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अलीगढ़ कांड: जहरीली शराब ने मचाया मौत का तांडव, खैर से लेकर जवां तक गिरीं 46 लाशें, पढ़ें कब क्या हुआ?

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सार
शनिवार शाम करीब छह बजे तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 पहुंच गई। इधर, पोस्टमार्टम केंद्र पर 35 शवों के पोस्टमार्टम हो चुके थे और शेष के पोस्टमार्टम जारी थे। हालांकि डीएम चंद्रभूषण सिंह ने दोपहर दो बजे तक 22 लोगों की मौत की पुष्टि की थी।

मौके पर जांच करते अधिकारी
– फोटो : अमर उजाला

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28 मई 2021 को शुक्रवार का दिन अलीगढ़ जिले के लिए बेहद भयावह दिन लेकर आया। जहरीली शराब ने मौत का ऐसा तांडव मचाया है कि खैर से लेकर जवां तक हाहाकार मचा हुआ है। सूबे की राजधानी तक हिल गई है आलम यह था कि आधा दर्जन से ज्यादा गांवों से मौत पर चित्कार ही सुनाई दे रही थीं। पूरे जिले में शुक्रवार सुबह से लेकर शनिवार शाम तक जहरीली शराब 46 जिंदगियां लील गई। अभी कई लोग जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं। कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों की संख्या में इजाफा भी हो सकता है। वहीं, प्रशासन मौतों के आंकड़े दबाने में जुटा है। जिलाधिकारी ने शनिवार दोपहर तक 22 मौतों की ही पुष्टि की है। पढ़िए शुक्रवार सुबह से लेकर शनिवार शाम तक का हर अपडेट…जहरीली शराब से मौत की पहली सूचना शुक्रवार सुबह 8 बजे लोधा थाना इलाके के गांव करसुआ और खैर थाना क्षेत्र के गांव अंडला से मिली। पुलिस के साथ आबकारी टीम, डीआईजी दीपक कुमार, डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे और बीमार लोगों को अस्पताल में भिजवाया। इसी बीच पता चला कि गांव के बाहर आईओसी बॉटलिंग प्लांट पर कंटेनरों के दो चालक लापता हैं। उन्हें पुलिस ने खोजा तो वे कंटेनेरों में ही बेसुध पड़े थे। जिन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने आनन-फानन ठेके सील कर दिए। गांव नंदपुर पला, राइट, हैवतपुर, सांगौर, पला सल्लू से भी शराब से बीमार हुए लोगों को अस्पताल भिजवाया गया। इनमें से करसुआ, अंडला, नंदपुर पला, सांगौर से भेजे गए 15 लोगों की मौत हो गई। कुछ घंटों बाद जवां के गांव छेरत में भी तीन लोगों की मौत की खबर मिली। रात 12:30 बजे मेडिकल कॉलेज से गांव राइट, सांगौर व करसुआ से जुड़े 4 और शव पोस्टमार्टम केंद्र पहुंच गए थे। इसके अलावा नंदपुर पला के दो व छेरत के एक शव को मध्य रात्रि तक पोस्टमार्टम पर पहुंचाने के प्रयास परिजनों के स्तर से जारी थे।शनिवार सुबह को थाना पिसावा क्षेत्र के गांव शादीपुर में एक महिला सहित पांच लोगों की व थाना टप्पल क्षेत्र के गांव मादक और कस्बा जट्टारी में चार लोगों की मौत हो गई। लोधा के करसुआ बॉटलिंग प्लांट के बाहर एक ट्रक चालक भी मृत पाया गया। इन खबरों पर दौड़ी पुलिस प्रशासनिक टीमों ने लोगों को अस्पताल भिजवाना शुरू किया। इसके बाद दोपहर 3 बजे तक मृतकों की संख्या 42 पहुंच गई। शाम करीब छह बजे तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 पहुंच गई। इधर, पोस्टमार्टम केंद्र पर 35 शवों के पोस्टमार्टम हो चुके थे और शेष के पोस्टमार्टम जारी थे। हालांकि डीएम चंद्रभूषण सिंह ने दोपहर दो बजे तक 22 लोगों की मौत की पुष्टि की थी।
मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोषियों की संपत्ति जब्त कर नीलामी होगी और उससे मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा।मजिस्ट्रेटी जांच शुरूजहरीली शराब के सेवन से हुईं मौतों के मामले में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी है। डीएम ने 15 दिन के भीतर जांच आख्या मांगी है। प्रशासन ने कहा कि घटना के हर पहलू पर बारीकी से जांच शुरू कर दी गई। पहले सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। ये अधिकारी हुए निलंबितलापरवाही के आरोप में सरकार ने जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक राजेश यादव, प्रधान सिपाही अशोक कुमार, निरीक्षक चंद्रप्रकाश यादव और सिपाही रामराज राना को निलंबित कर दिया है। ये आरोपी हुए गिरफ्तारपुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज कर शराब तस्करी रैकेट में आरोपी अनिल चौधरी सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं 50 हजार के इनामी पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति ऋषि शर्मा व उसके साथी विपिन यादव की तलाश जारी है।  
जहरीली शराब बेशक देहात के पांच क्षेत्रों में हाहाकार मचा रही है। लगातार लोगों की मौत हो रही हैं। मगर प्रशासन अब इस मामले में मौतों के आंकड़े दबाने का प्रयास कर रहा है। आलम यह है कि 22 शवों के शुक्रवार रात 2 बजे तक पोस्टमार्टम हो चुके थे। छह शव रात में ही पोस्टमार्टम केंद्र पर पोस्टमार्टम के लिए रखे थे। इसके बाद सुबह से शव पहुंचने लगे। मगर जिलाधिकारी स्तर से दोपहर 2 बजे यह बयान जारी किया गया कि अब तक 22 मौत ही हुई हैं, जबकि उस समय तक 36 शव पोस्टमार्टम केंद्र पर पहुंच चुके थे। उस समय खुद भाजपा सांसद सतीश गौतम ने पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचकर 35 मौतें होने का बयान जारी किया था। मगर जिला प्रशासन के स्तर से दोपहर 2 बजे के बाद मौतों के आंकड़ों को लेकर कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

