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Cyclone Yaas Live: भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हुआ ‘यास’, ओडिशा के धामरा बंदरगाह के करीब पहुंचा

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07:01 AM, 26-May-2021
दिघा में समुद्र की तेज लहरें  
तूफान यास के नजदीक आने के साथ-साथ प. बंगाल के दिघा में समुद्र की तेज लहरें।  
#WATCH | West Bengal: Sea turns rough at Digha in Purba Medinipur district, as #CycloneYaas nears landfall. pic.twitter.com/19nbvbgHNL— ANI (@ANI) May 26, 2021

06:45 AM, 26-May-2021
बंगाल के दिघा में तेज लहरें
यास तूफान के निकट आने के साथ ही बंगाल के दिघा में समुद्र तट पर लहरें और हवाएं तेज हो गई हैं। 
West Bengal | As #CycloneYaas nears landfall, sea turns rough at Digha in the Purba Medinipur district pic.twitter.com/ElQMQQ781S— ANI (@ANI) May 26, 2021

06:31 AM, 26-May-2021
धामरा में तेज हवाओं के साथ बारिश
यास के पहुंचने से पहले ओडिशा में भद्रक के धामरा में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। 
Odisha | Strong winds coupled with heavy showers lash Dhamra in the Bhadrak district, ahead of #CycloneYaas landfall pic.twitter.com/6MrqBPhfx5— ANI (@ANI) May 26, 2021

06:18 AM, 26-May-2021
यास तूफान बंगाल की खाड़ी में ओडिशा के धामरा से 60 किमी, पारादीप से 90 किमी व बगाल के दिखा से 100 किमी दूर पहुंचा।
 

06:15 AM, 26-May-2021
बंगाल में दो लाख से अधिक पुलिसकर्मी व नागरिक स्वयंसेवक तैनात
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए 74,000 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा दो लाख से अधिक पुलिसकर्मियों एवं नागरिक स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) कर्मियों को तैनात किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर सेना की भी मदद ली जाएगी।

 

05:49 AM, 26-May-2021
लाखों लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उनके प्रशासन ने नौ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वहीं, ओडिशा सरकार का कहना है कि उसने सुरक्षा को देखते हुए तटीय जिलों से तीन लाख से अधिक लोगों को निकाला है।

 

05:29 AM, 26-May-2021
दक्षिण पूर्व रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की
इसी तरह, भुवनेश्वर का बीजू पटनायक हवाईअड्डा मंगलवार रात 11 बजे से बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे तक बंद रहेगा। दक्षिण पूर्व रेलवे ने भी कई ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है। चक्रवात के मद्देनजर पड़ोसी राज्य झारखंड ने भी अलर्ट जारी किया है और चक्रवात के प्रभाव के मद्देनजर तैयारी की जा रही है।

 

05:13 AM, 26-May-2021
कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानों का संचालन निरस्त
चक्रवात के खतरे के बीच भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने कहा कि कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बुधवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 7:45 तक उड़ानों का संचालन निरस्त रहेगा।

 

04:58 AM, 26-May-2021
दोपहर तक धामरा तट से टकराएगा तूफान यास
मौसम विभाग के मुताबिक यास बेहद ताकतवर तूफान में तब्दील होकर ओडिशा के तटीय इलाकों में उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा की तरफ बढ़ेगा और दोपहर तक धामरा के उत्तर व बालासोर के दक्षिण में पहुंचेगा। इस दौरान 130-140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

 

#CycloneYaas is ‘very likely’ to move north-northwestwards to reach near north Odisha coast close to north of Dhamra & south of Balasore by noon today, as a ‘very severe cyclonic storm’ with wind speed of 130-140 kmph (issued at 0300 hrs): India Meteorological Department (IMD) pic.twitter.com/iiHZxuOz1I— ANI (@ANI) May 25, 2021
 

04:50 AM, 26-May-2021
Cyclone Yaas Live: भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हुआ ‘यास’, ओडिशा के धामरा बंदरगाह के करीब पहुंचा
चक्रवात यास मंगलवार की शाम को भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। इसके चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जोखिम वाले क्षेत्रों से 12 लाख से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक एम. महापात्र ने कहा कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए ‘रेड कोडेड’ चेतावनी जारी की गई है। महापात्र ने कहा कि उत्तर पश्चिम और बंगाल की खाड़ी में गंभीर चक्रवाती तूफान यास भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है।
यह उत्तर- उत्तर पश्चिम की तरफ मुड़ सकता है तथा इसकी तीव्रता और अधिक हो सकती है। यह बुधवार की सुबह तक उत्तर ओडिशा में धामरा बंदरगाह के पास दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात के दौरान हवा की गति 155 से 165 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने और इसके बढ़कर 185 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की संभावना है।
चक्रवात के खतरे के बीच भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने कहा कि कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बुधवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 7:45 तक उड़ानों का संचालन निरस्त रहेगा।

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चीन की उन्नत समाजवादी देश परियोजना: उपनिवेशवाद तथा कब्जे के नए तरीके जिनसे दुनिया है हैरान

