Connect with us

India

Coronavirus Live: 54 दिन बाद मिले सबसे कम केस, बीते 24 घंटे में 2795 मरीजों की गई जान

Published

on

11:09 AM, 01-Jun-2021
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड टीकाकरण का जायजा लिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में चल रहे कोविड टीकाकरण महाअभियान का जायजा लिया।
उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में चल रहे कोविड टीकाकरण महाअभियान का जायज़ा लिया। #CovidVaccine
प्रदेश में आज से 75 जनपदों में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को निःशुल्क वैक्सीन लगाई जा रही है। https://t.co/rgrmiU2U5h pic.twitter.com/6AqGcmYBWm— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 1, 2021

10:45 AM, 01-Jun-2021
कर्नाटक के हुबली में शराब की दुकान के बाहर उमड़ी भीड़
कर्नाटक के हुबली के एक शराब की दुकान के बाहर लोग शराब खरीदने के लिए लाइन में खड़े दिखें। जिला प्रशासन ने शराब की दुकानों को सुबह छह बजे से सुबह आठ बजे तक खुलने की अनुमति दी है।
कर्नाटक: हुबली के एक शराब की दुकान के बाहर लोग शराब खरीदने के लिए लाइन में खड़े दिखें।
ज़िला प्रशासन ने शराब की दुकानों को सुबह 6 बजे से सुबह 8 बजे तक खुलने की अनुमति दी है। pic.twitter.com/Mfp1JpYBJW— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 1, 2021

10:33 AM, 01-Jun-2021
वायु भवन के पास तीन लोग गिरफ्तार, लॉकडाउन का किया उल्लंघन
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने जानकारी दी कि वायु भवन के पास तीन लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों किसान हैं और ये सिंघु बॉर्डर पर जा रहे थे।
Three persons were arrested for violating lockdown norms near Vayu Bhawan. They were farmers who were on their way to Singhu border: Delhi Police sources— ANI (@ANI) June 1, 2021

10:14 AM, 01-Jun-2021
पुणे में भाजपा विधायक समेत 60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने भाजपा विधायक महेश लांडगे समेत 60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये लोग पुणे में एक शादी के दौरान लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। 
Maharashtra Police registered a case against 60 people including BJP MLA Mahesh Landge for flouting COVID norms at a wedding ceremony in Pune
(Pic- Screengrab from viral screenshot) pic.twitter.com/3i92TWQh5D— ANI (@ANI) June 1, 2021

10:01 AM, 01-Jun-2021
दिल्ली में भारतीय और विदेशी शराब की होम डिलिवरी की अनुमति
दिल्ली सरकार ने भारतीय शराब और विदेशी शराब की होम डिलिवरी की अनुमति दी। ऑर्डर मोबाइल एप या ऑनलाइन वेब पोर्टल के जरिए करना होगा।
दिल्ली सरकार ने भारतीय शराब और विदेशी शराब की होम डिलीवरी की अनुमति दी। ऑर्डर मोबाइल ऐप या ऑनलाइन वेब पोर्टल के जरिए करना होगा।— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 1, 2021

09:53 AM, 01-Jun-2021
बीते 24 घंटे में 27,80,058 लोगों को लगी वैक्सीन
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 27,80,058 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 21,60,46,638 हुआ।
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 27,80,058 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 21,60,46,638 हुआ। #CovidVaccine https://t.co/3IhmIVFCqs— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 1, 2021

09:43 AM, 01-Jun-2021
बीते 24 घंटे में 19,25,374 लोगों का हुआ टेस्ट – आईसीएमआर
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, भारत में कल तक कोरोना वायरस के लिए कुल 34,67,92,257 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 19,25,374 सैंपल कल टेस्ट किए गए।
#COVID19 | A total of 34,67,92,257 samples tested up to May 31. Of which 19,25,374 samples were tested yesterday: Indian Council of Medical Research (ICMR) pic.twitter.com/IFJLBFB65l— ANI (@ANI) June 1, 2021

