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Coronavirus Live: सपा नेता आजम खान की हालत गंभीर, ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया

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11:11 AM, 29-May-2021
ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए 20,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई- रेल मंत्रालय
रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि अभी तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए हमने 20,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई की है। अभी तक 300 एक्सप्रेस ट्रेन ने अपनी यात्रा की है।

 

“Oxygen Express trains have crossed the milestone of providing 20,000 MT of Oxygen for COVID19 patients across. So far, 300 Oxygen Express trains have completed their journey in service to the Nation, tweets Railways Minister Piyush Goyal pic.twitter.com/lChkuaayGT
— ANI (@ANI) May 29, 2021

10:56 AM, 29-May-2021
आंशिक कोरोना कर्फ्यू में ढील दे सकते हैं- यूपी के स्वास्थ्य मंत्री
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह का कहना है कि हमारे यहां कोरोना के मामलों की संख्या काफी कम हो चुकी है इसलिए आंशिक कोरोना कर्फ्यू में कुछ ढील हो सकती है।

 

हमारे यहां कोरोना के मामलों की संख्या काफी कम हो चुकी है इसलिए आंशिक कोरोना कर्फ्यू में कुछ ढील हो सकती है: उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह #COVID19 pic.twitter.com/Mz1KOBKdWr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 29, 2021

10:43 AM, 29-May-2021
आजम खान की हालत नाजुक- मेदांता अस्पताल
लखनऊ में मेदांता अस्पताल ने जानकारी दी कि समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की हालत नाजुक है। वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। आजम खान 9 मई को कोरोना से संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

 

समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान की हालत नाजुक है। वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं: मेदांता अस्पताल, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
आज़म खान 9 मई को #COVID19 से संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 29, 2021

10:21 AM, 29-May-2021
घरेलू टीके की सप्लाई और उत्पादकता जटिल
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के घातक होने के कारण बढ़ी मांग के सामने कोरोना टीके की घरेलू सप्लाई बौनी पड़ गई है। देश में कोरोना टीकाकरण चल रहा है, तेजी लाने के लिए कई विदेशी वैक्सीन के मंजूरी दिए जाने की भी बात चल रही है। स्पूतनिक पहले ही भारत में लोगों के लगाई जा रही है। लेकिन टीके की किल्लत अभी बनी हुई है। इसी बीच कोवैक्सिन की किल्लत भी काफी देखी जा रही है। कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि उसके टीके के प्रोडक्शन और सप्लाई की प्रक्रिया जटिल है। इसकी पूरी प्रक्रिया काफी समय भी लेती है। कोवैक्सीन की दो डोज ली जाती हैं।

10:01 AM, 29-May-2021
आईएमए देहरादून ने बाबा रामदेव को बहस के लिए दी खुली चुनौती
भारतीय मेडिकल एसोसिएशन देहरादून ने योग गुरू बाबा रामदेव को बहस की खुली चुनौती दी है। आईएमए ने कहा कि बाबा रामदेव बताएं कि किस एलोपैथिक अस्पताल ने इलाज के लिए पतंजलि दवाइयां दी हैं। 

 

Indian Medical Association (IMA) Uttarakhand has challenged Yog Guru Ramdev for a debate, asked him to tell which allopathic hospitals have given Patanjali medicines for treatment, IMA has publicly challenged the debate with panel discussion
— ANI (@ANI) May 29, 2021

09:41 AM, 29-May-2021
बीते 24 घंटे में 30,62,747 लोगों को लगी वैक्सीन
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 30,62,747 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 20,89,02,445 हुआ।

 

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 30,62,747 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 20,89,02,445 हुआ। #CovidVaccine https://t.co/gZG3RRsWrl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 29, 2021

09:22 AM, 29-May-2021
बीते 24 घंटे में देश में 1.73 लाख मामले दर्ज हुए- स्वास्थ्य मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि बीते 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस 1.73 नए मामले सामने आए हैं। देश में दैनिक मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पिछले दो-तीन दिनों से दैनिक मामले दो लाख से कम आ रहे हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में 2,84,601 मरीज कोरोना वायरस से ठीक हुए।

 

With 2,84,601 patients recovered during last 24 hours, total of 2,51,78,011 recoveries reported across the country so far. Recovery rate increases to 90.80%. Weekly positivity rate is currently at 9.84%, daily at 8.36%, less than 10% for 5 consecutive days: Union Health Ministry
— ANI (@ANI) May 29, 2021

09:00 AM, 29-May-2021
बीते 24 घंटे में 20,80,048 लोगों का हुआ टेस्ट- आईसीएमआर
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 20,80,048 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 34,11,19,909 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं।

 

भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 20,80,048 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 34,11,19,909 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं: भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) #COVID19
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 29, 2021

