Connect with us

India

CBSE Board 12th Exam 2021 LIVE: केंद्र सरकार परीक्षाओं के संबंध में आज ले सकती है फैसला

Published

on

03:12 PM, 01-Jun-2021
आज आ सकता है फैसला, पीएम की समीक्षा बैठक
आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अहम बैठक हो सकती है। सभी राज्यों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के परिणामस्वरूप उन्हें सभी संभावित विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

Prime Minister Narendra Modi will chair an important meeting regarding Class 12 Board Examinations, this evening. He will be briefed on all possible options, as a result of the extensive discussions with all states and other stakeholders: GoI Sources pic.twitter.com/3sLKMPmOMW— ANI (@ANI) June 1, 2021

02:44 PM, 01-Jun-2021
ममता शर्मा ने ट्वीट कर शिक्षा मंत्री के जल्द स्वस्थ होने की कामना की

ममता शर्मा ने शिक्षा मंत्री के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने ट्वीट किया है कि उम्मीद है कि हमारे शिक्षा मंत्री को यह एहसास होगा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों को घातक वायरस के संपर्क में लाना कोई समझदारी भरा फैसला नहीं है।

Wishing for his speedy recovery. Hopefully our Education Minister will realise that exposing millions of students and their families to deadly virus is not a wise decision. #COVID19 #SaveLives #cancelboardexams2021 https://t.co/dhGz3vezid
— Mamta Sharma (@AdvMamtaSharma) June 1, 2021

02:25 PM, 01-Jun-2021
कॉमन एंट्रेंस टेस्ट या बारहवीं के अंकों के आधार पर होगा दाखिला
विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए डीयू प्रशासन दो विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। पहले कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाए। दूसरा, पहले की ही तरह बारहवीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर दाखिला प्रक्रिया पूरी की जाए। हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। उम्मीद थी कि 1 जून को बारहवीं बोर्ड का फैसले आने के बाद डीयू द्वारा भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। किंतु शिक्षा मंत्री का स्वास्थ्य खराब होने की वजह से यह प्रक्रिया और आगे बढ़ गई है।

02:15 PM, 01-Jun-2021
कोरोना महामारी की वजह से प्रवेश परीक्षा आयोजित करना मुश्किल
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जिस तरह की स्थितियां बनी हैं, उनसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेस टेस्ट से दाखिले मुश्किल लग रहे हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि कॉमन एंट्रेस टेस्ट नहीं हुए तो पहले ही तरह ही दाखिला प्रक्रिया हो सकती है।

02:03 PM, 01-Jun-2021
अटकी दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिले की प्रक्रिया
दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला बारहवीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर दिया जाता है। लेकिन बारहवीं बोर्ड परीक्षा पर फैसला न होने की वजह से डीयू दाखिला प्रक्रिया भी प्रभाव पड़ रहा है। इसी तरह विभिन्न विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया में देरी होते जा रही है।

 

01:51 PM, 01-Jun-2021
एसएसयूएन ने पीएम और शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (एसएसयूएन) के संगठन सचिव अतुल कोठारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक दोनों को पत्र लिखा है। सोमवार को लिखे इस पत्र में उन्होंने दो दिनों के अंदर परीक्षाओं के संबंध में निर्णय लेने का आग्रह किया है। 

12:22 PM, 01-Jun-2021
आज नहीं आएगा फैसला, करना होगा और इंतजार
कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों को अभी और इंतजार करना होगा। शिक्षा मंत्री की तबीयत बिगड़ने की वजह से आज फैसला आने की संभावनाएं कम हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अब फैसला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान ही लिया जाएगा। 

12:05 PM, 01-Jun-2021
हाल ही में हुए थे काेरोना संक्रमित
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को आज एम्स में भर्ती किया गया है। यह सूचना न्यूज एजेंसी एनआई को एम्स के अधिकारी द्वारा दी गई है। बता दें शिक्षा मंत्री की हाल ही में कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी।  

Union Education Minister Dr Ramesh Pokhriyal Nishank admitted to AIIMS due to post COVID complications today: AIIMS officials
(File pic) pic.twitter.com/w1xMx8xhmt
— ANI (@ANI) June 1, 2021

11:59 AM, 01-Jun-2021
केंद्र को कोर्ट में देना होगा जवाब
12वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका पर हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए पिछले साल की नीति अपनाने की सलाह दी थी। यदि केंद्र पिछले साल की नीति को नहीं अपनाने का निर्णय लेता है, तो उन्हें कोर्ट को कारण बताना पड़ेगा और कोर्ट आगे इसकी जांच भी कर सकता है।

