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Cyclone Yaas Live: ओडिशा का राउरकेला हवाईअड्डा बंद, बिहार में पटना और दरभंगा एयरपोर्ट अलर्ट पर

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02:25 PM, 27-May-2021
राउरकेला हवाईअड्डा आज भी बंद
चक्रवाती तूफान यास को देखते हुए कई राज्यों के हवाईअड्डे से विमानों का परिचालन रोक दिया गया था। इनमें से कई हवाईअड्डों से आज परिचालन शुरू कर दिया गया है। हालांकि, ओडिशा का राउरकेला हवाईअड्डा आज भी बंद रहेगा। वहीं भारी बारिश के चलते बिहार के पटना और दरभंगा एयरपोर्ट के लिए अलर्ट जारी किया गया है, जबकि रांची में परिचालन जारी है।

 

Airport resumed normal flight operations today morning while Rourkela Airport will remain closed today. #CycloneYaas now became a depression and is moving through Jharkhand towards Bihar: Airports Authority of India
— ANI (@ANI) May 27, 2021

 

01:45 PM, 27-May-2021
ओडिशा के सीएम ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान यास ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल ने भारी तबाही मचाई है। राज्य में नुकसान का आकलन करने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।

 

Odisha Chief Minister Naveen Patnaik conducts an aerial survey of Cyclone affected areas#CycloneYaas pic.twitter.com/mvFVv6yuU1
— ANI (@ANI) May 27, 2021

 

01:19 PM, 27-May-2021
झारखंड, बिहार, यूपी के लिए रेड अलर्ट जारी
आईएमडी के वैज्ञानिक राजेंद्र कुमार जेनामनी ने बताया कि गुरुवार रात और शुक्रवार को बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश होगी। गुरुवार और शुक्रवार के लिए झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। तूफान का प्रभाव अभी 36 घंटे रहेगा।

01:16 PM, 27-May-2021
आज रात को कमजोर होगा चक्रवात यास
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, सुबह 8:30 पर जमशेदपुर के 75 किलोमीटर पश्चिम में है। अभी भी तीव्र है। झारखंड में कुछ जगहों पर हवा की गति 50-60 किलोमीटकर प्रति घंटे है। आज रात धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा। इसका प्रभाव अभी कल रात तक रहेगा। उत्तर झारखंड में भारी से भारी बारिश होगी।

11:58 AM, 27-May-2021
बिहार के कई जिलों में यलो अलर्ट जारी
चक्रवाती यास तूफान का असर बिहार के बाकी हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के मध्य, दक्षिण और पश्चिम इलाकों में भी अगले 2-3 दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया गया है।

11:46 AM, 27-May-2021
झारखंड में बाढ़ जैसे हालात
झारखंड: चक्रवात यास की वजह से रांची में हो रही भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि बुधवार से यहां बारिश हो रही है। इसलिए यहां का रास्ता ब्लॉक हो गया है। हम यहां पिछले 30-35 साल से रह रहे हैं और जब भी भारी बारिश होती है तो यहां पानी भरता है।

 

झारखंड: चक्रवात यास की वजह से रांची में हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया,” कल से यहां बारिश हो रही है इसलिए यहां का रास्ता ब्लॉक हो गया है। हम यहां पिछले 30-35 साल से रह रहे हैं और जब भी बारिश होती है तो यहां पानी ऐसे ही भर जाता है।” https://t.co/yqdiw4jHIc pic.twitter.com/fZnlJ4Lgqf

— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 27, 2021
 

11:25 AM, 27-May-2021
रांची में तेज बारिश, नदी का पानी बढ़ा
झारखंड: चक्रवात यास की वजह से रांची में तेज बारिश हो रही है। बारिश के कारण नदी का पानी बढ़ गया है। यहां देखें वीडियो…

 

#WATCH | Jharkhand: Ranchi receives heavy rainfall due to #CycloneYaas
IMD has predicted generally cloudy sky with heavy rain today pic.twitter.com/JA17dsOJN9
— ANI (@ANI) May 27, 2021
 