09:33 AM, 01-Jun-2021
54 दिन बाद सबसे कम मामले हुए दर्ज, बीते 24 घंटे में 2795 हुई मौतें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश में 54 दिन बाद सबसे कम मामले दर्ज किए गए हैं। बीते 24 घंटे में देश में 1.27 लाख मामले सामने आए हैं। वहीं दैनिक मौतों का आंकड़ा तीन हजार से नीचे रहा है। बीचे 24 घंटे में 2795 मरीजों की जान गई है और 2.55 लाख से ज्यादा मरीज एक दिन में ठीक होकर अपने घर वापस गए हैं।
India reports 1,27,510 new #COVID19 cases, 2,55,287 discharges & 2,795 deaths in last 24 hrs, as per Health Ministry
Total cases: 2,81,75,044
Total discharges: 2,59,47,629
Death toll: 3,31,895
Active cases: 18,95,520
Total vaccination: 21,60,46,638 pic.twitter.com/AgS0JDgEGH— ANI (@ANI) June 1, 2021

09:25 AM, 01-Jun-2021
ब्लैक फंगस पर मोदी सरकार से राहुल गांधी ने पूछे तीन सवाल
राहुल गांधी ने एक बार फिर ट्वीट कर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर मोदी सरकार से ब्लैक फंगस को लेकर तीन सवाल पूछे। राहुल गांधी ने कहा कि ब्लैक फंगस की दवा की कमी को लेकर सरकार क्या कर रही है? इसके अलावा राहुल गांधी ने पूछा कि मरीजों को ये दवा दिलाने की प्रक्रिया क्या है और इलाज देने की बजाय मोदी सरकार जनता को औपचारिकताओं में क्यों फंसा रही है?
Black fungus महामारी के बारे में केंद्र सरकार स्पष्ट करे-
1. Amphotericin B दवाई की कमी के लिए क्या किया जा रहा है?
2. मरीज़ को ये दवा दिलाने की क्या प्रक्रिया है?
3. इलाज देने की बजाय मोदी सरकार जनता को औपचारिकताओं में क्यों फँसा रही है?— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 1, 2021

09:12 AM, 01-Jun-2021
हरियाणा: 1246 मामले हुए दर्ज, 80 लोगों की हुई मौत
हरियाणा में पिछले 24 घंटे में कोविड 19 के 1,246 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 3,671 लोग डिस्चार्ज हुए और 82 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई।
हरियाणा में पिछले 24 घंटे में #COVID19 के 1,246 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 3,671 लोग डिस्चार्ज हुए और 82 लोगों की मृत्यु दर्ज़ की गई।
सक्रिय मामले: 18,580
कुल मामले: 7,56,635 pic.twitter.com/MEU3WoOc39— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 31, 2021

08:55 AM, 01-Jun-2021
झारखंड के सीएम ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री को सोमवार को पत्र लिख कर राज्य के 18 से 45 आयु वर्ग के लगभग एक करोड़ 57 लाख लोगों के लिए कोविड-19 के मुफ्त टीकों का इंतजाम करने का आग्रह किया।
Jharkhand CM Hemant Soren wrote to PM Modi requesting to provide free vaccine for beneficiaries of all age groups & give freedom to define priorities for vaccination coverage pic.twitter.com/nUz7bzHsm5— ANI (@ANI) June 1, 2021

08:33 AM, 01-Jun-2021
यूपी में आज से 18+ लोगों को मुफ्त में लगेगी वैक्सीन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए निःशुल्क कोविड टीकाकरण महाभियान प्रारम्भ हो रहा है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस महाभियान को सफल बनाएं।
आज से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए निःशुल्क कोविड टीकाकरण महाभियान प्रारम्भ हो रहा है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस महाभियान को सफल बनाएं: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल तस्वीर) pic.twitter.com/U6uLqD6dfR— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 1, 2021

08:16 AM, 01-Jun-2021
हिमाचल प्रदेश में 18+ वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की मांग कर रहे युवा
हिमाचल प्रदेश में युवाओं ने 18+ लोगों के लिए वैक्सीनेशन की रफ्तार को और बढ़ाने की मांग की है। वहां मौजूद एक स्थानीय का कहना है कि हमारी सरकार से मांग है कि प्रति दिन स्लॉट की संख्या को बढ़ाया जाए।
Himachal Pradesh: Youths in Shimla demands to ramp up vaccination for people above 18 years of age
“People are not getting slots as only 100 slots are available at a centre per day. I demand that more centres be set up to vaccinate more people,” says a local. (31.05) pic.twitter.com/K9szoqwZCX— ANI (@ANI) June 1, 2021