08:38 AM, 29-May-2021
हिमाचल प्रदेश: सात जून तक जारी रहेगा कोरोना कर्फ्यू
हिमाचल प्रदेश में सात जून तक जारी रहेंगी कोरोना से संबंधित पाबंदियां।

 

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में #COVID19 प्रतिबंधों को 7 जून सुबह 6 बजे तक बढ़ा दिया है। pic.twitter.com/S4hvZHAaEW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 28, 2021

08:25 AM, 29-May-2021
सभी राज्यों को महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों का डाटा अपलोड करने के निर्देश
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कार्यकारी सचिवों को पत्र लिखते हुए कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उन बच्चों का डाटा अपलोड करना चाहिए, जो कोविड 19 की वजह से अनाथ हो गए हैं। आयोग ने कहा कि कोविड-केयर लिंक के तहत बाल स्वराज पोर्टल में बच्चों का डाटा अपलोड करें।

 

“States/UTs must upload the required data of all such children who have become orphan or lost either of their parents to #COVID19 the Bal Swaraj portal under the COVID-Care link,” National Commission for Protection of Child Rights wrote to Principal Secretaries of all States/UTs
— ANI (@ANI) May 29, 2021

08:06 AM, 29-May-2021
लद्दाख: बीते 24 घंटे में 124 नए मामले आए सामने
बीते 24 घंटे में लद्दाख में कोरोना के 124 नए मामले सामने आए, जबकि दो लोगों ने अपनी जान गंवाई। लद्दाख में मौजूदा समय में 1606 सक्रिय मामले हैं।

 

Ladakh reported 124 new #COVID19 cases and two deaths on Friday.
Active cases: 1,606
Total recoveries: 16,517
Death toll: 187 pic.twitter.com/9LjRyTjnDa
— ANI (@ANI) May 29, 2021

07:50 AM, 29-May-2021
मिजोरम: बीते 24 घंटे में सामने आए 283 नए मामले
कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर अब धीमा पड़ने लग गया है। मिजोरम में बीते 24 घंटे में 283 नए मामले सामने आए, जिसके बाद कुल संक्रमित मामलों की संख्या 11,659 हो गई है। वहीं मिजोरम में सक्रिय मामलों की संख्या 2981 है।

 

#COVID19 | Mizoram reported 283 new positive cases, taking total cases to 11,659. Active cases at 2,981 pic.twitter.com/Opq09iRIQq
— ANI (@ANI) May 29, 2021

07:44 AM, 29-May-2021
नोएडा को भारत में पहला पूर्ण टीकाकरण वाला जिला बनाने का लक्ष्य : अधिकारी
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के शीर्ष अधिकारियों ने कोरोना वायरस के खिलाफ इसे पूर्ण टीकाकरण वाला पहला जिला बनाने का संकल्प लिया है। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी सुहास एल. वाई. ने जिले के शीर्ष स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में यह विचार व्यक्त किया। इस बैठक में पुलिस आयुक्त आलोक सिंह भी उपस्थित थे। जिला सूचना अधिकारी राकेश चौहान ने प्रेस को जारी एक बयान में बताया, ‘‘जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से गौतमबुद्ध नगर को कोविड-19 के खिलाफ पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य सुनिश्चित करने के लिए काम करने को कहा है।’’

07:18 AM, 29-May-2021
Coronavirus Live: सपा नेता आजम खान की हालत गंभीर, ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर अब धीमी पड़ती नजर आ रही है। लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस के दैनिक मामले दो लाख से कम दर्ज किए गए हैं। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस के 1.75 लाख मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि गुरुवार को यह आंकड़ा 1.86 लाख था। कोरोना की दूसरी लहर की पीक अब जा चुकी है लेकिन कोरोना से होने वाली रोजाना मौतों का आंकड़ा तीन हजार के पार बना हुआ है। कोरोना के साथ ब्लैक फंगस का संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है। अब दिल्ली ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। वहीं सोमवार से दिल्ली में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलान किया कि कोरोना के घटते मामलों को देखते हुए अब सोमवार से धीरेःधीरे अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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चीन की उन्नत समाजवादी देश परियोजना: उपनिवेशवाद तथा कब्जे के नए तरीके जिनसे दुनिया है हैरान