10:18 AM, 27-May-2021
झारखंड: कई जिलों में रेड अलर्ट, 201 राहत शिविर बनाए
चक्रवात यास पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बाद झारखंड पहुंच गया है। पश्चिमी सिंहभूम के जिला कलेक्टर ने बताया कि चक्रवात के तांडव को देखते हुए 201 राहत शिविर बनाए गए हैं। 596 लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। निकासी जारी है। कुमारडुंगी में एनडीआरएफ की एक टीम लगाई गई है। चक्रवात यास कुमारडुंगी, मंझरी, चक्रधरपुर और चाईबासा से गुजरेगा। हमारे सभी प्रखंड रेड अलर्ट पर है।

 

Jharkhand | We have made 201 relief camps & evacuated 596 people. Evacuation is underway. One NDRF team is placed in Kumardungi. #CycloneYaas will pass from Kumardungi, Manjhari, Chakradharpur & Chaibasa. Our all blocks are on red alert: District Collector, West Singhbhum (26.05) pic.twitter.com/yN1YwaJbqB
— ANI (@ANI) May 27, 2021

09:19 AM, 27-May-2021
सेना, नौसेना व एनडीआरएफ की टीमों ने कसी कमर
तूफान के बाद राहत कार्य के लिए सेना, नौसेना और एनडीआरएफ की टीमों ने कमर कस ली है। गांवों से पानी निकाला जा रहा है। टूटकर गिरे पेड़ों को हटाकर रास्ता खोलने का काम भी शुरू हो गया है। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि बंगाल में प्रशासन की मदद के लिए 17 कॉलम राहत सैनिकों को मोेर्चे पर लगाया है। इन सैनिकों ने दीघा में फंसे 32 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बिजली के टूटे खंभों की मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है ताकि प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सके।

09:18 AM, 27-May-2021
महाराष्ट्र : मुंबई में तेज बारिश
महाराष्ट्र: मुंबई में तेज बारिश हो रही है। यहां देखें वीडियो …

 

#WATCH | Maharashtra: Rain lash parts of Mumbai. Visuals from Wadala area pic.twitter.com/umTbOc1Taj
— ANI (@ANI) May 27, 2021

09:17 AM, 27-May-2021
बंगाल: तेज हवा के साथ मध्यम बारिश
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल के हावड़ा, हुगली नॉर्थ और दक्षिण 24 परगना, बीरभूम, मुर्शिदाबाद जिलों के कुछ हिस्सों में आज 8:30 बजे से तेज हवा के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना जताई।

 

Thunderstorm with lightning & gusty wind speed 30-40 kmph & light to moderate rainfall likely to affect over some parts of Howrah, Hooghly North & South 24 Parganas, Birbhum, Murshidabad dists of West Bengal during next 1-3 hrs from 0830 hrs today: Regional Meteorological Centre
— ANI (@ANI) May 27, 2021
 

09:10 AM, 27-May-2021
ओडिशा सीएम ने चक्रवात प्रभावित 128 गांवों के लिए राहत की घोषणा
चक्रवात यास के चलते ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में 128 गांवों ज्वार-भाटा और बारिश का पानी भरा हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रभावित परिवारों के लिए सात दिन की राहत की घोषणा की। पटनायक ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि चक्रवात से प्रभावित सभी प्रमुख सड़कों की मरम्मत की जाए और अगले 24 घंटों के भीतर प्रभावित जिलों में 80 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाए।
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने कहा कि उन 128 गांवों के लोगों को सात दिनों तक पका हुआ भोजन या खाना पकाने की सामग्री और सूखा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय पंचायत निकाय और ब्लॉक स्तर के अधिकारी इसकी व्यवस्था करेंगे। इन गांवों से सड़क संपर्क टूटा हुआ है क्योंकि इन्हें जोड़ने वाली सड़कों पर पानी अभी भी बह रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभागों की 605 सड़कों में से 495 का मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, जबकि शेष का कार्य 24 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा

09:08 AM, 27-May-2021
आईएमडी ने कहा- आगामी 6 घंटे में कमजोर पड़ेगा चक्रवात
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि आगामी 6 घंटों में चक्रवात यास के उत्तर की ओर बढ़ने और उसके साथ ही धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।

 

The system is very likely to move nearly northwards and weaken gradually into a Depression during the next 06 hours: India Meteorological Department (IMD)
— ANI (@ANI) May 27, 2021
 

09:02 AM, 27-May-2021
भारतीय नौसेना की टीमें ने बंगाल में चलाया राहत अभियान
विशाखापत्तनम से 7 भारतीय नौसेना की टीमें (जिसमें 2 डाइविंग और 5 बाढ़ राहत दल शामिल हैं) ने चक्रवात यास के बाद पश्चिम बंगाल के दीघा, फ्रासेर्गंज और डायमंड हार्बर में राहत अभियान चलाया। भारतीय नौसेना ने इसकी जानकारी दी।
 

7 Indian Navy teams from Visakhapatnam, comprising 2 Diving & 5 Flood Relief Teams (FRT) undertake relief operations in aftermath of impending #CycloneYaas at 3 separate locations-Digha, Fraserganj & Diamond Harbour in West Bengal: Indian Navy pic.twitter.com/QYr78lcZ0C
— ANI (@ANI) May 27, 2021

 

08:46 AM, 27-May-2021
झारखंड पहुंचा चक्रवात यास, भारी बारिश का अलर्ट
ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में कहर बरपाने के बाद चक्रवात ‘यास’ बुधवार देर रात 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की हवाओं और भारी बारिश के साथ झारखंड की सीमा में पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 3 घंटे में यहां पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इतना ही नहीं इस तूफान का असर बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। 

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राजनीति: शरद पवार के मन में कौन सी खिचड़ी पक रही है, क्या पीके के साथ मिल कर हो रही महागठबंधन बनाने की तैयारी?

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सार
शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन अरविंद केजरीवाल, मायावती, अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है…

शरद पवार और प्रशांत किशोर की मुलाकात
– फोटो : अमर उजाला (फाइल)