08:04 AM, 01-Jun-2021
मिजोरम में बीते 24 घंटे में 312 मामले सामने आए
मिजोरम में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 312 नए मामले सामने आए। पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या अब 12,399 है जिसमें 3,145 सक्रिय मामले, 9,214 डिस्चार्ज हो चुके मामले और 40 मौतें शामिल हैं।

मिज़ोरम में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 312 नए मामले
सामने आए। पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या अब 12,399 है जिसमें 3,145 सक्रिय मामले, 9,214 डिस्चार्ज हो चुके मामले और 40 मौतें शामिल हैं: सूचना और जनसंपर्क विभाग, मिज़ोरम सरकार #COVID19 pic.twitter.com/s51TaKISBU— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 1, 2021

07:55 AM, 01-Jun-2021
गौतमबुद्ध नगर जिले में 30 जून तक धारा 144
गौतमबुद्धनगर जिले में 30 जून तक सीआरपीसी की धारा 144 लागू की गई। जिले की अपर पुलिस उपायुक्त श्रद्धा पांडे ने धारा 144 के तहत दिशानिर्देश जारी किया।

 

गौतमबुद्धनगर ज़िले में 30 जून तक सीआरपीसी की धारा 144 लागू की गई। ज़िले की अपर पुलिस उपायुक्त श्रद्धा पांडे ने धारा 144 के तहत दिशानिर्देश जारी किया। #UttarPradesh pic.twitter.com/2IsTLYSUwL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 1, 2021

Continue Reading

India

एक्सक्लूसिव: दूसरे जंगल में छोड़ने के बाद भी अपने ‘घर’ लौट आए तेंदुए, रेडियो कॉलर से पहली बार मिले साक्ष्य

Published

on

By

विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 24 Jun 2021 02:01 AM IST

सार
रेडियो कॉलर लगाए जाने से पता चला है कि तेंदुओं में अपने वास स्थल को पहचानने का खास गुण होता है। 

तेंदुआ
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

उत्तराखंड वन विभाग की ओर से पकड़कर करीब सौ किलोमीटर दूर दूसरे जंगल में छोड़े गए तेंदुए अपने पुराने वास स्थल में लौट रहे हैं। रेडियो कॉलर लगाकर छोड़े गए तेंदुओं के अपने पुराने वास स्थल में लौट आने से इसकी पुष्टि हुई है।  बाघ, तेंदुए अपने वास वाले भूभाग की सीमा निर्धारण के लिए पेड़ों पर पंजे से निशान बनाने से लेकर सीमा पर यूरिन करने तक के उपाय करते हैं। जब उनके क्षेत्र में कोई अन्य बाघ या तेंदुआ आ जाता है तो उनमें संघर्ष भी होता है। इसमें जो कमजोर साबित होता है, उसे इलाके से हटना पड़ता है।कई बार आपसी संघर्ष में ये जीव मारे भी जाते हैं। अब रेडियो कॉलर लगाए जाने से पता चला है कि तेंदुओं में अपने वास स्थल को पहचानने का खास गुण होता है। बागेश्वर वन प्रभाग में पिछले साल नवंबर और मार्च-2021 में दो तेंदुए पकड़े गए थे।इन तेंदुओं की हलचल पर नजर रखने के लिए वीएचएस तकनीक पर आधारित और सेटेलाइट पर काम करने वाले रेडियो कॉलर लगाया गया। बागेश्वर वन प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ और वर्तमान में तराई पश्चिम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी बीएस शाही बताते हैं कि नवंबर में पकड़े गए करीब सात साल के तेंदुए को उसके वास स्थल से करीब अस्सी किमी दूर दूसरे जंगल में छोड़ा गया।इसी तरह मार्च में दूसरे तेंदुए को भी सौ किमी दूर छोड़ा गया। उनकी गतिविधि कीजानकारी रेडियो कॉलर से मिल रही थी। ये तेंदुए कई किमी चलकर अपने पुराने प्राकृतिक वास स्थल में पहुंच गए। उन्हें अपने पुराने वास स्थल में पहुंचने में कई दिन भी लगे थे।
मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजिस्वनी पाटिल का कहना है कि यह पहली बार है जब वास स्थल से दूर छोड़े गए तेंदुओं के अपने वास स्थल को पहचान कर वापस वहीं पहुंचने का पुष्ट साक्ष्य मिला है। वन्यजीवों और पक्षियों को दूसरे क्षेत्र में छोड़ने पर उनके फिर से अपने इलाके में लौटने की क्षमता को घर लौटने की प्रवृत्ति (होमिंग इन्स्टिंक्ट) कहते हैं। मसलन कबूतर, बिल्ली आदि में भी इस प्रकार की प्रवृत्ति होती है।हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के पूर्व उप निदेशक व वन्यजीव विशेषज्ञ जीएस कार्की का कहना है कि तेंदुए का वास स्थल कई बातों पर निर्भर करता है। एक तो एक ही इलाके में दो नर तेंदुए तो नहीं हैं। ऐसी स्थिति में नर तेंदुओं में आपसी संघर्ष होगा। दूसरा, वास स्थल में तेंदुए के शिकार और भोजन के लिए जानवर  हैं कि नहीं। तेंदुए अपनी सीमा बनाने के साथ पहचान के निशान छोड़ते हैं। वह लंबी दूरी भी तय करते हैं। ऐसे में संभावना है कि वह परिस्थितियों और सीमा बनाने की आदत के चलते अपने इलाके में पहुंच गए हों। यह एक संयोग भी हो सकता है।

