालक ने बताया, “लगभग 2 महीने बाद गंगा में फिर से नाव चलनी शुरू हुई है। हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।” pic.twitter.com/VC4jkM9Fz4— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 11, 2021

10:21 AM, 11-Jun-2021
ओडिशा: बीते 24 घंटे में 5235 मामले आए सामने
ओडिशा में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 5,235 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल सक्रिय मामलों की संख्या 66,226 हो गई है। एक ही दिन में ओडिशा में 43 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
Odisha reported 5,235 new COVID cases, 8,299 recoveries, and 43 deaths yesterday, as per State Health Department

Active cases: 66,226
Total recoveries: 7,72,972
Death toll: 3,210— ANI (@ANI) June 11, 2021

10:00 AM, 11-Jun-2021
राष्ट्रीय पॉजिटिविरी रेट 4.49 फीसदी- स्वास्थ्य मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश में आज चौथे दिन कोरोना वायरस के एक लाख से कम नए मामले आए। दैनिक पॉजिटिविटी रेट 4.49% और रिकवरी रेट 94.93% है।
देश में आज चौथे दिन कोरोना वायरस के एक लाख से कम नए मामले आए। दैनिक पॉजिटिविटी रेट 4.49% और रिकवरी रेट 94.93% है: स्वास्थ्य मंत्रालय #COVID19— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 11, 2021

09:45 AM, 11-Jun-2021
बीते 24 घंटे में 32,74,672 लोगों को लगी वैक्सीन
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 32,74,672 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 24,60,85,649 हुआ।
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 32,74,672 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 24,60,85,649 हुआ। #CovidVaccine https://t.co/sG5NqHoOx4— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 11, 2021

09:21 AM, 11-Jun-2021
लगातार चौथे दिन एक लाख से कम दर्ज हुए दैनिक मामले
देश में लगातार चौथे दिन कोरोना वायरस के दैनिक मामले एक लाख से कम दर्ज किए गए हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना के 91,702 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 2,92,74,823 हुई। 3,403 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 3,63,079 हो गई है। 1,34,580 नए डिस्चार्ज के बाद कुल डिस्चार्ज की संख्या 2,77,90,073 हुई। देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 11,21,671 है।
भारत में #COVID19 के 91,702 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 2,92,74,823 हुई। 3,403 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 3,63,079 हो गई है।
1,34,580 नए डिस्चार्ज के बाद कुल डिस्चार्ज की संख्या 2,77,90,073 हुई। देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 11,21,671 है। pic.twitter.com/FAwRIzMYbP— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 11, 2021

09:00 AM, 11-Jun-2021
बीते 24 घंटे में 20,44,131 लोगों का लिया गया सैंपल- आईसीएमआर
भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 20,44,131 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 37,42,42,384 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं>
भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 20,44,131 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 37,42,42,384 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं: भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) #COVID19— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 11, 2021

08:32 AM, 11-Jun-2021
बिहार: कटिहार में जागरुकता की कमी की वजह से लोग नहीं लगवा रहे वैक्सीन
बिहार के कटिहार में लोग वैक्सीनेशन की जागरुकता की कमी की वजह से टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। एक स्थानीय निवासी का कहना है कि यहां लोगों के बीच में टीका लगवाने को लेकर जागरुकता कम है और लोग शर्म ज्यादा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वैक्सीन की खुराक लेने के बाद कुछ लोगों की मौत हो गई है।
Bihar: People in rural areas of Katihar are reluctant to take COVD vaccine jabs due to lack of awareness
“There is hesitancy among people regarding the vaccine. We have heard that some people died after taking jabs,” said a local in Budhel area of the district yesterday pic.twitter.com/SxJH60kBJH— ANI (@ANI) June 11, 2021

08:04 AM, 11-Jun-2021
दूसरी लहर के दौरान औसतन 2000 लोगों की रोजाना मौत हुई
कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने भारत में जमकर कहर मचाया है। इस साल 1 मार्च से अब तक कोरोना संक्रमण के कारण दो लाख से अधिक मौतें हो चुकी हैं। 2020 में महामारी के शुरू होने के बाद से हर पांच  में से तीन मौतें कोरोना वायरस के कारण हुई हैं। भारत में इस साल 1 मार्च यानी कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के बाद से रोजाना औसतन करीब 2000 लोगों की इस वायरस से जान गई है। कोरोना की दूसरी लहर में मृत्युदर बहुत अधिक रही है। पहली लहर के बाद से अब तक भारत में कुल 3,63,029 लोगों की मौत हुई है।