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एनसीपी प्रमुख शरद पवार बिना किसी को भनक लगे राजनीति की चिड़िया के पर गिन लेने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उनकी राजनीति की चाल को उनके दोस्त भी समझ पाने में गच्चा खा जाते हैं। इन दिनों भी कुछ ऐसा ही है। एनसीपी प्रमुख ने सप्ताह के भीतर दो बार चुनाव प्रचार अभियान के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से भेंट की है। इस भेंट का कोई रहस्य बाहर नहीं आया है। एनसीपी के एक सांसद कहते हैं कि जब तक पवार साहब कुछ नहीं बताएंगे, पता भी नहीं चलेगा। इसलिए मैं क्या कह सकता हूं। उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले के सचिवालय को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हां, इतना जरूर है कि प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में उतरकर पारी खेलने के लिए तैयार हैं।
क्या राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने का होगा प्रयास?
प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव प्रचार अभियान में रणनीतिकार की भूमिका का काम छोड़ देंगे। इससे पहले प्रशांत किशोर 12 जून को शरद पवार से मिले थे। एनसीपी के नेता नवाब मलिक को फिलहाल देश में समान विचारधारा वाले दलों के एक महागठबंधन की जरूरत महसूस हो रही है।ऐसे में विपक्ष के खेमे में सबसे ज्यादा हलचल शरद पवार और प्रशांत किशोर की दूसरी भेंट को लेकर ही है। भाजपा छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए और राष्ट्र मंच बनाने वाले यशवंत सिन्हा भी 22 जून को शरद पवार के घर में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। शरद पवार के अलावा करीब 12-14 दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शरीक होंगे।संघ के विचारकों में गिने जाने वाले भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री और नब्बे के दशक में राजनीति में छाये रहने वाले एक पूर्व राजनेता का कहना है कि हो सकता है पवार साहब राजनीतिक गोलबंदी करने की योजना बना रहे हों। क्या पता किसी तीसरे मोर्चे की कोशिश चल रही हो? क्योंकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन तथा पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बस का कुछ खास नहीं है।
होगा वही जो शरद पवार चाहेंगे
कांग्रेस के नेता महेंद्र जोशी ने भी शरद पवार के तमाम दौर देखे हैं। वह कहते हैं कि आखिर मैं शरद पवार के बारे में क्या बता सकता हूं। न जाने उनके मन में क्या खिचड़ी पक रही है। दरअसल शरद पवार राजनीति की शतरंज के मंजे खिलाड़ी हैं और घोड़े की ढाई कदम की चाल की कला उनके अंगुलियों पर रहती है।हालांकि महाराष्ट्र के ही कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि उनके प्रदेश के अध्यक्ष नाना पटोले को थोड़ा संभलकर और अपने शब्दों को तोलकर बोलना चाहिए। यह समझाइश इस बिना पर आई है कि 22 जून को विपक्ष के नेताओं से मिलकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना को खास संदेश दे रहे हैं।महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता इस राजनीतिक संदेश को मानते भी हैं और उनका कहना है कि देश में कोई महागठबंधन या शरद पवार द्वारा उसके नेतृत्व का मामला अभी बहुत प्रारंभिक स्थिति में है। कुछ भी कहना जल्दबाजी है। लेकिन फिर भी महाराष्ट्र में वही होगा जो शरद पवार चाहेंगे।एनसीपी के एक नेता मानते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार की पहली निगाह यथाशीघ्र महाराष्ट्र की मौजूदा शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की सरकार को गिरा देने की है। इसकी कोशिशें भी चल रही हैं। वह शिवसेना के विधायक के बयान का भी जिक्र इसी से जोड़कर करते हैं।कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र फिलहाल उद्धव ठाकरे और शरद पवार का सबकुछ दांव पर है। इसलिए हमारी विवशता है कि हम महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ बने रहें और शिवसेना की सरकार चलती रहे। बताते हैं 22 जून की बैठक का इससे भी एक बड़ा लेना-देना है।
क्या प्रधानमंत्री मोदी का विकल्प बनेंगे शरद पवार?
शरद पवार राजनीति में क्या करेंगे, क्या सोचेंगे और कब क्या कहेंगे और अंत में क्या निर्णय लेंगे, यह उनके सिवाय कोई नहीं जानता। फिलहाल 22 जून को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करके वह देश में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक माहौल जरूर बनाते नजर आएंगे। शरद पवार की इस बैठक को कांग्रेस पार्टी के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है। मौजूदा समय में देश में शरद पवार ही एक मात्र ऐसे राजनीति के सरदार हैं, जिनकी हर दल में पैठ है। विपक्ष में उनके कद का कोई दूसरा राजनीतिक चेहरा नहीं है।शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बसपा प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है। इसलिए राजनीति के दिग्गजों की निगाहें भी 80 साल के मराठा सरदार की अगली रणनीति पर ही टिकी हैं।

विस्तार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार बिना किसी को भनक लगे राजनीति की चिड़िया के पर गिन लेने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उनकी राजनीति की चाल को उनके दोस्त भी समझ पाने में गच्चा खा जाते हैं। इन दिनों भी कुछ ऐसा ही है। एनसीपी प्रमुख ने सप्ताह के भीतर दो बार चुनाव प्रचार अभियान के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से भेंट की है। इस भेंट का कोई रहस्य बाहर नहीं आया है। एनसीपी के एक सांसद कहते हैं कि जब तक पवार साहब कुछ नहीं बताएंगे, पता भी नहीं चलेगा। इसलिए मैं क्या कह सकता हूं। उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले के सचिवालय को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। हां, इतना जरूर है कि प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में उतरकर पारी खेलने के लिए तैयार हैं।

क्या राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने का होगा प्रयास?
प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ही घोषणा कर दी थी कि वह चुनाव प्रचार अभियान में रणनीतिकार की भूमिका का काम छोड़ देंगे। इससे पहले प्रशांत किशोर 12 जून को शरद पवार से मिले थे। एनसीपी के नेता नवाब मलिक को फिलहाल देश में समान विचारधारा वाले दलों के एक महागठबंधन की जरूरत महसूस हो रही है।