11:56 AM, 01-Jun-2021
नीट यूजी 2021 के संबंध में नहीं हुई कोई घोषणा
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2021 के अप्रैल और मई की परीक्षाओं को कोरोनावायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्थगित कर दिया गया था। हालांकि एनटीए ने अभी तक नीट यूजी 2021को स्थगित करने की कोई घोषणा नहीं की है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा 1 अगस्त को निर्धारित है। 

11:49 AM, 01-Jun-2021
कक्षा ग्यारहवीं के औसत अंक मांगे गए
सीआईएससीई ने सभी विद्यालयों से कक्षा बारहवीं में पढ़ रहे छात्रों के अंक मांगे हैं। इसमें कक्षा ग्यारहवीं (2019-20) के सभी विषयों में प्राप्त औसत अंक और कक्षा बारहवीं (2020-21) के सभी विषयों के लिए आयोजित विभिन्न तरह की परीक्षाओं के अंक शामिल हैं।

11:41 AM, 01-Jun-2021
सीआईएससीई ने प्रधानाचार्याें को लिखा पत्र
सीआईएससीई द्वारा कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है। पीटीआई के अनुसार सीआईएससीई ने स्कूल के प्रधानाचार्यों को एक पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि सीआईएससीई कक्षा 12वीं की परीक्षा के लिए सभी स्कूलों से डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया जारी है। इसलिए, आपसे कक्षा 12 के विद्यार्थियों के संबंध में मांगी गई जानकारी प्रदान करने का अनुरोध किया जाता है।

11:20 AM, 01-Jun-2021
व्हाट्सएप ग्रुपों में दहशत के आधार नहीं तय होगा टीकाकरण
नरेंद्र मोदी सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि व्हाट्सएप ग्रुपों में तीसरी लहर में बच्चों को खतरे की आशंकाओं वाले मैसेज के आधार पर बच्चों का टीकाकरण करने का फैसला नहीं किया जाना चाहिए। “बच्चों के लिए टीका कितना सुरक्षित है, इस बारे में अध्ययन हो रहे हैं। भारत में भी जल्द ही बच्चों पर ट्रायल शुरू होने जा रहे हैं। हालांकि, बच्चों का टीकाकरण व्हाट्सएप ग्रुपों में दहशत के आधार पर तय नहीं किया जाना चाहिए और क्योंकि कुछ राजनेता राजनीति करना चाहते हैं। परीक्षणों के आधार पर पर्याप्त डेटा उपलब्ध होने के बाद यह हमारे वैज्ञानिकों द्वारा लिया गया निर्णय होना चाहिए।

11:13 AM, 01-Jun-2021
फैसले में देरी की वजह से विदेश के कॉलेजों में दाखिल मिलने में हो सकती है परेशानी
कई राज्य सरकारों को चिंता है कि अगर कक्षा 12वीं की परीक्षा में और देरी होती है, तो कॉलेज में प्रवेश में भी देरी होगी। याचिकाकर्ता अधिवक्ता ममता शर्मा ने भी अपनी पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है, अन्यथा जो छात्र विदेश में आवेदन करना चाहते हैं उन्हें विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

11:08 AM, 01-Jun-2021
हरियाण बोर्ड कर रहा है परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा शिक्षा मंत्री कनवर पाल ने कहा है कि बोर्ड कक्षा बारहवीं की परीक्षाएं कराने के लिए तैयार है। रविवार को जारी बयान में कहा गया है कि बोर्ड 15 जून से 20 जून के बीच परीक्षाएं आयोजित कर सकता है। 

Continue Reading

India

राजनीति: शरद पवार के मन में कौन सी खिचड़ी पक रही है, क्या पीके के साथ मिल कर हो रही महागठबंधन बनाने की तैयारी?