विस्तार

28 मई 2021 को शुक्रवार का दिन अलीगढ़ जिले के लिए बेहद भयावह दिन लेकर आया। जहरीली शराब ने मौत का ऐसा तांडव मचाया है कि खैर से लेकर जवां तक हाहाकार मचा हुआ है। सूबे की राजधानी तक हिल गई है आलम यह था कि आधा दर्जन से ज्यादा गांवों से मौत पर चित्कार ही सुनाई दे रही थीं। पूरे जिले में शुक्रवार सुबह से लेकर शनिवार शाम तक जहरीली शराब 46 जिंदगियां लील गई। अभी कई लोग जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं। कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों की संख्या में इजाफा भी हो सकता है। वहीं, प्रशासन मौतों के आंकड़े दबाने में जुटा है। जिलाधिकारी ने शनिवार दोपहर तक 22 मौतों की ही पुष्टि की है। पढ़िए शुक्रवार सुबह से लेकर शनिवार शाम तक का हर अपडेट…

जहरीली शराब से मौत की पहली सूचना शुक्रवार सुबह 8 बजे लोधा थाना इलाके के गांव करसुआ और खैर थाना क्षेत्र के गांव अंडला से मिली। पुलिस के साथ आबकारी टीम, डीआईजी दीपक कुमार, डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे और बीमार लोगों को अस्पताल में भिजवाया। इसी बीच पता चला कि गांव के बाहर आईओसी बॉटलिंग प्लांट पर कंटेनरों के दो चालक लापता हैं। उन्हें पुलिस ने खोजा तो वे कंटेनेरों में ही बेसुध पड़े थे। जिन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने आनन-फानन ठेके सील कर दिए। 

