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Coronavirus India Live: राहुल का मोदी सरकार पर तंज, वैक्सीन कम हो रही हैं और कोविड मृत्यु बढ़ रही हैं

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11:05 AM, 19-May-2021
दिल्ली में 18-44 साल के लोगों के लिए कोवैक्सीन खत्म
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में 18-44 साल के लोगों के लिए कोवैक्सीन खत्म हो चुकी है। 18-44 साल के लोगों के लिए कोविशील्ड भी लगभग 2 दिन के लिए बची है।
दिल्ली में 18-44 साल के लोगों के लिए कोवैक्सीन खत्म हो चुकी है। 18-44 साल के लोगों के लिए कोविशील्ड भी लगभग 2 दिन के लिए बची है: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन pic.twitter.com/i9Fw0l0bR4— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 19, 2021

11:04 AM, 19-May-2021
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सफदरजंग अस्पताल का दौरा किया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सफदरजंग अस्पताल का दौरा कर वहां करोना की तैयारियों का जायजा लिया।
दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सफदरजंग अस्पताल का दौरा कर वहां करोना की तैयारियों का जायज़ा लिया। pic.twitter.com/3G3C4F5MHI— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 19, 2021

11:01 AM, 19-May-2021
उत्तराखंड में मृत्यु दर 1.73 फीसदी हुई
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि उत्तराखंड में करोना से मृत्यु दर 1.73% है। 1 अप्रैल से 17 मई तक 13 ज़िलों में कोरोना से 3,317 मरीजों की मौत हुई जबकि 15 मार्च 2020 से 31 मार्च 2021 तक 1,717 मरीजों की मौत हुई थी।
COVID19 fatality rate in Uttarakhand is 1.73%. From April 1 to May 17, 3,317 patients died of COVID in 13 districts, while 1,717 patients died from March 15,2020 to March 31,2021: Uttarakhand Health Department— ANI (@ANI) May 19, 2021

10:49 AM, 19-May-2021
राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तंज
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि देश में वैक्सीन की कमी होती जा रही है और कोविड मृत्यु के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। राहुल गांधी ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की नीति बस ध्यान भटकाना, झूठ फैलाना और शोर मचाकर तथ्यों को छुपाना है।

 

वैक्सीन कम होती जा रही हैं और कोविड मृत्यु बढ़ती जा रही हैं।
केंद्र सरकार की नीति-
ध्यान भटकाओ,
झूठ फैलाओ,
शोर मचाकर तथ्य छुपाओ। pic.twitter.com/aIJwvMYBTW
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 19, 2021

10:40 AM, 19-May-2021
उत्तर प्रदेश में आंशिक कर्फ्यू, ज्यादातर दुकानें बंद
आगरा में आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान दुकानें बंद दिखीं। लोग सिर्फ जरूरी सामानों की खरीदारी करने के लिए बाहर निकल रहे हैं। शहर में हल्की बारिश भी हुई। प्रदेश में 24 मई तक के लिए कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया गया है।

 

उत्तर प्रदेश: आगरा में आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान दुकानें बंद दिखीं। लोग सिर्फ जरूरी सामानों की खरीदारी करने के लिए बाहर निकल रहे हैं। शहर में हल्की बारिश भी हुई।
प्रदेश में 24 मई तक के लिए कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया गया है। pic.twitter.com/jck0dfbKBN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 19, 2021

10:15 AM, 19-May-2021
पालघर में आज नहीं होगा टीकाकरण
पालघर जिला कलेक्टर ने जानकारी दी कि बिजली चली जाने और नेटवर्क की समस्या के कारण आज पूरे जिले में कोरोना का टीकाकरण नहीं होगा।

 

Due to electricity failure and network issues today there will be no #COVID19 vaccination in the entire district: Palghar District Collector#Maharashtra
— ANI (@ANI) May 19, 2021

10:03 AM, 19-May-2021
भारत सरकार ने एम्स अस्पतालों में कोविड-19 इलाज के लिए बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी दी
भारत सरकार ने देश में एम्स अस्पतालों में कोविड डेडिकेटेड बेड्स की उपलब्धता जानकारी दी है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इन अस्पतालों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलिंडर की भी उपलब्धता है।

 

Current availability of dedicated COVID beds in new AIIMS as follows. Capacities of these to handle COVID cases being reinforced by Govt of India by allocating ventilators, oxygen concentrators, cylinders, besides other consumables like N95 masks, PPE kits & essential drugs: GoI pic.twitter.com/p8hpK7PR6A
— ANI (@ANI) May 19, 2021

09:56 AM, 19-May-2021
बागवत: पिछले 25 दिनों में 37 संदिग्ध मौतें कोविड से नहीं हुईं
उत्तर प्रदेश के बागवत में 25 दिनों में 37 मरीजों की कोविड से होने की खबर पर एक अधिकारी ने जानकारी दी कि ये खबर गलत है कि इन मरीजों की मौत कोविड से हुई। उन्होंने बताया कि एक टीम को वहां सर्वे के लिए भेजा गया था, जिसके मुताबिक, ये मौतें कोविड से नहीं हुई है।

 

Baghpat: A team sent by dist admn to Lumb village following clamis that 37 deaths were reported here between April 18th to May 15th (16.05)
CHC Superintendent, Chhaprauli says “A team was sent there for survey earlier too. It is wrong to say that all deaths were due to #COVID19” pic.twitter.com/4ckpgwQMXs
— ANI UP (@ANINewsUP) May 19, 2021