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इस समय चीन न केवल भारत, बल्कि अमेरिका सहित दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी अलग-अलग वजहों से परेशानी का कारण बना हुआ है। एक साल पहले गलवां घाटी में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद केंद्र सरकार ने टिकटॉक समेत ढेरों चाइनीज एप्स पर देश में पाबंदी लगा दी थी। इन एप्स से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा बताया गया था। हालांकि विशेषज्ञ एप्स पर लगे प्रतिबंध को चीन के प्रति आशंकाओं का एक बहुत ही छोटा-सा हिस्सा मानते हैं। उस समय युद्ध जैसे हालात बनते बनते रह गए थे।दूसरी ओर यह देश भारत के पड़ोसी देशों में अपनी पकड़ लगातार बढ़ाता जा रहा है। पाकिस्तान को उसने पहले ही अपने कर्ज के जाल में फंसा रखा है। श्रीलंका में भी उसकी पैठ गहराती जा रही है। नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार में भी उसका दखल बढ़ रहा है।दुनिया इस समय कोरोना महामारी से जूझने में जुटी हुई है और चीन विस्तारवाद की राह पर अपनी गति बढ़ा रहा है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में कोविड से बचाव के टीकों को अधिक से अधिक लोगों को लगाने की जद्दोजहद चल रही है। वहीं विकासशील देशों में टीकों का टोटा चल रहा है और चीन इसका फायदा उठाने में जुटा हुआ है। भारत अभी भी अपनी पहली स्वदेशी कोविड वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता दिलाने की प्रक्रिया में है और चीन की दो वैक्सीन को यह अनुमति दी जा चुकी है।इतना ही नहीं चीन दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता और उत्पादक देश अमेरिका को पीछे छोड़ने से कुछ ही कदम पीछे रह गया है। उसने अब तक औसतन प्रत्येक 100 में से 50 नागरिकों को कोविड का टीका लगा दिया है। इतना ही नहीं चीन दुनिया के 60 देशों को मुफ्त या सस्ती वैक्सीन भी उपलब्ध करा चुका है।कोरोना से बढ़ रही मौतों से चिंतित अमेरिका ने दुनिया के जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देने का काम कुछ समय के लिए रोक दिया था। भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर ही वजह से यह काम रोक दिया गया था। उसी समय चीन ने दुनिया के अलग अलग भौगोलिक स्थिति वाले देशों को अपनी वैक्सीन दी। चीन में इस समय 49 वैक्सीन पर शोध किया जा रहा है और छह को वह अपने नागरिकों को लगा रहा है। चीन ने पिछले साल 2020 में ही छह कोविड वैक्सीन को देश के भीतर उपयोग की अनुमि दे दी थी और अब तक इनका प्रयोग किया जा रहा है।वैक्सीन उपनिवेशवादअमेरिका में इस समय 66 वैक्सीन पर शोध और उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। चीन इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है और तीसरे नंबर पर यूरोप के देश हैं। 2021 की शुरुआत के बाद चीन ने वैक्सीन राष्ट्रवाद का फायदा उठाया और मेक्सिको, पेरू, चिली, अर्जेंटीना, रूस, पाकिस्तान और इंडोनेशिया जैसे एक दर्जन से ज्यादा देशों में अपनी वैक्सीन का ट्रायल किया।वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने देश को ‘एडवांस्ड सोशलिस्ट कंट्री’ बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इससे अमेरिका और अन्य विकसित देश परेशान हैं। ‘एडवांस्ड सोशलिस्ट कंट्री’ प्रोजेक्ट के तहत चीन खुद को 2049 तक दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत के रूप में प्रतिष्ठित करना चाहता है। यदि वह इसे प्राप्त कर लेता है तो अमेरिका दूसरे पायदान पर पहुंच जाएगा। वहीं तकनीकी मोर्चे पर आगे दिखाई दे रहे कई यूरोपीय देशों की हैसियत भी कम हो जाएगी।चीन की डरावनी योजनाएंचीन की कई ऐसी भावी योजनाएं हैं, जो इस समय दुनिया को आश्चर्यचकित करने के साथ-साथ डरा भी रही हैं। निवेश और कर्ज के भी जाल में वह कई देशों को फांस चुका है। हमारा पड़ोसी देश बांग्लादेश भी उसके इस जाल में फंसता जा रहा है। चीन वहां 2030 तक 100 स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) स्थापित करने की घोषणा कर चुका है। इसमें अरबों डॉलर का निवेश करने के लिए कई चीनी कंपनियां भी तैयार हैं।बीआरआई योजनाइसी तरह चीन की बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) योजना है जिसके तहत 2049 तक दुनिया के करीब 70 देशों में बुनियादी संरचनाओं का निर्माण कर उन्हें एकसाथ लाया जा रहा है, लेकिन इसका असली मकसद व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करना व भारत और अमेरिका को घेरना है। इन तमाम योजनाओं में एक और महत्वाकांक्षी योजना है – ‘मेड इन चाइना 2025’ जिसे चीन ने साल 2015 में लॉन्च किया था। फिर अंतरिक्ष का क्षेत्र भी है जहां चीन अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कर दुनिया पर नजर रखने की महत्वाकांक्षा पाले हुए है। हाल ही में उसने अपने तीन अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में भेजा है। ये तीनों चीन के निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन में तीन महीने तक रहेंगे।अंतरिक्ष में चुनौतीअंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए चीन ने 2021 से 2022 के बीच 11 बार अंतरिक्ष यानों को भेजने की योजना बनाई है जिनमें तीन अभियान पूरे हो चुके हैं। वह तियांजू-2 कार्गो शिप को पहले ही अंतरिक्ष में भेज चुका है। चीनी एजेंसी के अनुसार 11 में से तीन बार उसके यानों से स्टेशन के मॉड्यूल, चार बार कार्गो स्पेसशिप और चार बार अंतरिक्ष यात्री स्टेशन के लिए रवाना होंगे। वह साल 2022 तक 10 ऐसे ही और मॉड्यूल लॉन्च करना चाहता है जो पृथ्वी का चक्कर लगाएंगे।आशंकित अमेरिकाअमेरिका कई बार आशंका जता चुका है कि चीन भविष्य में अपनी अंतरिक्ष परियोजनाओं का इस्तेमाल अमेरिका और उसके मित्र देशों की जासूसी करने में कर सकता है। यही वजह है कि वो खुद को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग कर चुका है और अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।जासूसी का खतरा?अब तक अंतरिक्ष में अमेरिका का वर्चस्व था। वह स्पेस सुप्रीमेसी का फायदा भी उठा रहा था। लेकिन अब चीन पर अंतरिक्ष से जासूसी करने के आरोप लगने लगे हैं। ताइवान पहले ही अपने सरकारी कर्मचारियों को उन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से मना कर चुका है जिसमें नेविगेशन के लिए चीनी सॉफ्टवेयर बाइदू इंस्टॉल हैं। उसे शक है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर जरूरी सूचनाएं चीन की सेना व सरकार तक पहुंचाई जा सकती हैं।आशंका की वजह क्या है?दरअसल, चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ‘चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ सेना का अंग है। इसलिए वह अपने हर प्रोजेक्ट के लिए सेना के प्रति उत्तरदायी है। हालांकि अंतरिक्ष अनुसंधान में चीन अब भी अमेरिका से काफी पीछे है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी प्रगति चौंकाने वाली है। चीन ने पिछले साल बाइदू नेटवर्क अभियान के तहत पांच टन वजनी उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित किया था। बाइदू नेटवर्क अमेरिका के विश्वव्यापी ‘ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) के विकल्प के रूप में बनाया गया है। चीन ने अपने इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 10 अरब डॉलर खर्च किए हैं।