गांव नंदपुर पला, राइट, हैवतपुर, सांगौर, पला सल्लू से भी शराब से बीमार हुए लोगों को अस्पताल भिजवाया गया। इनमें से करसुआ, अंडला, नंदपुर पला, सांगौर से भेजे गए 15 लोगों की मौत हो गई। कुछ घंटों बाद जवां के गांव छेरत में भी तीन लोगों की मौत की खबर मिली। रात 12:30 बजे मेडिकल कॉलेज से गांव राइट, सांगौर व करसुआ से जुड़े 4 और शव पोस्टमार्टम केंद्र पहुंच गए थे। इसके अलावा नंदपुर पला के दो व छेरत के एक शव को मध्य रात्रि तक पोस्टमार्टम पर पहुंचाने के प्रयास परिजनों के स्तर से जारी थे।
शनिवार सुबह को थाना पिसावा क्षेत्र के गांव शादीपुर में एक महिला सहित पांच लोगों की व थाना टप्पल क्षेत्र के गांव मादक और कस्बा जट्टारी में चार लोगों की मौत हो गई। लोधा के करसुआ बॉटलिंग प्लांट के बाहर एक ट्रक चालक भी मृत पाया गया। इन खबरों पर दौड़ी पुलिस प्रशासनिक टीमों ने लोगों को अस्पताल भिजवाना शुरू किया। इसके बाद दोपहर 3 बजे तक मृतकों की संख्या 42 पहुंच गई। शाम करीब छह बजे तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 पहुंच गई। इधर, पोस्टमार्टम केंद्र पर 35 शवों के पोस्टमार्टम हो चुके थे और शेष के पोस्टमार्टम जारी थे। हालांकि डीएम चंद्रभूषण सिंह ने दोपहर दो बजे तक 22 लोगों की मौत की पुष्टि की थी।

एनएसए में कार्रवाई का आदेश

मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोषियों की संपत्ति जब्त कर नीलामी होगी और उससे मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा।मजिस्ट्रेटी जांच शुरूजहरीली शराब के सेवन से हुईं मौतों के मामले में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी है। डीएम ने 15 दिन के भीतर जांच आख्या मांगी है। प्रशासन ने कहा कि घटना के हर पहलू पर बारीकी से जांच शुरू कर दी गई। पहले सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। ये अधिकारी हुए निलंबितलापरवाही के आरोप में सरकार ने जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक राजेश यादव, प्रधान सिपाही अशोक कुमार, निरीक्षक चंद्रप्रकाश यादव और सिपाही रामराज राना को निलंबित कर दिया है। ये आरोपी हुए गिरफ्तारपुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज कर शराब तस्करी रैकेट में आरोपी अनिल चौधरी सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं 50 हजार के इनामी पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति ऋषि शर्मा व उसके साथी विपिन यादव की तलाश जारी है।  

अब मौतों के आंकड़े दबाने में जुटा प्रशासन

जहरीली शराब बेशक देहात के पांच क्षेत्रों में हाहाकार मचा रही है। लगातार लोगों की मौत हो रही हैं। मगर प्रशासन अब इस मामले में मौतों के आंकड़े दबाने का प्रयास कर रहा है। आलम यह है कि 22 शवों के शुक्रवार रात 2 बजे तक पोस्टमार्टम हो चुके थे। छह शव रात में ही पोस्टमार्टम केंद्र पर पोस्टमार्टम के लिए रखे थे। इसके बाद सुबह से शव पहुंचने लगे। मगर जिलाधिकारी स्तर से दोपहर 2 बजे यह बयान जारी किया गया कि अब तक 22 मौत ही हुई हैं, जबकि उस समय तक 36 शव पोस्टमार्टम केंद्र पर पहुंच चुके थे। उस समय खुद भाजपा सांसद सतीश गौतम ने पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचकर 35 मौतें होने का बयान जारी किया था। मगर जिला प्रशासन के स्तर से दोपहर 2 बजे के बाद मौतों के आंकड़ों को लेकर कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

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एनएसए में कार्रवाई का आदेश

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राजनीति: शरद पवार के मन में कौन सी खिचड़ी पक रही है, क्या पीके के साथ मिल कर हो रही महागठबंधन बनाने की तैयारी?

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सार
शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन अरविंद केजरीवाल, मायावती, अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है…

शरद पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात
– फोटो : अमर उजाला (फाइल)

