Connect with us

India

एक्सक्लूसिव: टीके की दोनों डोज लेने वाले 99 फीसदी को नहीं जकड़ सका कोरोना, देखें आंकड़े

Published

on

राकेश कुमार, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 26 May 2021 06:44 AM IST

सार
कोरोना से बचाव के लिए किए जा रहे टीकाकरण से संक्रमण का खतरा घटा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिले15 जनवरी से 23 मई 2021 तक के आंकडे़ भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। 

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कोरोना की दूसरी लहर की दहशत के बीच राहत देने वाली खबर ये है कि कोरोना से बचाव के लिए टीके की दोनों डोज लेने वाले 99.79 फीसदी लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इन्हें कोरोना नहीं जकड़ सका। जबकि पहली डोज लेने वाले 99.87 प्रतिशत लोगों को कोरोना नहीं हुआ। मंडल के पांचों जिलों में दोनों डोज लेने वाले महज 407 लोग संक्रमित हुए हैं।कोरोना से बचाव के लिए किए जा रहे टीकाकरण से संक्रमण का खतरा घटा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिले15 जनवरी से 23 मई 2021 तक के आंकडे़ भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। मुरादाबाद मंडल में 1,91,850 लोगों ने कोरोना से बचाव के लिए इस अवधि में वैक्सीन की दोनों डोज लीं थीं। उनमें से सिर्फ 407 यानी 0.21 प्रतिशत लोग ही संक्रमित हुए। दोनों डोज लेने वालों में कुल 99.79 लोग कोरोना के संक्रमण की चपेट से बाहर रहे। इसी तरह 6,67,727 लोगों ने पहली डोज ली थी। उसमें से 873 लोग संक्रमित हुए। यानी पहली डोज लेने वाले 99.87 प्रतिशत लोग पूरी तरह सुरक्षित रहे। पहली डोज लगवाने वाले लोगों में सिर्फ 0.13 प्रतिशत ही संक्रमित हुए। इन संक्रमितों में भी ज्यादातर केस मुरादाबाद में रिपोर्ट किए गए। आंकड़ों की मानें तो टीकाकरण एक सुरक्षा कवच जरूर है जिसके सहारे कोरोना को मात दी जा सकती है।यह आंकड़े उन लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं जो अब तक किसी वजह से टीकाकरण से परहेज करते रहे हैं। लोगों की गलतफहमी भी दूर हो रही हैं। अतीत में बहुत से लोगों में यह गलतफहमी थी कि टीकाकरण के बाद भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन इन आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे केस न्यूनतम हैं। टीकाकरण कराने वाले एकप्रतिशत से भी कम लोग संक्रमित हुए हैं जबकि दूसरी लहर में कोरोना का वायरस बहुत ताकतवर हो गया है। अच्छी बात यह है कि अब लोग खुद टीकाकरण के लिए आगे आने लगे हैं। ऑनलाइन अपना पंजीकरण करा रहे हैं। डा. नवीन रस्तोगी, सर्विलांस अधिकारी मुरादाबाद मंडलमुरादाबाद मंडल के जपनदों के यह हैं आंकड़े

जिला
दोनों डोज लेने वाले
संक्रमित की संख्या
प्रतिशत

अमरोहा
 24045
68
0.28

बिजनौर
60376
92
0.15

संभल
23862
56
0.23

मुरादाबाद
50305
180
0.36

रामपुर  
32262
13
0.04

मंडल का योग
1,91,850
407
0.21

(अवधि 15 जनवरी से 23  मई 2021 तक)
 

जिला
  एक डोज लेने वाले
संक्रमित की संख्या
प्रतिशत

बिजनौर
 1,87,208
 170
0.09

संभल
89,076
65
0.07

मुरादाबाद
 2,05,777
508
0.25

रामपुर
1,00003
21
0.02

अमरोहा
 85,663
109
0.13

मंडल का योग
6,67,727
 873
0.13

      
    (अवधि 15 जनवरी से 23  मई 2021 तक)

विस्तार

कोरोना की दूसरी लहर की दहशत के बीच राहत देने वाली खबर ये है कि कोरोना से बचाव के लिए टीके की दोनों डोज लेने वाले 99.79 फीसदी लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इन्हें कोरोना नहीं जकड़ सका। जबकि पहली डोज लेने वाले 99.87 प्रतिशत लोगों को कोरोना नहीं हुआ। मंडल के पांचों जिलों में दोनों डोज लेने वाले महज 407 लोग संक्रमित हुए हैं।

कोरोना से बचाव के लिए किए जा रहे टीकाकरण से संक्रमण का खतरा घटा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिले15 जनवरी से 23 मई 2021 तक के आंकडे़ भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। मुरादाबाद मंडल में 1,91,850 लोगों ने कोरोना से बचाव के लिए इस अवधि में वैक्सीन की दोनों डोज लीं थीं। उनमें से सिर्फ 407 यानी 0.21 प्रतिशत लोग ही संक्रमित हुए। दोनों डोज लेने वालों में कुल 99.79 लोग कोरोना के संक्रमण की चपेट से बाहर रहे। इसी तरह 6,67,727 लोगों ने पहली डोज ली थी। उसमें से 873 लोग संक्रमित हुए। यानी पहली डोज लेने वाले 99.87 प्रतिशत लोग पूरी तरह सुरक्षित रहे। पहली डोज लगवाने वाले लोगों में सिर्फ 0.13 प्रतिशत ही संक्रमित हुए। इन संक्रमितों में भी ज्यादातर केस मुरादाबाद में रिपोर्ट किए गए। आंकड़ों की मानें तो टीकाकरण एक सुरक्षा कवच जरूर है जिसके सहारे कोरोना को मात दी जा सकती है।

यह आंकड़े उन लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं जो अब तक किसी वजह से टीकाकरण से परहेज करते रहे हैं। लोगों की गलतफहमी भी दूर हो रही हैं। अतीत में बहुत से लोगों में यह गलतफहमी थी कि टीकाकरण के बाद भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन इन आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे केस न्यूनतम हैं। टीकाकरण कराने वाले एकप्रतिशत से भी कम लोग संक्रमित हुए हैं जबकि दूसरी लहर में कोरोना का वायरस बहुत ताकतवर हो गया है। अच्छी बात यह है कि अब लोग खुद टीकाकरण के लिए आगे आने लगे हैं। ऑनलाइन अपना पंजीकरण करा रहे हैं। डा. नवीन रस्तोगी, सर्विलांस अधिकारी मुरादाबाद मंडल
मुरादाबाद मंडल के जपनदों के यह हैं आंकड़े

जिला
दोनों डोज लेने वाले
संक्रमित की संख्या
प्रतिशत

अमरोहा
 24045
68
0.28

बिजनौर
60376

92
0.15

संभल
23862
56
0.23

मुरादाबाद
50305
180
0.36

रामपुर  
32262
13
0.04

मंडल का योग
1,91,850

407
0.21

(अवधि 15 जनवरी से 23  मई 2021 तक)

 

जिला
  एक डोज लेने वाले
संक्रमित की संख्या
प्रतिशत

बिजनौर
 1,87,208
 170
0.09

संभल
89,076
65
0.07

मुरादाबाद
 2,05,777

508
0.25

रामपुर
1,00003
21
0.02

अमरोहा
 85,663
109
0.13

मंडल का योग
6,67,727
 873
0.13

      

    (अवधि 15 जनवरी से 23  मई 2021 तक)

Continue Reading

India

कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

Continue Reading

India

अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

Published

on

By

कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

Continue Reading

India

अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2017 Zox News Theme. Theme by MVP Themes, powered by WordPress.