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अनुच्छेद 370: केंद्रीय मंत्री तोमर बोले- दिग्विजय सिंह का बयान देश का कांग्रेस मुक्त कराने वाला

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:01 PM IST

सार
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर अब केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पलटवार किया है। तोमर ने कहा कि इसे बहाल करना संभव नहीं होगा।  

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
– फोटो : एएनआई

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयारकेंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विस्तार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।

तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।

कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयार
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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वार : कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल बोले- प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया

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पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:37 PM IST

सार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

कपिल सिब्बल
– फोटो : PTI

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है, लेकिन अपने राजनीतिक भाग्य को सुरक्षित मानते हुए वह कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद नहीं कर सकते।सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कोविड के दौरान चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यस्त थे। समाचार एजेंसी पीटीआई से चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का मतलब यह नहीं है कि पीएम को अपने कर्तव्य का निर्वहन रोक देना चाहिए और यह मान लेना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है। सिब्बल ने सरकार पर कोविड-19 टीकाकरण की रणनीति के लिए अपनी अयोग्यता के लिए भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक लापरवाही की हद है। महामारी से निपटने में सरकार की प्राथमिकताएं गलत और दोषपूर्ण हैं और ईमानदारी की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि टूलकिट मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि उनकी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए जालसाजी का एक प्रयास है।सिब्बल ने दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगियों को बचाने में निष्क्रियता के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बंद कर देना चाहिए।

विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है, लेकिन अपने राजनीतिक भाग्य को सुरक्षित मानते हुए वह कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद नहीं कर सकते।

सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कोविड के दौरान चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यस्त थे। समाचार एजेंसी पीटीआई से चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का मतलब यह नहीं है कि पीएम को अपने कर्तव्य का निर्वहन रोक देना चाहिए और यह मान लेना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है। 

सिब्बल ने सरकार पर कोविड-19 टीकाकरण की रणनीति के लिए अपनी अयोग्यता के लिए भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक लापरवाही की हद है। महामारी से निपटने में सरकार की प्राथमिकताएं गलत और दोषपूर्ण हैं और ईमानदारी की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि टूलकिट मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि उनकी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए जालसाजी का एक प्रयास है।
सिब्बल ने दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगियों को बचाने में निष्क्रियता के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बंद कर देना चाहिए।

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