Connect with us

India

वारदात : गाजियाबाद के व्यापारी के घर में घुसे डकैत, बंदूक के बल पर बंधक बनाकर ले उड़े एक करोड़

Published

on

{“_id”:”60ae46b9b23abb2f782b31bd”,”slug”:”robbery-in-ghaziabad-worth-one-crore-rupees-breaking-news-crime-in-delhi-ncr”,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”u0935u093eu0930u0926u093eu0924 : u0917u093eu091cu093fu092fu093eu092cu093eu0926 u0915u0947 u0935u094du092fu093eu092au093eu0930u0940 u0915u0947 u0918u0930 u092eu0947u0902 u0918u0941u0938u0947 u0921u0915u0948u0924, u092cu0902u0926u0942u0915 u0915u0947 u092cu0932 u092au0930 u092cu0902u0927u0915 u092cu0928u093eu0915u0930 u0932u0947 u0909u0921u093cu0947 u090fu0915 u0915u0930u094bu0921u093c”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”u0936u0939u0930 u0914u0930 u0930u093eu091cu094du092f”,”slug”:”city-and-states”}}

अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 26 May 2021 06:50 PM IST

सार
ट्रॉनिका सिटी में एक करोड़ की डकैती से सनसनी फैल गई है। छह बदमाश 90 लाख रुपये कैश और 10 लाख के जेवरात ले गए। 

इसी घर में हुई डकैती
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी थानाक्षेत्र की अंसल कॉलोनी में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर छोटे खां के घर में बुधवार शाम को डकैती की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। हथियारबंद छह बदमाशों ने छोटे खां के घर पर धावा बोल दिया और परिजनों को गन प्वाइंट पर बंधक बनाकर छोटे खां, उनके भाई और किराएदार के घर में रखे 90 लाख रुपये कैश और 10 लाख से अधिक के जेवर लूटकर ले गए। बताया जा रहा है कि छोटे खां के किराएदार को मकान खरीदना था। इसी के लिए उसने पैसे रखे हुए थे।मालूम हो कि गाजियाबाद में बेखौफ बदमाशों द्वारा अंजाम दी गई यह कोई पहली वारदात नहीं है। आए दिन हथियारबंद बदमाश इस तरह की डकैती करते हैं। इससे पहले मार्च में ही लोनी कोतवाली में बदमाश नकदी, जेवरात के साथ ही घर में खड़ी स्कॉर्पियो को भी उड़ा ले गए थे।लोनी के मालिक सिटी कॉलोनी में नईम और उसका भाई बुरहान बुधवार रात अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब 1:30 बजे चार हथियारबंद बदमाश सीढ़ी लगाकर बालकनी से घर में घुस गए।इसके बाद बदमाशों ने ऊपर सो रहे नईम को पिस्टल की नोक पर लेकर उसके हाथ बांध दिए और नीचे लाए। नीचे सो रहे परिवार के अन्य सदस्यों को एक कमरे में बैठा कर पिस्टल की नोक पर ले लिया था।बदमाश के साथियों ने अलमारी और बैग में रखे करीब चार लाख रुपये, करीब डेढ़ लाख के जेवरात और छह मोबाइल ले गए थे। यही नहीं इसके बाद बदमाश घर से चाबी लेकर घर के सामने दूसरे मकान में खड़ी स्कॉर्पियो को निकाल कर ले गए।इस घटना के कुछ ही दिन पहले गाजियाबाद के कवि नगर में दवा कारोबारी पवन गर्ग के यहां डकैतों ने तांडव मचाया था। जांच के बाद पुलिस ने बताया था कि पवन गर्ग के घर वारदात के समय एक बदमाश घर के बाहर खड़ा रहा था। चार घर की खिड़की काटकर अंदर दाखिल हो गए थे। बदमाशों ने पवन की पत्नी और दो नाबालिग बेटों को चाकू और पिस्टल दिखाकर बंधक बनाया था। इसके बाद घर से लाखों कीमत के जेवरात और नकदी लूटकर बाहर खड़ी कार में फरार हो गए थे। 

विस्तार

गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी थानाक्षेत्र की अंसल कॉलोनी में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर छोटे खां के घर में बुधवार शाम को डकैती की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। हथियारबंद छह बदमाशों ने छोटे खां के घर पर धावा बोल दिया और परिजनों को गन प्वाइंट पर बंधक बनाकर छोटे खां, उनके भाई और किराएदार के घर में रखे 90 लाख रुपये कैश और 10 लाख से अधिक के जेवर लूटकर ले गए। बताया जा रहा है कि छोटे खां के किराएदार को मकान खरीदना था। इसी के लिए उसने पैसे रखे हुए थे।

मालूम हो कि गाजियाबाद में बेखौफ बदमाशों द्वारा अंजाम दी गई यह कोई पहली वारदात नहीं है। आए दिन हथियारबंद बदमाश इस तरह की डकैती करते हैं। इससे पहले मार्च में ही लोनी कोतवाली में बदमाश नकदी, जेवरात के साथ ही घर में खड़ी स्कॉर्पियो को भी उड़ा ले गए थे।

लोनी के मालिक सिटी कॉलोनी में नईम और उसका भाई बुरहान बुधवार रात अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब 1:30 बजे चार हथियारबंद बदमाश सीढ़ी लगाकर बालकनी से घर में घुस गए।
इसके बाद बदमाशों ने ऊपर सो रहे नईम को पिस्टल की नोक पर लेकर उसके हाथ बांध दिए और नीचे लाए। नीचे सो रहे परिवार के अन्य सदस्यों को एक कमरे में बैठा कर पिस्टल की नोक पर ले लिया था।
बदमाश के साथियों ने अलमारी और बैग में रखे करीब चार लाख रुपये, करीब डेढ़ लाख के जेवरात और छह मोबाइल ले गए थे। यही नहीं इसके बाद बदमाश घर से चाबी लेकर घर के सामने दूसरे मकान में खड़ी स्कॉर्पियो को निकाल कर ले गए।

इस घटना के कुछ ही दिन पहले गाजियाबाद के कवि नगर में दवा कारोबारी पवन गर्ग के यहां डकैतों ने तांडव मचाया था। जांच के बाद पुलिस ने बताया था कि पवन गर्ग के घर वारदात के समय एक बदमाश घर के बाहर खड़ा रहा था। चार घर की खिड़की काटकर अंदर दाखिल हो गए थे। बदमाशों ने पवन की पत्नी और दो नाबालिग बेटों को चाकू और पिस्टल दिखाकर बंधक बनाया था। इसके बाद घर से लाखों कीमत के जेवरात और नकदी लूटकर बाहर खड़ी कार में फरार हो गए थे। 

Continue Reading

India

कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

Continue Reading

India

अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

Published

on

By

कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

Continue Reading

India

अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2017 Zox News Theme. Theme by MVP Themes, powered by WordPress.