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इस समय चीन न केवल भारत, बल्कि अमेरिका सहित दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी अलग-अलग वजहों से परेशानी का कारण बना हुआ है। एक साल पहले गलवां घाटी में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद केंद्र सरकार ने टिकटॉक समेत ढेरों चाइनीज एप्स पर देश में पाबंदी लगा दी थी। इन एप्स से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा बताया गया था। हालांकि विशेषज्ञ एप्स पर लगे प्रतिबंध को चीन के प्रति आशंकाओं का एक बहुत ही छोटा-सा हिस्सा मानते हैं। उस समय युद्ध जैसे हालात बनते बनते रह गए थे।दूसरी ओर यह देश भारत के पड़ोसी देशों में अपनी पकड़ लगातार बढ़ाता जा रहा है। पाकिस्तान को उसने पहले ही अपने कर्ज के जाल में फंसा रखा है। श्रीलंका में भी उसकी पैठ गहराती जा रही है। नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार में भी उसका दखल बढ़ रहा है।दुनिया इस समय कोरोना महामारी से जूझने में जुटी हुई है और चीन विस्तारवाद की राह पर अपनी गति बढ़ा रहा है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में कोविड से बचाव के टीकों को अधिक से अधिक लोगों को लगाने की जद्दोजहद चल रही है। वहीं विकासशील देशों में टीकों का टोटा चल रहा है और चीन इसका फायदा उठाने में जुटा हुआ है। भारत अभी भी अपनी पहली स्वदेशी कोविड वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता दिलाने की प्रक्रिया में है और चीन की दो वैक्सीन को यह अनुमति दी जा चुकी है।इतना ही नहीं चीन दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता और उत्पादक देश अमेरिका को पीछे छोड़ने से कुछ ही कदम पीछे रह गया है। उसने अब तक औसतन प्रत्येक 100 में से 50 नागरिकों को कोविड का टीका लगा दिया है। इतना ही नहीं चीन दुनिया के 60 देशों को मुफ्त या सस्ती वैक्सीन भी उपलब्ध करा चुका है।कोरोना से बढ़ रही मौतों से चिंतित अमेरिका ने दुनिया के जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देने का काम कुछ समय के लिए रोक दिया था। भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर ही वजह से यह काम रोक दिया गया था। उसी समय चीन ने दुनिया के अलग अलग भौगोलिक स्थिति वाले देशों को अपनी वैक्सीन दी। चीन में इस समय 49 वैक्सीन पर शोध किया जा रहा है और छह को वह अपने नागरिकों को लगा रहा है। चीन ने पिछले साल 2020 में ही छह कोविड वैक्सीन को देश के भीतर उपयोग की अनुमि दे दी थी और अब तक इनका प्रयोग किया जा रहा है।वैक्सीन उपनिवेशवादअमेरिका में इस समय 66 वैक्सीन पर शोध और उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। चीन इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है और तीसरे नंबर पर यूरोप के देश हैं। 2021 की शुरुआत के बाद चीन ने वैक्सीन राष्ट्रवाद का फायदा उठाया और मेक्सिको, पेरू, चिली, अर्जेंटीना, रूस, पाकिस्तान और इंडोनेशिया जैसे एक दर्जन से ज्यादा देशों में अपनी वैक्सीन का ट्रायल किया।वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने देश को ‘एडवांस्ड सोशलिस्ट कंट्री’ बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इससे अमेरिका और अन्य विकसित देश परेशान हैं। ‘एडवांस्ड सोशलिस्ट कंट्री’ प्रोजेक्ट के तहत चीन खुद को 2049 तक दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत के रूप में प्रतिष्ठित करना चाहता है। यदि वह इसे प्राप्त कर लेता है तो अमेरिका दूसरे पायदान पर पहुंच जाएगा। वहीं तकनीकी मोर्चे पर आगे दिखाई दे रहे कई यूरोपीय देशों की हैसियत भी कम हो जाएगी।चीन की डरावनी योजनाएंचीन की कई ऐसी भावी योजनाएं हैं, जो इस समय दुनिया को आश्चर्यचकित करने के साथ-साथ डरा भी रही हैं। निवेश और कर्ज के भी जाल में वह कई देशों को फांस चुका है। हमारा पड़ोसी देश बांग्लादेश भी उसके इस जाल में फंसता जा रहा है। चीन वहां 2030 तक 100 स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) स्थापित करने की घोषणा कर चुका है। इसमें अरबों डॉलर का निवेश करने के लिए कई चीनी कंपनियां भी तैयार हैं।बीआरआई योजनाइसी तरह चीन की बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) योजना है जिसके तहत 2049 तक दुनिया के करीब 70 देशों में बुनियादी संरचनाओं का निर्माण कर उन्हें एकसाथ लाया जा रहा है, लेकिन इसका असली मकसद व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करना व भारत और अमेरिका को घेरना है। इन तमाम योजनाओं में एक और महत्वाकांक्षी योजना है – ‘मेड इन चाइना 2025’ जिसे चीन ने साल 2015 में लॉन्च किया था। फिर अंतरिक्ष का क्षेत्र भी है जहां चीन अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कर दुनिया पर नजर रखने की महत्वाकांक्षा पाले हुए है। हाल ही में उसने अपने तीन अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में भेजा है। ये तीनों चीन के निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन में तीन महीने तक रहेंगे।अंतरिक्ष में चुनौतीअंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए चीन ने 2021 से 2022 के बीच 11 बार अंतरिक्ष यानों को भेजने की योजना बनाई है जिनमें तीन अभियान पूरे हो चुके हैं। वह तियांजू-2 कार्गो शिप को पहले ही अंतरिक्ष में भेज चुका है। चीनी एजेंसी के अनुसार 11 में से तीन बार उसके यानों से स्टेशन के मॉड्यूल, चार बार कार्गो स्पेसशिप और चार बार अंतरिक्ष यात्री स्टेशन के लिए रवाना होंगे। वह साल 2022 तक 10 ऐसे ही और मॉड्यूल लॉन्च करना चाहता है जो पृथ्वी का चक्कर लगाएंगे।आशंकित अमेरिकाअमेरिका कई बार आशंका जता चुका है कि चीन भविष्य में अपनी अंतरिक्ष परियोजनाओं का इस्तेमाल अमेरिका और उसके मित्र देशों की जासूसी करने में कर सकता है। यही वजह है कि वो खुद को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग कर चुका है और अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।जासूसी का खतरा?अब तक अंतरिक्ष में अमेरिका का वर्चस्व था। वह स्पेस सुप्रीमेसी का फायदा भी उठा रहा था। लेकिन अब चीन पर अंतरिक्ष से जासूसी करने के आरोप लगने लगे हैं। ताइवान पहले ही अपने सरकारी कर्मचारियों को उन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से मना कर चुका है जिसमें नेविगेशन के लिए चीनी सॉफ्टवेयर बाइदू इंस्टॉल हैं। उसे शक है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर जरूरी सूचनाएं चीन की सेना व सरकार तक पहुंचाई जा सकती हैं।आशंका की वजह क्या है?दरअसल, चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ‘चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ सेना का अंग है। इसलिए वह अपने हर प्रोजेक्ट के लिए सेना के प्रति उत्तरदायी है। हालांकि अंतरिक्ष अनुसंधान में चीन अब भी अमेरिका से काफी पीछे है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी प्रगति चौंकाने वाली है। चीन ने पिछले साल बाइदू नेटवर्क अभियान के तहत पांच टन वजनी उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित किया था। बाइदू नेटवर्क अमेरिका के विश्वव्यापी ‘ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) के विकल्प के रूप में बनाया गया है। चीन ने अपने इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 10 अरब डॉलर खर्च किए हैं।