विस्तार

उत्तराखंड वन विभाग की ओर से पकड़कर करीब सौ किलोमीटर दूर दूसरे जंगल में छोड़े गए तेंदुए अपने पुराने वास स्थल में लौट रहे हैं। रेडियो कॉलर लगाकर छोड़े गए तेंदुओं के अपने पुराने वास स्थल में लौट आने से इसकी पुष्टि हुई है।  

बाघ, तेंदुए अपने वास वाले भूभाग की सीमा निर्धारण के लिए पेड़ों पर पंजे से निशान बनाने से लेकर सीमा पर यूरिन करने तक के उपाय करते हैं। जब उनके क्षेत्र में कोई अन्य बाघ या तेंदुआ आ जाता है तो उनमें संघर्ष भी होता है। इसमें जो कमजोर साबित होता है, उसे इलाके से हटना पड़ता है।

कई बार आपसी संघर्ष में ये जीव मारे भी जाते हैं। अब रेडियो कॉलर लगाए जाने से पता चला है कि तेंदुओं में अपने वास स्थल को पहचानने का खास गुण होता है। बागेश्वर वन प्रभाग में पिछले साल नवंबर और मार्च-2021 में दो तेंदुए पकड़े गए थे।
इन तेंदुओं की हलचल पर नजर रखने के लिए वीएचएस तकनीक पर आधारित और सेटेलाइट पर काम करने वाले रेडियो कॉलर लगाया गया। बागेश्वर वन प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ और वर्तमान में तराई पश्चिम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी बीएस शाही बताते हैं कि नवंबर में पकड़े गए करीब सात साल के तेंदुए को उसके वास स्थल से करीब अस्सी किमी दूर दूसरे जंगल में छोड़ा गया।
इसी तरह मार्च में दूसरे तेंदुए को भी सौ किमी दूर छोड़ा गया। उनकी गतिविधि कीजानकारी रेडियो कॉलर से मिल रही थी। ये तेंदुए कई किमी चलकर अपने पुराने प्राकृतिक वास स्थल में पहुंच गए। उन्हें अपने पुराने वास स्थल में पहुंचने में कई दिन भी लगे थे।

लंबी दूरी तय करते हैं तेंदुए

मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजिस्वनी पाटिल का कहना है कि यह पहली बार है जब वास स्थल से दूर छोड़े गए तेंदुओं के अपने वास स्थल को पहचान कर वापस वहीं पहुंचने का पुष्ट साक्ष्य मिला है। वन्यजीवों और पक्षियों को दूसरे क्षेत्र में छोड़ने पर उनके फिर से अपने इलाके में लौटने की क्षमता को घर लौटने की प्रवृत्ति (होमिंग इन्स्टिंक्ट) कहते हैं। मसलन कबूतर, बिल्ली आदि में भी इस प्रकार की प्रवृत्ति होती है।हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के पूर्व उप निदेशक व वन्यजीव विशेषज्ञ जीएस कार्की का कहना है कि तेंदुए का वास स्थल कई बातों पर निर्भर करता है। एक तो एक ही इलाके में दो नर तेंदुए तो नहीं हैं। ऐसी स्थिति में नर तेंदुओं में आपसी संघर्ष होगा। दूसरा, वास स्थल में तेंदुए के शिकार और भोजन के लिए जानवर  हैं कि नहीं। तेंदुए अपनी सीमा बनाने के साथ पहचान के निशान छोड़ते हैं। वह लंबी दूरी भी तय करते हैं। ऐसे में संभावना है कि वह परिस्थितियों और सीमा बनाने की आदत के चलते अपने इलाके में पहुंच गए हों। यह एक संयोग भी हो सकता है।