ऐसे में विपक्ष के खेमे में सबसे ज्यादा हलचल शरद पवार और प्रशांत किशोर की दूसरी भेंट को लेकर ही है। भाजपा छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए और राष्ट्र मंच बनाने वाले यशवंत सिन्हा भी 22 जून को शरद पवार के घर में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। शरद पवार के अलावा करीब 12-14 दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शरीक होंगे।
संघ के विचारकों में गिने जाने वाले भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री और नब्बे के दशक में राजनीति में छाये रहने वाले एक पूर्व राजनेता का कहना है कि हो सकता है पवार साहब राजनीतिक गोलबंदी करने की योजना बना रहे हों। क्या पता किसी तीसरे मोर्चे की कोशिश चल रही हो? क्योंकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन तथा पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बस का कुछ खास नहीं है।

होगा वही जो शरद पवार चाहेंगे
कांग्रेस के नेता महेंद्र जोशी ने भी शरद पवार के तमाम दौर देखे हैं। वह कहते हैं कि आखिर मैं शरद पवार के बारे में क्या बता सकता हूं। न जाने उनके मन में क्या खिचड़ी पक रही है। दरअसल शरद पवार राजनीति की शतरंज के मंजे खिलाड़ी हैं और घोड़े की ढाई कदम की चाल की कला उनके अंगुलियों पर रहती है।हालांकि महाराष्ट्र के ही कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि उनके प्रदेश के अध्यक्ष नाना पटोले को थोड़ा संभलकर और अपने शब्दों को तोलकर बोलना चाहिए। यह समझाइश इस बिना पर आई है कि 22 जून को विपक्ष के नेताओं से मिलकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना को खास संदेश दे रहे हैं।महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता इस राजनीतिक संदेश को मानते भी हैं और उनका कहना है कि देश में कोई महागठबंधन या शरद पवार द्वारा उसके नेतृत्व का मामला अभी बहुत प्रारंभिक स्थिति में है। कुछ भी कहना जल्दबाजी है। लेकिन फिर भी महाराष्ट्र में वही होगा जो शरद पवार चाहेंगे।एनसीपी के एक नेता मानते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार की पहली निगाह यथाशीघ्र महाराष्ट्र की मौजूदा शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की सरकार को गिरा देने की है। इसकी कोशिशें भी चल रही हैं। वह शिवसेना के विधायक के बयान का भी जिक्र इसी से जोड़कर करते हैं।कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र फिलहाल उद्धव ठाकरे और शरद पवार का सबकुछ दांव पर है। इसलिए हमारी विवशता है कि हम महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ बने रहें और शिवसेना की सरकार चलती रहे। बताते हैं 22 जून की बैठक का इससे भी एक बड़ा लेना-देना है।

क्या प्रधानमंत्री मोदी का विकल्प बनेंगे शरद पवार?
शरद पवार राजनीति में क्या करेंगे, क्या सोचेंगे और कब क्या कहेंगे और अंत में क्या निर्णय लेंगे, यह उनके सिवाय कोई नहीं जानता। फिलहाल 22 जून को विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करके वह देश में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक माहौल जरूर बनाते नजर आएंगे। शरद पवार की इस बैठक को कांग्रेस पार्टी के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है। मौजूदा समय में देश में शरद पवार ही एक मात्र ऐसे राजनीति के सरदार हैं, जिनकी हर दल में पैठ है। विपक्ष में उनके कद का कोई दूसरा राजनीतिक चेहरा नहीं है।शरद यादव, मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव के शिथिल स्वास्थ्य के कारण विपक्षी दलों में अन्य लीड करने वाले नेताओं का अभाव है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कद जरूर बढ़ा है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बसपा प्रमुख मायावती, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी या फिर डीएमके के एमके स्टालिन का चेहरा राष्ट्रीय स्तर पर इतना मजबूत अभी नहीं बन सका है। इसलिए राजनीति के दिग्गजों की निगाहें भी 80 साल के मराठा सरदार की अगली रणनीति पर ही टिकी हैं।