Published

on

By

सार
शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन अरविंद केजरीवाल, मायावती, अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है…

शरद पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात
– फोटो : अमर उजाला (फाइल)

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

एनसीपी प्रमुख शरद पवार बिना किसी को भनक लगे राजनीति की चिड़िया के पर गिन लेने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उनकी राजनीति की चाल को उनके दोस्त भी समझ पाने में गच्चा खा जाते हैं। इन दिनों भी कुछ ऐसा ही है। एनसीपी प्रमुख ने सप्ताह के भीतर दो बार चुनाव प्रचार अभियान के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से भेंट की है। इस भेंट का कोई रहस्य बाहर नहीं आया है। एनसीपी के एक सांसद कहते हैं कि जब तक पवार साहब कुछ नहीं बताएंगे, पता भी नहीं चलेगा। इसलिए मैं क्या कह सकता हूं। उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले के सचिवालय को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हां, इतना जरूर है कि प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में उतरकर पारी खेलने के लिए तैयार हैं।
क्या राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने का होगा प्रयास?
प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव प्रचार अभियान में रणनीतिकार की भूमिका का काम छोड़ देंगे। इससे पहले प्रशांत किशोर 12 जून को शरद पवार से मिले थे। एनसीपी के नेता नवाब मलिक को फिलहाल देश में समान विचारधारा वाले दलों के एक महागठबंधन की जरूरत महसूस हो रही है।ऐसे में विपक्ष के खेमे में सबसे ज्यादा हलचल शरद पवार और प्रशांत किशोर की दूसरी भेंट को लेकर ही है। भाजपा छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए और राष्ट्र मंच बनाने वाले यशवंत सिन्हा भी 22 जून को शरद पवार के घर में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। शरद पवार के अलावा करीब 12-14 दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शरीक होंगे।संघ के विचारकों में गिने जाने वाले भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री और नब्बे के दशक में राजनीति में छाये रहने वाले एक पूर्व राजनेता का कहना है कि हो सकता है पवार साहब राजनीतिक गोलबंदी करने की योजना बना रहे हों। क्या पता किसी तीसरे मोर्चे की कोशिश चल रही हो? क्योंकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन तथा पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बस का कुछ खास नहीं है।
होगा वही जो शरद पवार चाहेंगे
कांग्रेस के नेता महेंद्र जोशी ने भी शरद पवार के तमाम दौर देखे हैं। वह कहते हैं कि आखिर मैं शरद पवार के बारे में क्या बता सकता हूं। न जाने उनके मन में क्या खिचड़ी पक रही है। दरअसल शरद पवार राजनीति की शतरंज के मंजे खिलाड़ी हैं और घोड़े की ढाई कदम की चाल की कला उनके अंगुलियों पर रहती है।हालांकि महाराष्ट्र के ही कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि उनके प्रदेश के अध्यक्ष नाना पटोले को थोड़ा संभलकर और अपने शब्दों को तोलकर बोलना चाहिए। यह समझाइश इस बिना पर आई है कि 22 जून को विपक्ष के नेताओं से मिलकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना को खास संदेश दे रहे हैं।महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता इस राजनीतिक संदेश को मानते भी हैं और उनका कहना है कि देश में कोई महागठबंधन या शरद पवार द्वारा उसके नेतृत्व का मामला अभी बहुत प्रारंभिक स्थिति में है। कुछ भी कहना जल्दबाजी है। लेकिन फिर भी महाराष्ट्र में वही होगा जो शरद पवार चाहेंगे।एनसीपी के एक नेता मानते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार की पहली निगाह यथाशीघ्र महाराष्ट्र की मौजूदा शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की सरकार को गिरा देने की है। इसकी कोशिशें भी चल रही हैं। वह शिवसेना के विधायक के बयान का भी जिक्र इसी से जोड़कर करते हैं।कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र फिलहाल उद्धव ठाकरे और शरद पवार का सबकुछ दांव पर है। इसलिए हमारी विवशता है कि हम महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ बने रहें और शिवसेना की सरकार चलती रहे। बताते हैं 22 जून की बैठक का इससे भी एक बड़ा लेना-देना है।
क्या प्रधानमंत्री मोदी का विकल्प बनेंगे शरद पवार?
शरद पवार राजनीति में क्या करेंगे, क्या सोचेंगे और कब क्या कहेंगे और अंत में क्या निर्णय लेंगे, यह उनके सिवाय कोई नहीं जानता। फिलहाल 22 जून को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करके वह देश में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक माहौल जरूर बनाते नजर आएंगे। शरद पवार की इस बैठक को कांग्रेस पार्टी के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है। मौजूदा समय में देश में शरद पवार ही एक मात्र ऐसे राजनीति के सरदार हैं, जिनकी हर दल में पैठ है। विपक्ष में उनके कद का कोई दूसरा राजनीतिक चेहरा नहीं है।शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बसपा प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है। इसलिए राजनीति के दिग्गजों की निगाहें भी 80 साल के मराठा सरदार की अगली रणनीति पर ही टिकी हैं।