आगे पढ़ें

लंबी दूरी तय करते हैं तेंदुए

Continue Reading

India

नैनीताल: कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कम होते ही पर्यटकों से गुलजार हुई सरोवर नगरी, पार्किंग भी फुल, तस्वीरें… 

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 24 Jun 2021 12:16 AM IST

कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कम होते ही नैनीताल आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को नैनीताल में पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। इसके चलते मल्लीताल डीएसए कार पर्किंग में दोपहर के बाद पार्किंग फुल का बोर्ड लग गया। दूसरी ओर पुलिसकर्मी भी दिनभर यातायात व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
शहर में बीते एक सप्ताह से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। बुधवार को भी नैनीताल के पर्यटक स्थलों पर बड़ी संख्या में सैलानी नजर आए। देर शाम तक तल्लीताल स्थित लेक ब्रिज और बारापत्थर से लगभग एक हजार पर्यटक वाहनों ने शहर में प्रवेश किया।
उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में मिले 149 नए संक्रमित, पांच की मौत, 95.36 फीसदी पहुंचा रिकवरी रेट
इससे नैनीताल के डीएसए की पार्किंग फुल हो गई। इधर पूरे दिन पंतपार्क, मॉलरोड, चाट बाजार और बैंड स्टैंड में पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ था। सैलानियों ने पूरे दिन नैनीझील में नौकायन का लुत्फ उठाया।
बारिश से आफत: 30 घंटे में तय हो रहा चार घंटे का सफर, लकड़ी के लट्ठों के सहारे नाले पार कर रहे लोग, तस्वीरें…
बारापत्थर में पर्यटकों ने घुड़सवारी का आनंद भी लिया। पर्यटकों ने सुहावने मौसम के बीच खूब मौजमस्ती की। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखकर कारोबारियों के चेहरे पर भी रौनक आ गई है।

Continue Reading

India

शर्मनाक: जिस लैब से फैला कोरोना, चीन ने अवार्ड के लिए किया नामित

Published

on

By

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 24 Jun 2021 01:45 AM IST

सार
चाइनीज अकाडेमी ऑफ साइंसेज ने कोविड-19 पर बेहतरीन रिसर्च करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए वुहान लैब को शीर्ष अवार्ड देने के इरादे से उसे नामित किया है

वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी
– फोटो : विकी कॉमन

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कोरोना वायरस ने दुनिया भर में एक साल से ज्यादा का समय पूरा कर लिया है, लाखों जानें ले चुका ये वायरस दुनिया जानती है कि चीन स्थित वुहान लैब से निकला। पहला केस भी वुहान में पाया गया था। वहीं हैरान करने वाली बात यह है इस विवादित लैब को चीन ने अवार्ड के लिए नामित किया है।चीन ने वुहान की इस विवादित लैब को चाइनीज अकाडेमी ऑफ साइंसेज ने कोविड-19 पर बेहतरीन रिसर्च करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए सबसे बड़े अवार्ड को देने के इरादे से उसे नामित किया है। कई रिपोर्ट्स में यह बताया जा रहा है कि चीन की अकाडेमी ऑफ साइंसेज की तरफ से कहा गया है कि इस लैब द्वारा किए गए महत्वपूर्व रिसर्च की बदौलत कोरोना वायरस की उत्पति, महामारी विज्ञान और इसके रोगजनक मैकनिज्म को समझने में मदद मिली है। इसके परिणामों के फलस्वरूप कोरोना वायरस के खिलाफ दवाओं और वैक्सीन को बनाने का रास्ता साफ हुआ। साथ ही वुहान लैब ने महामारी के प्रसार को रोकने और बचाव के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी समर्थन मुहैया कराया। अकाडेमी के अनुसार, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के रिसर्च ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम और कोरोना की काट यानी कोरोना की वैक्सीन बनाने की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दिया है। डॉ. फॉसी ने जताई थी आशंका, लैब से फैला कोरोनाडॉ. फॉसी ने कहा था, वह शुरू से ही कोरोना वायरस के प्रयोगशाला लीक होने की थ्योरी को लेकर तैयार थे। उन्होंने माना कि ये संभवतया एक इंजीनियर्ड वायरस हो सकता है जिसका प्रयोगशाला से आकस्मिक रिसाव हो गया। हालांकि लीक थ्योरी का समर्थन करने के बावजूद फॉसी का मानना है कि जानवरों के प्रसार के कारण इस महामारी की उत्पत्ति की अधिक संभावना है। एक फरवरी को वैज्ञानिकों से फोन कॉल पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए फॉसी ने कहा, मुझे अच्छी तरह याद है कि हमने तत्कालीन स्थिति पर सावधानीपूर्वक गौर करने का निर्णय लिया। उस कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़े कई वैज्ञानिकों में से एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ क्रिस्टन एंडरसन भी थे। एंडरसन ने ही इस कॉल से एक दिन पहले फॉसी को लिखे ईमेल में कोरोना वायरस की असामान्य विशेषताओं का जिक्र किया था। उन्होंने इसके कुछ इंजीनियर्ड दिखने वाले गुणों का पता लगाने के लिए इसके सभी अनुक्रमों की करीबी पड़ताल करने की जरूरत बताई थी। 