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अनुच्छेद 370: केंद्रीय मंत्री तोमर बोले- दिग्विजय सिंह का बयान देश का कांग्रेस मुक्त कराने वाला

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:01 PM IST

सार
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर अब केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पलटवार किया है। तोमर ने कहा कि इसे बहाल करना संभव नहीं होगा।  

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
– फोटो : एएनआई

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयारकेंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विस्तार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।

तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।

कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयार
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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वार : कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल बोले- प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया

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पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:37 PM IST

सार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

कपिल सिब्बल
– फोटो : PTI

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है, लेकिन अपने राजनीतिक भाग्य को सुरक्षित मानते हुए वह कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद नहीं कर सकते।सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कोविड के दौरान चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यस्त थे। समाचार एजेंसी पीटीआई से चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का मतलब यह नहीं है कि पीएम को अपने कर्तव्य का निर्वहन रोक देना चाहिए और यह मान लेना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है। सिब्बल ने सरकार पर कोविड-19 टीकाकरण की रणनीति के लिए अपनी अयोग्यता के लिए भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक लापरवाही की हद है। महामारी से निपटने में सरकार की प्राथमिकताएं गलत और दोषपूर्ण हैं और ईमानदारी की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि टूलकिट मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि उनकी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए जालसाजी का एक प्रयास है।सिब्बल ने दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगियों को बचाने में निष्क्रियता के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बंद कर देना चाहिए।

विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है, लेकिन अपने राजनीतिक भाग्य को सुरक्षित मानते हुए वह कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद नहीं कर सकते।

सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कोविड के दौरान चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यस्त थे। समाचार एजेंसी पीटीआई से चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का मतलब यह नहीं है कि पीएम को अपने कर्तव्य का निर्वहन रोक देना चाहिए और यह मान लेना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है। 

सिब्बल ने सरकार पर कोविड-19 टीकाकरण की रणनीति के लिए अपनी अयोग्यता के लिए भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक लापरवाही की हद है। महामारी से निपटने में सरकार की प्राथमिकताएं गलत और दोषपूर्ण हैं और ईमानदारी की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि टूलकिट मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि उनकी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए जालसाजी का एक प्रयास है।
सिब्बल ने दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगियों को बचाने में निष्क्रियता के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बंद कर देना चाहिए।

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