Connect with us

India

French Open 2021: 15 हजार डॉलर का जुर्माना लगा तो नाओमी ओसाका ने टूर्नामेंट से नाम लिया वापस

Published

on

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

दुनिया की दूसरे नंबर की टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका ने सभी को चौंकाते हुए फ्रेंच ओपन (French Open 2021) से अपना नाम वापस ले लिया है। फ्रेंच ओपन के पहले राउंड में जीत दर्ज करने के बाद मीडिया से बात नहीं करने पर ओसाका पर 15,000 डालर (करीब 11 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है और आगे से ऐसा करने पर कठोर सजा की चेतावनी भी दी गई है।
जापानी टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका का कहना है कि पहले दौर की जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं जाने के लिए उन पर 15,000 अमेरिकी डालर का जुर्माना लगने के बाद वह फ्रेंच ओपन से हट रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘मैं एक सार्वजनिक वक्ता नहीं हूं और दुनिया की मीडिया से बात करने से पहले मुझे काफी घबराहट होने लगती है।’
 

 
ओसाका ने ट्वीट कर कहा कि, ‘सच्चाई ये है कि मैं साल 2018 में हुए यूएस ओपन से ही मानसिक तनाव से लड़ रही हूं, इससे उबरने में मुझे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। पेरिस में मैं पहले से ही असुरक्षित और चिंतित महसूस कर रही थी इसलिए मैंने सोचा कि अपनी भलाई के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस को छोड़ना बेहतर है। मैंने इसकी घोषणा पहले ही कर दी थी क्योंकि मुझे लगता है कि इस नियम के कुछ हिस्से पुराने हैं और मैं इसे उजागर करना चाहती थी।’
 
 
बता दें कि ओसाका ने फ्रेंच ओपन के पहले राउंड में शानदार शुरुआत करते हुए रोमानिया की पैट्रिसिया मारिया टिग को हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में जगह बना ली थी। चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता ओसाका ने एक घंटे 47 मिनट तक चले मुकाबले में 63वें रैंकिंग की पैट्रिसिया को 6-4, 7-6(4) से हराया।
यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन की गत विजेता ओसाका 2019 के बाद यह टूर्नामेंट में खेल रही थी। पिछले साल चोट के कारण वह फ्रेंच ओपन में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों के नियमों के मुताबिक, मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में अगर कोई खिलाड़ी मीडिया से बात करने से मना करता है तो उन पर 20,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।चार ग्रैंड स्लैम आयोजनकर्ताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, ’23 वर्षीय ओसाका को काफी जुर्माना और भविष्य के ग्रैंड स्लैम में निलंबन का सामना करना पड़ सकता है।ग्रैंड स्लैम नियमों का एक मुख्य तत्व मीडिया के साथ जुड़ने की खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है, चाहे उनके मैच का परिणाम कुछ भी हो। यह एक जिम्मेदारी है, जो खिलाड़ी, खेल और प्रशंसकों के लिए लेते हैं।’

विस्तार

दुनिया की दूसरे नंबर की टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका ने सभी को चौंकाते हुए फ्रेंच ओपन (French Open 2021) से अपना नाम वापस ले लिया है। फ्रेंच ओपन के पहले राउंड में जीत दर्ज करने के बाद मीडिया से बात नहीं करने पर ओसाका पर 15,000 डालर (करीब 11 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है और आगे से ऐसा करने पर कठोर सजा की चेतावनी भी दी गई है।

जापानी टेनिस खिलाड़ी नाओमी ओसाका का कहना है कि पहले दौर की जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं जाने के लिए उन पर 15,000 अमेरिकी डालर का जुर्माना लगने के बाद वह फ्रेंच ओपन से हट रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘मैं एक सार्वजनिक वक्ता नहीं हूं और दुनिया की मीडिया से बात करने से पहले मुझे काफी घबराहट होने लगती है।’

 

Japanese tennis player Naomi Osaka says she is withdrawing from French Open after she was fined USD 15,000 for not going to press conference following first round win
“I’m not a natural public speaker and get huge waves of anxiety before I speak to the world’s media,” she says. pic.twitter.com/f4W4vx2Zef
— ANI (@ANI) May 31, 2021

 
ओसाका ने ट्वीट कर कहा कि, ‘सच्चाई ये है कि मैं साल 2018 में हुए यूएस ओपन से ही मानसिक तनाव से लड़ रही हूं, इससे उबरने में मुझे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। पेरिस में मैं पहले से ही असुरक्षित और चिंतित महसूस कर रही थी इसलिए मैंने सोचा कि अपनी भलाई के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस को छोड़ना बेहतर है। मैंने इसकी घोषणा पहले ही कर दी थी क्योंकि मुझे लगता है कि इस नियम के कुछ हिस्से पुराने हैं और मैं इसे उजागर करना चाहती थी।’

 

pic.twitter.com/LN2ANnoAYD
— NaomiOsaka大坂なおみ (@naomiosaka) May 31, 2021

 

बता दें कि ओसाका ने फ्रेंच ओपन के पहले राउंड में शानदार शुरुआत करते हुए रोमानिया की पैट्रिसिया मारिया टिग को हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में जगह बना ली थी। चार बार की ग्रैंड स्लैम विजेता ओसाका ने एक घंटे 47 मिनट तक चले मुकाबले में 63वें रैंकिंग की पैट्रिसिया को 6-4, 7-6(4) से हराया।
यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन की गत विजेता ओसाका 2019 के बाद यह टूर्नामेंट में खेल रही थी। पिछले साल चोट के कारण वह फ्रेंच ओपन में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों के नियमों के मुताबिक, मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में अगर कोई खिलाड़ी मीडिया से बात करने से मना करता है तो उन पर 20,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
चार ग्रैंड स्लैम आयोजनकर्ताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, ’23 वर्षीय ओसाका को काफी जुर्माना और भविष्य के ग्रैंड स्लैम में निलंबन का सामना करना पड़ सकता है।ग्रैंड स्लैम नियमों का एक मुख्य तत्व मीडिया के साथ जुड़ने की खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है, चाहे उनके मैच का परिणाम कुछ भी हो। यह एक जिम्मेदारी है, जो खिलाड़ी, खेल और प्रशंसकों के लिए लेते हैं।’

Continue Reading

India

कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

Continue Reading

India

अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

Published

on

By

कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

Continue Reading

India

अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2017 Zox News Theme. Theme by MVP Themes, powered by WordPress.