07:45 AM, 11-Jun-2021
तेलंगाना: पति की मौत के बाद सब्जियां बेच रही महिला
तेलंगाना में एक महिला कोविड-19 काल में सब्जियां बेच रही है। छह महीने पहले महिला के पति की मौत हो गई थी लेकिन चार साल के बच्चे को पालने के लिए महिला ये काम कर रही है। महिला घर-घर जाकर काम कर रही थी लेकिन कोविड की वजह से वो काम छूट गया। महिला का कहना है कि अपने परिवार का पेट भरने के लिए वो अब सब्जियां बेच रही हैं। उन्होंने सरकार से मदद मांगी है।
Telangana: A woman in Hyderabad started selling vegetable after her husband died 6 months ago
I have to feed my 4y/o kid. I was working as house help but lost job amid #COVID. I’m selling vegetables to feed my family but it isn’t doing well. I seek govt’s support: Reshma (10.06) pic.twitter.com/OYSZtTkBah— ANI (@ANI) June 11, 2021

07:34 AM, 11-Jun-2021
मिजोरम: 24 घंटे में सामने आए 210 नए मामले
मिजोरम में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 210 नए मामले सामने आए। पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या अब 14,743 है जिसमें 3,578 सक्रिय मामले, 11104 डिस्चार्ज हो चुके मामले और 61 मौतें शामिल हैं।

 

मिज़ोरम में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 210 नए मामले सामने आए। पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या अब 14,743 है जिसमें 3,578 सक्रिय मामले, 11,104 डिस्चार्ज हो चुके मामले और 61 मौतें शामिल हैं: सूचना और जनसंपर्क विभाग, मिज़ोरम सरकार #COVID19 pic.twitter.com/4MF7yQsmA4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 11, 2021

07:20 AM, 11-Jun-2021
Coronavirus Live: मौत का आंकड़ा फिर पहुंचा तीन हजार के पार, बीते 24 घंटे में दर्ज हुए 91,702 नए केस
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार अब धीमी पड़ती जा रही है। एक तरफ जहां संक्रमण के मामले तेजी से कम हो रहे हैं, वहीं दैनिक मौतों का आंकड़ा भी तीन हजार से कम आ रहा है। हालांकि कोरोना की दूसरी लहर ने पीक के दौरान देश में तबाही मचा दी थी। दूसरी लहर के दौरान लाखों लोगों की जान गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की माने तो इस साल एक मार्च यानी कोरोना वायरस की दूसरी लहर शुरू होने के बाद औसतन करीब 2000 लोगों की मौत हुई है। वहीं कोरोना के खिलाफ एकमात्र हथियार यानी वैक्सीनेशन को लेकर केंद्र सरकार और ज्यादा सख्त हो गई है। केंद्र सरकार ने वैक्सीनेशन का कमान को अपने हाथों में ले लिया है और अब 21 जून से 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी, इस दौरान केंद्र सरकार मुफ्त में राज्य सरकारों को कोरोना की वैक्सीन मुहैया कराएगी।

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चीन की उन्नत समाजवादी देश परियोजना: उपनिवेशवाद तथा कब्जे के नए तरीके जिनसे दुनिया है हैरान