विस्तार

कोरोना वायरस ने दुनिया भर में एक साल से ज्यादा का समय पूरा कर लिया है, लाखों जानें ले चुका ये वायरस दुनिया जानती है कि चीन स्थित वुहान लैब से निकला। पहला केस भी वुहान में पाया गया था। वहीं हैरान करने वाली बात यह है इस विवादित लैब को चीन ने अवार्ड के लिए नामित किया है।

चीन ने वुहान की इस विवादित लैब को चाइनीज अकाडेमी ऑफ साइंसेज ने कोविड-19 पर बेहतरीन रिसर्च करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए सबसे बड़े अवार्ड को देने के इरादे से उसे नामित किया है। 

कई रिपोर्ट्स में यह बताया जा रहा है कि चीन की अकाडेमी ऑफ साइंसेज की तरफ से कहा गया है कि इस लैब द्वारा किए गए महत्वपूर्व रिसर्च की बदौलत कोरोना वायरस की उत्पति, महामारी विज्ञान और इसके रोगजनक मैकनिज्म को समझने में मदद मिली है। 
इसके परिणामों के फलस्वरूप कोरोना वायरस के खिलाफ दवाओं और वैक्सीन को बनाने का रास्ता साफ हुआ। साथ ही वुहान लैब ने महामारी के प्रसार को रोकने और बचाव के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी समर्थन मुहैया कराया। अकाडेमी के अनुसार, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के रिसर्च ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम और कोरोना की काट यानी कोरोना की वैक्सीन बनाने की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दिया है। 
डॉ. फॉसी ने जताई थी आशंका, लैब से फैला कोरोना
डॉ. फॉसी ने कहा था, वह शुरू से ही कोरोना वायरस के प्रयोगशाला लीक होने की थ्योरी को लेकर तैयार थे। उन्होंने माना कि ये संभवतया एक इंजीनियर्ड वायरस हो सकता है जिसका प्रयोगशाला से आकस्मिक रिसाव हो गया। 

हालांकि लीक थ्योरी का समर्थन करने के बावजूद फॉसी का मानना है कि जानवरों के प्रसार के कारण इस महामारी की उत्पत्ति की अधिक संभावना है। 
एक फरवरी को वैज्ञानिकों से फोन कॉल पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए फॉसी ने कहा, मुझे अच्छी तरह याद है कि हमने तत्कालीन स्थिति पर सावधानीपूर्वक गौर करने का निर्णय लिया। उस कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़े कई वैज्ञानिकों में से एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ क्रिस्टन एंडरसन भी थे। 

एंडरसन ने ही इस कॉल से एक दिन पहले फॉसी को लिखे ईमेल में कोरोना वायरस की असामान्य विशेषताओं का जिक्र किया था। उन्होंने इसके कुछ इंजीनियर्ड दिखने वाले गुणों का पता लगाने के लिए इसके सभी अनुक्रमों की करीबी पड़ताल करने की जरूरत बताई थी। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2017 Zox News Theme. Theme by MVP Themes, powered by WordPress.