विस्तार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार बिना किसी को भनक लगे राजनीति की चिड़िया के पर गिन लेने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उनकी राजनीति की चाल को उनके दोस्त भी समझ पाने में गच्चा खा जाते हैं। इन दिनों भी कुछ ऐसा ही है। एनसीपी प्रमुख ने सप्ताह के भीतर दो बार चुनाव प्रचार अभियान के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से भेंट की है। इस भेंट का कोई रहस्य बाहर नहीं आया है। एनसीपी के एक सांसद कहते हैं कि जब तक पवार साहब कुछ नहीं बताएंगे, पता भी नहीं चलेगा। इसलिए मैं क्या कह सकता हूं। उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले के सचिवालय को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हां, इतना जरूर है कि प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में उतरकर पारी खेलने के लिए तैयार हैं।

क्या राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने का होगा प्रयास?
प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव प्रचार अभियान में रणनीतिकार की भूमिका का काम छोड़ देंगे। इससे पहले प्रशांत किशोर 12 जून को शरद पवार से मिले थे। एनसीपी के नेता नवाब मलिक को फिलहाल देश में समान विचारधारा वाले दलों के एक महागठबंधन की जरूरत महसूस हो रही है।

ऐसे में विपक्ष के खेमे में सबसे ज्यादा हलचल शरद पवार और प्रशांत किशोर की दूसरी भेंट को लेकर ही है। भाजपा छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए और राष्ट्र मंच बनाने वाले यशवंत सिन्हा भी 22 जून को शरद पवार के घर में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। शरद पवार के अलावा करीब 12-14 दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शरीक होंगे।
संघ के विचारकों में गिने जाने वाले भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री और नब्बे के दशक में राजनीति में छाये रहने वाले एक पूर्व राजनेता का कहना है कि हो सकता है पवार साहब राजनीतिक गोलबंदी करने की योजना बना रहे हों। क्या पता किसी तीसरे मोर्चे की कोशिश चल रही हो? क्योंकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन तथा पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बस का कुछ खास नहीं है।

होगा वही जो शरद पवार चाहेंगे
कांग्रेस के नेता महेंद्र जोशी ने भी शरद पवार के तमाम दौर देखे हैं। वह कहते हैं कि आखिर मैं शरद पवार के बारे में क्या बता सकता हूं। न जाने उनके मन में क्या खिचड़ी पक रही है। दरअसल शरद पवार राजनीति की शतरंज के मंजे खिलाड़ी हैं और घोड़े की ढाई कदम की चाल की कला उनके अंगुलियों पर रहती है।हालांकि महाराष्ट्र के ही कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि उनके प्रदेश के अध्यक्ष नाना पटोले को थोड़ा संभलकर और अपने शब्दों को तोलकर बोलना चाहिए। यह समझाइश इस बिना पर आई है कि 22 जून को विपक्ष के नेताओं से मिलकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना को खास संदेश दे रहे हैं।महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता इस राजनीतिक संदेश को मानते भी हैं और उनका कहना है कि देश में कोई महागठबंधन या शरद पवार द्वारा उसके नेतृत्व का मामला अभी बहुत प्रारंभिक स्थिति में है। कुछ भी कहना जल्दबाजी है। लेकिन फिर भी महाराष्ट्र में वही होगा जो शरद पवार चाहेंगे।एनसीपी के एक नेता मानते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार की पहली निगाह यथाशीघ्र महाराष्ट्र की मौजूदा शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की सरकार को गिरा देने की है। इसकी कोशिशें भी चल रही हैं। वह शिवसेना के विधायक के बयान का भी जिक्र इसी से जोड़कर करते हैं।कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र फिलहाल उद्धव ठाकरे और शरद पवार का सबकुछ दांव पर है। इसलिए हमारी विवशता है कि हम महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ बने रहें और शिवसेना की सरकार चलती रहे। बताते हैं 22 जून की बैठक का इससे भी एक बड़ा लेना-देना है।