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एनसीपी प्रमुख शरद पवार बिना किसी को भनक लगे राजनीति की चिड़िया के पर गिन लेने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उनकी राजनीति की चाल को उनके दोस्त भी समझ पाने में गच्चा खा जाते हैं। इन दिनों भी कुछ ऐसा ही है। एनसीपी प्रमुख ने सप्ताह के भीतर दो बार चुनाव प्रचार अभियान के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से भेंट की है। इस भेंट का कोई रहस्य बाहर नहीं आया है। एनसीपी के एक सांसद कहते हैं कि जब तक पवार साहब कुछ नहीं बताएंगे, पता भी नहीं चलेगा। इसलिए मैं क्या कह सकता हूं। उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले के सचिवालय को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हां, इतना जरूर है कि प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में उतरकर पारी खेलने के लिए तैयार हैं।
क्या राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने का होगा प्रयास?
प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव प्रचार अभियान में रणनीतिकार की भूमिका का काम छोड़ देंगे। इससे पहले प्रशांत किशोर 12 जून को शरद पवार से मिले थे। एनसीपी के नेता नवाब मलिक को फिलहाल देश में समान विचारधारा वाले दलों के एक महागठबंधन की जरूरत महसूस हो रही है।ऐसे में विपक्ष के खेमे में सबसे ज्यादा हलचल शरद पवार और प्रशांत किशोर की दूसरी भेंट को लेकर ही है। भाजपा छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए और राष्ट्र मंच बनाने वाले यशवंत सिन्हा भी 22 जून को शरद पवार के घर में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। शरद पवार के अलावा करीब 12-14 दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शरीक होंगे।संघ के विचारकों में गिने जाने वाले भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री और नब्बे के दशक में राजनीति में छाये रहने वाले एक पूर्व राजनेता का कहना है कि हो सकता है पवार साहब राजनीतिक गोलबंदी करने की योजना बना रहे हों। क्या पता किसी तीसरे मोर्चे की कोशिश चल रही हो? क्योंकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन तथा पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बस का कुछ खास नहीं है।
होगा वही जो शरद पवार चाहेंगे
कांग्रेस के नेता महेंद्र जोशी ने भी शरद पवार के तमाम दौर देखे हैं। वह कहते हैं कि आखिर मैं शरद पवार के बारे में क्या बता सकता हूं। न जाने उनके मन में क्या खिचड़ी पक रही है। दरअसल शरद पवार राजनीति की शतरंज के मंजे खिलाड़ी हैं और घोड़े की ढाई कदम की चाल की कला उनके अंगुलियों पर रहती है।हालांकि महाराष्ट्र के ही कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि उनके प्रदेश के अध्यक्ष नाना पटोले को थोड़ा संभलकर और अपने शब्दों को तोलकर बोलना चाहिए। यह समझाइश इस बिना पर आई है कि 22 जून को विपक्ष के नेताओं से मिलकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना को खास संदेश दे रहे हैं।महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता इस राजनीतिक संदेश को मानते भी हैं और उनका कहना है कि देश में कोई महागठबंधन या शरद पवार द्वारा उसके नेतृत्व का मामला अभी बहुत प्रारंभिक स्थिति में है। कुछ भी कहना जल्दबाजी है। लेकिन फिर भी महाराष्ट्र में वही होगा जो शरद पवार चाहेंगे।एनसीपी के एक नेता मानते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार की पहली निगाह यथाशीघ्र महाराष्ट्र की मौजूदा शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की सरकार को गिरा देने की है। इसकी कोशिशें भी चल रही हैं। वह शिवसेना के विधायक के बयान का भी जिक्र इसी से जोड़कर करते हैं।कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र फिलहाल उद्धव ठाकरे और शरद पवार का सबकुछ दांव पर है। इसलिए हमारी विवशता है कि हम महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ बने रहें और शिवसेना की सरकार चलती रहे। बताते हैं 22 जून की बैठक का इससे भी एक बड़ा लेना-देना है।
क्या प्रधानमंत्री मोदी का विकल्प बनेंगे शरद पवार?
शरद पवार राजनीति में क्या करेंगे, क्या सोचेंगे और कब क्या कहेंगे और अंत में क्या निर्णय लेंगे, यह उनके सिवाय कोई नहीं जानता। फिलहाल 22 जून को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करके वह देश में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक माहौल जरूर बनाते नजर आएंगे। शरद पवार की इस बैठक को कांग्रेस पार्टी के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है। मौजूदा समय में देश में शरद पवार ही एक मात्र ऐसे राजनीति के सरदार हैं, जिनकी हर दल में पैठ है। विपक्ष में उनके कद का कोई दूसरा राजनीतिक चेहरा नहीं है।शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बसपा प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है। इसलिए राजनीति के दिग्गजों की निगाहें भी 80 साल के मराठा सरदार की अगली रणनीति पर ही टिकी हैं।