09:29 AM, 19-May-2021
टीका बनाने के लिए और दवा कंपनियों को मंजूरी दी जानी चाहिये- गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को सुझाव दिया कि कोरोना रोधी टीके का उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ और दवा कंपनियों को इसके उत्पादन की मंजूरी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यदि टीके की आपूर्ति के मुकाबले उसकी मांग अधिक होगी तो इससे समस्या खड़ी होगी। इसलिए एक कंपनी के बजाय 10 और कंपनियों को टीके का उत्पादन करने में लगाया जाना चाहिए। इसके लिए टीके के मूल पेंटेंट धारक कंपनी को दूसरी कंपनियों द्वारा दस प्रतिशत रॉयल्टी का भुगतान किया जाना चाहिये।’’

 

#WATCH | If vaccine demand is more than supply it creates problem. Instead of 1, let 10 more companies be given license for vaccine manufacture…Let them supply in country & later if there’s surplus, they may export. It can be done in 15-20 days: Union Min Nitin Gadkari (18.05) pic.twitter.com/gVOqMuVRNr
— ANI (@ANI) May 19, 2021

09:10 AM, 19-May-2021
बीते 24 घंटे में 20,08,296 टेस्ट हुए – आईसीएमआर
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक देश में बीते 24 घंटे में 20,08,296 कोरोना टेस्ट किए गए। अबतक देश में 32,03,01,177 लोगों का टेस्ट किया जा चुका है।

 

32,03,01,177 samples tested for #COVID19 up to 18th May 2021. Of these, 20,08,296 samples were tested yesterday: Indian Council of Medical Research (ICMR) pic.twitter.com/b0jde9TboK
— ANI (@ANI) May 19, 2021

09:00 AM, 19-May-2021
कोरोना: बीते 24 घंटे में 4529 मरीजों की गई जान
देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। पिछले तीन दिनों से संक्रमित मामले भले ही तीन लाख से कम आ रहे हों लेकिन मौतों का आंकड़ा डराने वाला है। बीते 24 घंटे में देश में 4529 मरीजों ने जान गंवाई, इस दौरान संक्रमित मामलों की संख्या भले ही तीन लाख से कम हो लेकिन दैनिक मौतों के आंकड़ों ने सभी रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं। 

 

India reports 2,67,334 new #COVID19 cases, 3,89,851 discharges & 4529 deaths (highest in a single day) in last 24 hrs, as per Health Ministry.
Total cases: 2,54,96,330
Total discharges: 2,19,86,363
Death toll: 2,83,248
Active cases: 32,26,719
Total vaccination: 18,58,09,302 pic.twitter.com/iXabFEM0M5
— ANI (@ANI) May 19, 2021

08:47 AM, 19-May-2021
पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य कोरोना वायरस से संक्रमित
पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए है और चिकित्सकों की सलाह पर घर में ही पृथक रह रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि 77 वर्षीय भट्टाचार्य की पत्नी मीरा भी संक्रमित हैं और उन्हें मंगलवार शाम शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि ‘मेडिकल बोर्ड’ ने मीरा भट्टाचार्य के अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि की है। सूत्र ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अपने घर पर चिकित्सकों की निगरानी में है।

08:20 AM, 19-May-2021
बंगलूरू: दो लड़कियां कोविड शवो को दफनाने के लिए आईं आगे
कोरोना के संकटकाल में बंगलूरू से दिल को छूने वाला मामला सामने आया है। बंगलूरू की दो लड़कियां कोविड मरीजों के शवों को जलाने और दफनाने के लिए आगे आई हैं। लड़कियों का कहना है कि हमारा परिवार कोविड राहत कार्य कर रहा है। हमें वहां से प्रेरणा मिली और अब हम ये काम कर रहे हैं। 

 

“Our families have been doing COVID relief work, so we got inspired from them. It feels good to help. Risk is there but sitting idle is even worse,” said Nicole Furtado and her cousin Tina Cherian, who work as volunteers for burying COVID bodies in Bengaluru pic.twitter.com/wGGF2VDcUT
— ANI (@ANI) May 19, 2021

07:58 AM, 19-May-2021
मंत्री विजय कश्यप का कोरोना से निधन
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा विधायक विजय कश्यप का मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से गुड़गांव के एक अस्पताल में निधन हो गया। मुजफ्फरनगर के चरथावल विधानसभा सीट से विधायक कश्यप ने गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा नेता के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वह लोक हित के कार्यों के लिए समर्पित थे।

07:43 AM, 19-May-2021
राहुल का तंज: मोदी सरकार की एक नीति, ध्यान भटकाओ, झूठ फैलाओ और शोर मचाकर तथ्य छुपाओ
देश में कोरोना वायरस का कहर अभी भी जारी है। दूसरी लहर के दौरान कोरोना वायरस के रिकॉर्ड तोड़ मामले दर्ज किए गए लेकिन अब तीन दिनों से कोविड 19 के दैनिक मामले तीन लाख से कम आ रहे हैं। हालांकि मंगलवार को सामने आए मामलों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इस दौरान 3912 मरीजों ने अपनी जान गंवाई। पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना वायरस से रोजाना चार हजार के आसपास मरीजों की मौत हो रही है। बता दें पिछले 12 दिनों से देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है लेकिन मौतों का आंकड़ा बदस्तूर जारी है। इस बीच कई जगहों पर वैक्सीन की कमी होने की वजह से वैक्सीनेशन केंद्र बंद हो गए हैं। हालांकि केंद्र सरकार वैक्सीन के पर्याप्त होने का दावा कर रही है।

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कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

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अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

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कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

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अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

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