क्या प्रधानमंत्री मोदी का विकल्प बनेंगे शरद पवार?
शरद पवार राजनीति में क्या करेंगे, क्या सोचेंगे और कब क्या कहेंगे और अंत में क्या निर्णय लेंगे, यह उनके सिवाय कोई नहीं जानता। फिलहाल 22 जून को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करके वह देश में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक माहौल जरूर बनाते नजर आएंगे। शरद पवार की इस बैठक को कांग्रेस पार्टी के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है। मौजूदा समय में देश में शरद पवार ही एक मात्र ऐसे राजनीति के सरदार हैं, जिनकी हर दल में पैठ है। विपक्ष में उनके कद का कोई दूसरा राजनीतिक चेहरा नहीं है।शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बसपा प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है। इसलिए राजनीति के दिग्गजों की निगाहें भी 80 साल के मराठा सरदार की अगली रणनीति पर ही टिकी हैं।

Continue Reading

India

महाराष्ट्र में कोरोना : 24 घंटे में 6270 नए मामले, 21 लोगों में मिला डेल्टा प्लस वेरिएंट, 94 की मौत

Published

on

By

एएनआई, मुुंबई।
Published by: योगेश साहू
Updated Mon, 21 Jun 2021 10:59 PM IST

सार
महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है।  

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : PTI

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बता दें कि डेल्टा प्लस वेरिएंट, डेल्टा वेरिएंट का बदला हुआ रूप है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या 1,24,398 हो गई है, जबकि कुल 57,33,215 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 1,18,313 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।बात करें मुंबई की तो यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 521 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 685 लोग ठीक हुए हैं। इस दौरान 7 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। मुंबई में सक्रिय मामलों की संख्या 14,637 हो गई है। कुल 6,89,675 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक यहां 15,305 लोगों की मौत हुई है।

विस्तार

महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बता दें कि डेल्टा प्लस वेरिएंट, डेल्टा वेरिएंट का बदला हुआ रूप है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या 1,24,398 हो गई है, जबकि कुल 57,33,215 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 1,18,313 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।

बात करें मुंबई की तो यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 521 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 685 लोग ठीक हुए हैं। इस दौरान 7 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। मुंबई में सक्रिय मामलों की संख्या 14,637 हो गई है। कुल 6,89,675 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक यहां 15,305 लोगों की मौत हुई है।

Continue Reading

India

कोलकाता: ममता का गंभीर आरोप, कहा- यूपी से बहकर बंगाल में आ रहीं लाशें, राज्य में फैल सकता है कोरोना

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 21 Jun 2021 09:44 PM IST

सार
ममता ने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
– फोटो : ANI

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोल रही है। वहीं अब ममता बनर्जी ने भी भाजपा को घेरने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है।उन्होंने कहा है कि गंगा नदी में यूपी से शव बहकर बंगाल आ रहे हैं और इससे राज्य में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं और उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने यूपी के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा यूपी से गुंडे लाकर बंगाल का माहौल खराब कर रही है। उन्होंने भाजपा पर कोरोना फैलाने का भी आरोप लगाया था।ममता को हाईकोर्ट से झटकावहीं चुनाव के बाद भड़की हिंसा मामले में आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगा है। दरअसल कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के बाद एक समिति बनाई गई है, जो हिंसा के मामलों की जांच करेगी और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के गठन का विरोध कर रहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए इसे करारा झटका माना जा रहा है। इससे पहले सोमवार को हाई कोर्ट ने टीएमसी की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें 18 जून के उस आदेश को रोकने की मांग की गई थी, जिसके तहत समिति के गठन का फैसला दिया गया था।

विस्तार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोल रही है। वहीं अब ममता बनर्जी ने भी भाजपा को घेरने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा है कि गंगा नदी में यूपी से शव बहकर बंगाल आ रहे हैं और इससे राज्य में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं और उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। 

बता दें कि इससे पहले भी चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने यूपी के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा यूपी से गुंडे लाकर बंगाल का माहौल खराब कर रही है। उन्होंने भाजपा पर कोरोना फैलाने का भी आरोप लगाया था।
ममता को हाईकोर्ट से झटका

वहीं चुनाव के बाद भड़की हिंसा मामले में आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगा है। दरअसल कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के बाद एक समिति बनाई गई है, जो हिंसा के मामलों की जांच करेगी और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के गठन का विरोध कर रहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए इसे करारा झटका माना जा रहा है। इससे पहले सोमवार को हाई कोर्ट ने टीएमसी की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें 18 जून के उस आदेश को रोकने की मांग की गई थी, जिसके तहत समिति के गठन का फैसला दिया गया था।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2017 Zox News Theme. Theme by MVP Themes, powered by WordPress.