विस्तार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार बिना किसी को भनक लगे राजनीति की चिड़िया के पर गिन लेने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उनकी राजनीति की चाल को उनके दोस्त भी समझ पाने में गच्चा खा जाते हैं। इन दिनों भी कुछ ऐसा ही है। एनसीपी प्रमुख ने सप्ताह के भीतर दो बार चुनाव प्रचार अभियान के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से भेंट की है। इस भेंट का कोई रहस्य बाहर नहीं आया है। एनसीपी के एक सांसद कहते हैं कि जब तक पवार साहब कुछ नहीं बताएंगे, पता भी नहीं चलेगा। इसलिए मैं क्या कह सकता हूं। उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले के सचिवालय को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हां, इतना जरूर है कि प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में उतरकर पारी खेलने के लिए तैयार हैं।

क्या राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने का होगा प्रयास?
प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव प्रचार अभियान में रणनीतिकार की भूमिका का काम छोड़ देंगे। इससे पहले प्रशांत किशोर 12 जून को शरद पवार से मिले थे। एनसीपी के नेता नवाब मलिक को फिलहाल देश में समान विचारधारा वाले दलों के एक महागठबंधन की जरूरत महसूस हो रही है।

ऐसे में विपक्ष के खेमे में सबसे ज्यादा हलचल शरद पवार और प्रशांत किशोर की दूसरी भेंट को लेकर ही है। भाजपा छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए और राष्ट्र मंच बनाने वाले यशवंत सिन्हा भी 22 जून को शरद पवार के घर में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। शरद पवार के अलावा करीब 12-14 दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शरीक होंगे।
संघ के विचारकों में गिने जाने वाले भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री और नब्बे के दशक में राजनीति में छाये रहने वाले एक पूर्व राजनेता का कहना है कि हो सकता है पवार साहब राजनीतिक गोलबंदी करने की योजना बना रहे हों। क्या पता किसी तीसरे मोर्चे की कोशिश चल रही हो? क्योंकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन तथा पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बस का कुछ खास नहीं है।

होगा वही जो शरद पवार चाहेंगे
कांग्रेस के नेता महेंद्र जोशी ने भी शरद पवार के तमाम दौर देखे हैं। वह कहते हैं कि आखिर मैं शरद पवार के बारे में क्या बता सकता हूं। न जाने उनके मन में क्या खिचड़ी पक रही है। दरअसल शरद पवार राजनीति की शतरंज के मंजे खिलाड़ी हैं और घोड़े की ढाई कदम की चाल की कला उनके अंगुलियों पर रहती है।हालांकि महाराष्ट्र के ही कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि उनके प्रदेश के अध्यक्ष नाना पटोले को थोड़ा संभलकर और अपने शब्दों को तोलकर बोलना चाहिए। यह समझाइश इस बिना पर आई है कि 22 जून को विपक्ष के नेताओं से मिलकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना को खास संदेश दे रहे हैं।महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता इस राजनीतिक संदेश को मानते भी हैं और उनका कहना है कि देश में कोई महागठबंधन या शरद पवार द्वारा उसके नेतृत्व का मामला अभी बहुत प्रारंभिक स्थिति में है। कुछ भी कहना जल्दबाजी है। लेकिन फिर भी महाराष्ट्र में वही होगा जो शरद पवार चाहेंगे।एनसीपी के एक नेता मानते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार की पहली निगाह यथाशीघ्र महाराष्ट्र की मौजूदा शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की सरकार को गिरा देने की है। इसकी कोशिशें भी चल रही हैं। वह शिवसेना के विधायक के बयान का भी जिक्र इसी से जोड़कर करते हैं।कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र फिलहाल उद्धव ठाकरे और शरद पवार का सबकुछ दांव पर है। इसलिए हमारी विवशता है कि हम महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ बने रहें और शिवसेना की सरकार चलती रहे। बताते हैं 22 जून की बैठक का इससे भी एक बड़ा लेना-देना है।