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महाराष्ट्र में कोरोना : 24 घंटे में 6270 नए मामले, 21 लोगों में मिला डेल्टा प्लस वेरिएंट, 94 की मौत

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एएनआई, मुुंबई।
Published by: योगेश साहू
Updated Mon, 21 Jun 2021 10:59 PM IST

सार
महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है।  

कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : PTI

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महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बता दें कि डेल्टा प्लस वेरिएंट, डेल्टा वेरिएंट का बदला हुआ रूप है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या 1,24,398 हो गई है, जबकि कुल 57,33,215 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 1,18,313 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।बात करें मुंबई की तो यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 521 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 685 लोग ठीक हुए हैं। इस दौरान 7 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। मुंबई में सक्रिय मामलों की संख्या 14,637 हो गई है। कुल 6,89,675 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक यहां 15,305 लोगों की मौत हुई है।

विस्तार

महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,270 नए मामले सामने आए हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकरी के अनुसार, इस दौरान 94 लोगों की मौत हुई है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 21 लोगों में कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पुष्टि हुई है। बता दें कि डेल्टा प्लस वेरिएंट, डेल्टा वेरिएंट का बदला हुआ रूप है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों की संख्या 1,24,398 हो गई है, जबकि कुल 57,33,215 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में अब तक कुल 1,18,313 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है।

बात करें मुंबई की तो यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 521 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 685 लोग ठीक हुए हैं। इस दौरान 7 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। मुंबई में सक्रिय मामलों की संख्या 14,637 हो गई है। कुल 6,89,675 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक यहां 15,305 लोगों की मौत हुई है।

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कोलकाता: ममता का गंभीर आरोप, कहा- यूपी से बहकर बंगाल में आ रहीं लाशें, राज्य में फैल सकता है कोरोना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 21 Jun 2021 09:44 PM IST

सार
ममता ने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
– फोटो : ANI

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोल रही है। वहीं अब ममता बनर्जी ने भी भाजपा को घेरने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है।उन्होंने कहा है कि गंगा नदी में यूपी से शव बहकर बंगाल आ रहे हैं और इससे राज्य में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं और उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने यूपी के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा यूपी से गुंडे लाकर बंगाल का माहौल खराब कर रही है। उन्होंने भाजपा पर कोरोना फैलाने का भी आरोप लगाया था।ममता को हाईकोर्ट से झटकावहीं चुनाव के बाद भड़की हिंसा मामले में आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगा है। दरअसल कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के बाद एक समिति बनाई गई है, जो हिंसा के मामलों की जांच करेगी और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के गठन का विरोध कर रहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए इसे करारा झटका माना जा रहा है। इससे पहले सोमवार को हाई कोर्ट ने टीएमसी की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें 18 जून के उस आदेश को रोकने की मांग की गई थी, जिसके तहत समिति के गठन का फैसला दिया गया था।

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोल रही है। वहीं अब ममता बनर्जी ने भी भाजपा को घेरने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा है कि गंगा नदी में यूपी से शव बहकर बंगाल आ रहे हैं और इससे राज्य में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे कई शवों को देखा है। इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। हम नदी से शवों को निकाल रहे हैं और उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। 

बता दें कि इससे पहले भी चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने यूपी के मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा यूपी से गुंडे लाकर बंगाल का माहौल खराब कर रही है। उन्होंने भाजपा पर कोरोना फैलाने का भी आरोप लगाया था।
ममता को हाईकोर्ट से झटका

वहीं चुनाव के बाद भड़की हिंसा मामले में आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका लगा है। दरअसल कलकत्ता हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के बाद एक समिति बनाई गई है, जो हिंसा के मामलों की जांच करेगी और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के गठन का विरोध कर रहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए इसे करारा झटका माना जा रहा है। इससे पहले सोमवार को हाई कोर्ट ने टीएमसी की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें 18 जून के उस आदेश को रोकने की मांग की गई थी, जिसके तहत समिति के गठन का फैसला दिया गया था।

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