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Chandra Grahan 2021 LIVE Updates: सुपर ब्लड मून की तरह दिखाई देगा आज लगने वाला चंद्रग्रहण, यहां पर देखा जा सकेगा पूर्ण चंद्रग्रहण

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11:12 AM, 26-May-2021
चंद्रग्रहण की घटना को यहां देख सकते हैं लाइव
पूर्ण चंद्रग्रहण पूर्वी एशिया, प्रशांत महासागर, उत्तरी व दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा। लेकिन आप इस चंद्रग्रहण को कई youtube चैनलों पर लाइव स्ट्रीमिंग भी देख सकते हैं। खासतौर पर timeanddate और cosmoSapiens पर।

11:04 AM, 26-May-2021
आज कितने बजे से शुरू होगा चंद्रग्रहण
हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की तिथि पर ही लगता है। आज वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि है इसी दिन भगवान बुद्ध की जयंती भी मनाई जाती है। आज चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से होगी जोकि शाम के 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। 4 बजकर 49 मिनट पर चंद्रग्रहण का मध्यकाल रहेगा।

10:59 AM, 26-May-2021
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
धर्म शास्त्रों में ग्रहण को अशुभ माना गया है। ग्रहण के दौरान खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानियां बरतने की सलाह की दी गई। 
– चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए।
– गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के दौरान किसी भी तरह की नुकीली चीजों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
– गर्भवती महिलाओं को सूतक लगने के दौरान किसी भी तरह का भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए।

10:49 AM, 26-May-2021
दुनिया में यहां पर देखा जा सकेगा पूर्ण चंद्रग्रहण
साल 2021 का यह पूर्ण चंद्रग्रहण पूर्वी एशिया, प्रशांत महासागर, उत्तरी व दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा। इन जगहों पर पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा सुर्ख लाल रंग को हो जाएगा। इसे ही सुपर ब्लड मून कहा जाता है। यानी चंद्रग्रहण सुपर ब्लड मून की तरह नजर आएगा।

10:41 AM, 26-May-2021
भारत में यहां पर देखा जा सकेगा उपछाया चंद्रग्रहण
वर्ष 2021 का यह पहला चंद्रग्रहण भारत में उपछाया चंद्रग्रहण होगा। उपछाया चंद्रग्रहण में चांद पर मात्र पृथ्वी की हल्की छाया पड़ती हुई दिखाई देती है। शाम के समय यह बंगाल और पूर्वी भारत के हिस्सों में कुछ ही देर के लिए देखा जा सकेगा। अगरतला, कोलकाता, चेरापूंजी, कूचबिहार, इंफाल, ईटानगर, गुवाहटी, मालदा, कोहिमा, लुमडिंग, पुरी, सिल्चर और दीघा में यह चंद्रग्रहण दिखाई दे सकता है।

10:38 AM, 26-May-2021
इस साल दो चंद्रग्रहण
इस वर्ष केवल दो ही चंद्रग्रहण देखने को मिलेंगे। पहला आज यानि 26 मई को और दूसरा 19 नवंबर को दिखाई देगा। 26 मई को चंद्रग्रहण अनुराधा नक्षत्र और वृश्चिक राशि में लग रहा है जबकि दूसरा चंद्रग्रहण कृत्तिका नक्षत्र और वृषभ राशि में प्रभावी होगा।

10:34 AM, 26-May-2021
चंद्रग्रहण के दौरान इन मंत्रों का जाप करना लाभकारी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए। मंत्रों के लगातार जाप से ग्रहण का प्रभाव कम रहता है। आप आज के दिन चंद्रग्रहण के प्रभाव कम करने के लिए दो मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन

हेमताराप्रदानेन मम शांतिप्रदो भव ॥
विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत
दानेनानेन नागास्य रक्ष मां वेधजादभयात॥

10:28 AM, 26-May-2021
चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि में लगेगा इसलिए ग्रहण का असर इस राशि में ज्यादा 
आज दोपहर में लगने वाला चंद्रग्रहण वृश्चिक राशि में लगेगा इस कारण से ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव इसी राशि में देखा जाएगा। आपसी मतभेद बढ़ने के संकेत है। मानसिक परेशानियां रहेंगी। इस अवधि में इस राशि के जातकों को चंद्र ग्रहण से जुड़े मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से आप ग्रहण के अशुभ प्रभावों को कम कर सकते हैं।

10:22 AM, 26-May-2021
भारत में सूतक का प्रभाव क्यों नहीं होगा?
आज लगने वाला चंद्रग्रहण भारत में उपछाया के रूप में दिखाई देगा जबकि भारत के अलावा कई देशों में पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उपछाया चंद्रग्रहण में सूतककाल मान्य नहीं होता है। ज्योतिष में उपछाया चंद्रग्रहण को ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। सूतक मान्य नहीं होने के कारण पहले की तरह कार्य में किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं रहेगी।

10:11 AM, 26-May-2021
मीन राशि पर ग्रहण का प्रभाव
बच्चों की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वाद-विवाद से बचें और गलतफहमी को दूर करने के लिए संवाद करने का प्रयास करें। कोर्ट कचहरी के मामलों में अगर फंसे हुए हैं तो विजय प्राप्त होने के संकेत हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। धन लाभ के योग बनेंगे।

10:07 AM, 26-May-2021
कुंभ राशि पर ग्रहण का प्रभाव
आपको कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में घाटा हो सकता है। कोई भी काम समझदारी से करें। वाहन को सावधानी से चलाएं। सिरदर्द से परेशान हो सकते हैं। माता को कष्ट मिलने के संकेत मिल रहे हैं, साथ ही थोड़े शुभ संकेत भी मिल सकते हैं जैसे भूमि, वाहन से लाभ मिल सकता है। 

10:04 AM, 26-May-2021
मकर राशि पर ग्रहण का प्रभाव
धन लाभ के योग बनेंगे, जिसके कारण आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पार्टनर के साथ संबंध अच्छे रहेंगे धैर्य रखें और ध्यान करें। संतान के सुख की प्राप्ति होगी, विद्या अध्ययन कर रहे लोगों को विद्या के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। नौकरी और व्यापार में सफलता हासिल करेंगे।

09:58 AM, 26-May-2021
धनु राशि पर ग्रहण का प्रभाव
अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा किसी के साथ वाद-विवाद हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखने की भी आवश्यकता है आर्थिक नुकसान के संकेत दे रहा है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।

09:50 AM, 26-May-2021
वृश्चिक राशि पर ग्रहण का प्रभाव
अपनी सेहत का ध्यान। जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद और मतभेद के संकेत है। आर्थिक नुकसान होने के भी संकेत मिल रहे हैं इसलिए फिजूल के खर्चों को नियंत्रित करें। ईश्वर की भक्ति में लीन होने की कोशिश करें सफलता अवश्य मिलेगी। इस दौरान आपके कार्यों में बाधाएं उत्पन्न होंगी। करियर में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

09:44 AM, 26-May-2021
तुला राशि पर ग्रहण का प्रभाव
तुला राशि के लोगों को धन की प्राप्ति के संकेत मिल रहे हैं, इसलिए फिजूल खर्चों से बचें। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हल्के-फुल्के उतार-चढ़ाव संभव हैं किंतु कोई बड़ी बीमारी होने का कोई संकेत नहीं है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पार्टनर की सेहत के प्रति भी सचेत रहें।

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कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

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अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

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कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

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अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

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