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इस समय चीन न केवल भारत, बल्कि अमेरिका सहित दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी अलग-अलग वजहों से परेशानी का कारण बना हुआ है। एक साल पहले गलवां घाटी में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद केंद्र सरकार ने टिकटॉक समेत ढेरों चाइनीज एप्स पर देश में पाबंदी लगा दी थी। इन एप्स से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा बताया गया था। हालांकि विशेषज्ञ एप्स पर लगे प्रतिबंध को चीन के प्रति आशंकाओं का एक बहुत ही छोटा-सा हिस्सा मानते हैं। उस समय युद्ध जैसे हालात बनते बनते रह गए थे।दूसरी ओर यह देश भारत के पड़ोसी देशों में अपनी पकड़ लगातार बढ़ाता जा रहा है। पाकिस्तान को उसने पहले ही अपने कर्ज के जाल में फंसा रखा है। श्रीलंका में भी उसकी पैठ गहराती जा रही है। नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार में भी उसका दखल बढ़ रहा है।दुनिया इस समय कोरोना महामारी से जूझने में जुटी हुई है और चीन विस्तारवाद की राह पर अपनी गति बढ़ा रहा है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में कोविड से बचाव के टीकों को अधिक से अधिक लोगों को लगाने की जद्दोजहद चल रही है। वहीं विकासशील देशों में टीकों का टोटा चल रहा है और चीन इसका फायदा उठाने में जुटा हुआ है। भारत अभी भी अपनी पहली स्वदेशी कोविड वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता दिलाने की प्रक्रिया में है और चीन की दो वैक्सीन को यह अनुमति दी जा चुकी है।इतना ही नहीं चीन दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता और उत्पादक देश अमेरिका को पीछे छोड़ने से कुछ ही कदम पीछे रह गया है। उसने अब तक औसतन प्रत्येक 100 में से 50 नागरिकों को कोविड का टीका लगा दिया है। इतना ही नहीं चीन दुनिया के 60 देशों को मुफ्त या सस्ती वैक्सीन भी उपलब्ध करा चुका है।कोरोना से बढ़ रही मौतों से चिंतित अमेरिका ने दुनिया के जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देने का काम कुछ समय के लिए रोक दिया था। भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर ही वजह से यह काम रोक दिया गया था। उसी समय चीन ने दुनिया के अलग अलग भौगोलिक स्थिति वाले देशों को अपनी वैक्सीन दी। चीन में इस समय 49 वैक्सीन पर शोध किया जा रहा है और छह को वह अपने नागरिकों को लगा रहा है। चीन ने पिछले साल 2020 में ही छह कोविड वैक्सीन को देश के भीतर उपयोग की अनुमि दे दी थी और अब तक इनका प्रयोग किया जा रहा है।वैक्सीन उपनिवेशवादअमेरिका में इस समय 66 वैक्सीन पर शोध और उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। चीन इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है और तीसरे नंबर पर यूरोप के देश हैं। 2021 की शुरुआत के बाद चीन ने वैक्सीन राष्ट्रवाद का फायदा उठाया और मेक्सिको, पेरू, चिली, अर्जेंटीना, रूस, पाकिस्तान और इंडोनेशिया जैसे एक दर्जन से ज्यादा देशों में अपनी वैक्सीन का ट्रायल किया।वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने देश को ‘एडवांस्ड सोशलिस्ट कंट्री’ बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इससे अमेरिका और अन्य विकसित देश परेशान हैं। ‘एडवांस्ड सोशलिस्ट कंट्री’ प्रोजेक्ट के तहत चीन खुद को 2049 तक दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत के रूप में प्रतिष्ठित करना चाहता है। यदि वह इसे प्राप्त कर लेता है तो अमेरिका दूसरे पायदान पर पहुंच जाएगा। वहीं तकनीकी मोर्चे पर आगे दिखाई दे रहे कई यूरोपीय देशों की हैसियत भी कम हो जाएगी।चीन की डरावनी योजनाएंचीन की कई ऐसी भावी योजनाएं हैं, जो इस समय दुनिया को आश्चर्यचकित करने के साथ-साथ डरा भी रही हैं। निवेश और कर्ज के भी जाल में वह कई देशों को फांस चुका है। हमारा पड़ोसी देश बांग्लादेश भी उसके इस जाल में फंसता जा रहा है। चीन वहां 2030 तक 100 स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) स्थापित करने की घोषणा कर चुका है। इसमें अरबों डॉलर का निवेश करने के लिए कई चीनी कंपनियां भी तैयार हैं।बीआरआई योजनाइसी तरह चीन की बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) योजना है जिसके तहत 2049 तक दुनिया के करीब 70 देशों में बुनियादी संरचनाओं का निर्माण कर उन्हें एकसाथ लाया जा रहा है, लेकिन इसका असली मकसद व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करना व भारत और अमेरिका को घेरना है। इन तमाम योजनाओं में एक और महत्वाकांक्षी योजना है – ‘मेड इन चाइना 2025’ जिसे चीन ने साल 2015 में लॉन्च किया था। फिर अंतरिक्ष का क्षेत्र भी है जहां चीन अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कर दुनिया पर नजर रखने की महत्वाकांक्षा पाले हुए है। हाल ही में उसने अपने तीन अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में भेजा है। ये तीनों चीन के निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन में तीन महीने तक रहेंगे।अंतरिक्ष में चुनौतीअंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए चीन ने 2021 से 2022 के बीच 11 बार अंतरिक्ष यानों को भेजने की योजना बनाई है जिनमें तीन अभियान पूरे हो चुके हैं। वह तियांजू-2 कार्गो शिप को पहले ही अंतरिक्ष में भेज चुका है। चीनी एजेंसी के अनुसार 11 में से तीन बार उसके यानों से स्टेशन के मॉड्यूल, चार बार कार्गो स्पेसशिप और चार बार अंतरिक्ष यात्री स्टेशन के लिए रवाना होंगे। वह साल 2022 तक 10 ऐसे ही और मॉड्यूल लॉन्च करना चाहता है जो पृथ्वी का चक्कर लगाएंगे।आशंकित अमेरिकाअमेरिका कई बार आशंका जता चुका है कि चीन भविष्य में अपनी अंतरिक्ष परियोजनाओं का इस्तेमाल अमेरिका और उसके मित्र देशों की जासूसी करने में कर सकता है। यही वजह है कि वो खुद को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग कर चुका है और अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।जासूसी का खतरा?अब तक अंतरिक्ष में अमेरिका का वर्चस्व था। वह स्पेस सुप्रीमेसी का फायदा भी उठा रहा था। लेकिन अब चीन पर अंतरिक्ष से जासूसी करने के आरोप लगने लगे हैं। ताइवान पहले ही अपने सरकारी कर्मचारियों को उन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से मना कर चुका है जिसमें नेविगेशन के लिए चीनी सॉफ्टवेयर बाइदू इंस्टॉल हैं। उसे शक है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर जरूरी सूचनाएं चीन की सेना व सरकार तक पहुंचाई जा सकती हैं।आशंका की वजह क्या है?दरअसल, चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ‘चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ सेना का अंग है। इसलिए वह अपने हर प्रोजेक्ट के लिए सेना के प्रति उत्तरदायी है। हालांकि अंतरिक्ष अनुसंधान में चीन अब भी अमेरिका से काफी पीछे है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी प्रगति चौंकाने वाली है। चीन ने पिछले साल बाइदू नेटवर्क अभियान के तहत पांच टन वजनी उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित किया था। बाइदू नेटवर्क अमेरिका के विश्वव्यापी ‘ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) के विकल्प के रूप में बनाया गया है। चीन ने अपने इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 10 अरब डॉलर खर्च किए हैं।