क्या प्रधानमंत्री मोदी का विकल्प बनेंगे शरद पवार?
शरद पवार राजनीति में क्या करेंगे, क्या सोचेंगे और कब क्या कहेंगे और अंत में क्या निर्णय लेंगे, यह उनके सिवाय कोई नहीं जानता। फिलहाल 22 जून को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करके वह देश में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक माहौल जरूर बनाते नजर आएंगे। शरद पवार की इस बैठक को कांग्रेस पार्टी के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है। मौजूदा समय में देश में शरद पवार ही एक मात्र ऐसे राजनीति के सरदार हैं, जिनकी हर दल में पैठ है। विपक्ष में उनके कद का कोई दूसरा राजनीतिक चेहरा नहीं है।शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बसपा प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है। इसलिए राजनीति के दिग्गजों की निगाहें भी 80 साल के मराठा सरदार की अगली रणनीति पर ही टिकी हैं।

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महाराष्ट्र में कोरोना : 24 घंटे में 6270 नए मामले, 21 लोगों में मिला डेल्टा प्लस वेरिएंट, 94 की मौत

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एएनआई, मुुंबई।
Published by: योगेश साहू
Updated Mon, 21 Jun 2021 10:59 PM IST

सार
महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है।  

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : PTI

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महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बता दें कि डेल्टा प्लस वेरिएंट, डेल्टा वेरिएंट का बदला हुआ रूप है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या 1,24,398 हो गई है, जबकि कुल 57,33,215 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 1,18,313 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।बात करें मुंबई की तो यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 521 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 685 लोग ठीक हुए हैं। इस दौरान 7 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। मुंबई में सक्रिय मामलों की संख्या 14,637 हो गई है। कुल 6,89,675 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक यहां 15,305 लोगों की मौत हुई है।

विस्तार

महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बता दें कि डेल्टा प्लस वेरिएंट, डेल्टा वेरिएंट का बदला हुआ रूप है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या 1,24,398 हो गई है, जबकि कुल 57,33,215 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 1,18,313 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।

बात करें मुंबई की तो यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 521 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 685 लोग ठीक हुए हैं। इस दौरान 7 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। मुंबई में सक्रिय मामलों की संख्या 14,637 हो गई है। कुल 6,89,675 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक यहां 15,305 लोगों की मौत हुई है।

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कोलकाता: ममता का गंभीर आरोप, कहा- यूपी से बहकर बंगाल में आ रहीं लाशें, राज्य में फैल सकता है कोरोना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 21 Jun 2021 09:44 PM IST

सार
ममता ने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
– फोटो : ANI

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोल रही है। वहीं अब ममता बनर्जी ने भी भाजपा को घेरने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है।उन्होंने कहा है कि गंगा नदी में यूपी से शव बहकर बंगाल आ रहे हैं और इससे राज्य में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं और उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने यूपी के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा यूपी से गुंडे लाकर बंगाल का माहौल खराब कर रही है। उन्होंने भाजपा पर कोरोना फैलाने का भी आरोप लगाया था।ममता को हाईकोर्ट से झटकावहीं चुनाव के बाद भड़की हिंसा मामले में आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगा है। दरअसल कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के बाद एक समिति बनाई गई है, जो हिंसा के मामलों की जांच करेगी और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के गठन का विरोध कर रहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए इसे करारा झटका माना जा रहा है। इससे पहले सोमवार को हाई कोर्ट ने टीएमसी की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें 18 जून के उस आदेश को रोकने की मांग की गई थी, जिसके तहत समिति के गठन का फैसला दिया गया था।

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोल रही है। वहीं अब ममता बनर्जी ने भी भाजपा को घेरने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा है कि गंगा नदी में यूपी से शव बहकर बंगाल आ रहे हैं और इससे राज्य में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं और उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। 

बता दें कि इससे पहले भी चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने यूपी के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा यूपी से गुंडे लाकर बंगाल का माहौल खराब कर रही है। उन्होंने भाजपा पर कोरोना फैलाने का भी आरोप लगाया था।
ममता को हाईकोर्ट से झटका

वहीं चुनाव के बाद भड़की हिंसा मामले में आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगा है। दरअसल कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के बाद एक समिति बनाई गई है, जो हिंसा के मामलों की जांच करेगी और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के गठन का विरोध कर रहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए इसे करारा झटका माना जा रहा है। इससे पहले सोमवार को हाई कोर्ट ने टीएमसी की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें 18 जून के उस आदेश को रोकने की मांग की गई थी, जिसके तहत समिति के गठन का फैसला दिया गया था।

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