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अनुच्छेद 370: केंद्रीय मंत्री तोमर बोले- दिग्विजय सिंह का बयान देश का कांग्रेस मुक्त कराने वाला

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:01 PM IST

सार
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर अब केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पलटवार किया है। तोमर ने कहा कि इसे बहाल करना संभव नहीं होगा।  

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
– फोटो : एएनआई

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयारकेंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विस्तार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।

तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।

कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयार
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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वार : कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल बोले- प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया

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पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:37 PM IST

सार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

कपिल सिब्बल
– फोटो : PTI

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है, लेकिन अपने राजनीतिक भाग्य को सुरक्षित मानते हुए वह कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद नहीं कर सकते।सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कोविड के दौरान चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यस्त थे। समाचार एजेंसी पीटीआई से चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का मतलब यह नहीं है कि पीएम को अपने कर्तव्य का निर्वहन रोक देना चाहिए और यह मान लेना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है। सिब्बल ने सरकार पर कोविड-19 टीकाकरण की रणनीति के लिए अपनी अयोग्यता के लिए भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक लापरवाही की हद है। महामारी से निपटने में सरकार की प्राथमिकताएं गलत और दोषपूर्ण हैं और ईमानदारी की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि टूलकिट मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि उनकी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए जालसाजी का एक प्रयास है।सिब्बल ने दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगियों को बचाने में निष्क्रियता के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बंद कर देना चाहिए।

विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है, लेकिन अपने राजनीतिक भाग्य को सुरक्षित मानते हुए वह कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद नहीं कर सकते।

सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कोविड के दौरान चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यस्त थे। समाचार एजेंसी पीटीआई से चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का मतलब यह नहीं है कि पीएम को अपने कर्तव्य का निर्वहन रोक देना चाहिए और यह मान लेना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है। 

सिब्बल ने सरकार पर कोविड-19 टीकाकरण की रणनीति के लिए अपनी अयोग्यता के लिए भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक लापरवाही की हद है। महामारी से निपटने में सरकार की प्राथमिकताएं गलत और दोषपूर्ण हैं और ईमानदारी की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि टूलकिट मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि उनकी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए जालसाजी का एक प्रयास है।
सिब्बल ने दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगियों को बचाने में निष्क्रियता के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बंद कर देना चाहिए।

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