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Cyclone Tauktae Live: गुजरात में ताउते से चार लोगों की मौत, सीएम विजय रूपाणी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

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11:08 AM, 18-May-2021
आईएनएस कोलकाता ने दो जीवित लोगों को बचाया
आईएनएस कोलकाता ने वारा प्रभा पोत के जीवनरक्षक बेड़ा से दो जीवित लोगों की बचाया।
INS Kolkata rescued two survivors from the life raft of vessel Vara Prabha yesterday pic.twitter.com/R1cS5Z9040— ANI (@ANI) May 18, 2021

10:52 AM, 18-May-2021
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने की समीक्षा बैठक
गुजरात में चक्रवात ताउते की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। गुजरात के 14 समुद्र तटीय जिलों की स्थिति को लेकर चर्चा हुई।
Gandhinagar | Gujarat CM Vijay Rupani held a high-level review meeting on cyclone situation and rainfall conditions in the state, specially in the 14 coastal districts pic.twitter.com/JgIxCNcRaV— ANI (@ANI) May 18, 2021

10:42 AM, 18-May-2021
ठाणे: 50 फीट की दीवार और बिजली का खंभा पार्क की गई चार गाड़ियों पर गिरा

ठाणे नगर पालिका के अधिकारियों ने जानकारी दी कि एक सोसाइटी की 50 फीट ऊंची दीवार और एक स्ट्रीट लाइट खंभा पार्क की गई चार गाड़ियों पर गिर गया। ये हादसा देर रात 2.15 बजे के आसपास हुआ। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
Maharashtra | About 50 feet wall of a society & 1 building street light pole fell on 4 parked vehicles in Lokapuram, Thane at around 2.15 am. No casualties reported: Regional Disaster Management Cell (RDMC) of the Thane Municipal Corporation (TMC) pic.twitter.com/ctdI7ROzyO— ANI (@ANI) May 18, 2021

10:23 AM, 18-May-2021
गुजरात: राजकोट में तेज हवाओं और बारिश से उखड़े पेड़
गुजरात के राजकोट में तेज हवाओं और बारिश की वजह से कई पेड़ उखड़ गए। देखें वीडियो..
#WATCH | Gujarat: Trees uprooted in Rajkot after strong winds and rain hit the region#CycloneTauktae pic.twitter.com/mF801r1vmC— ANI (@ANI) May 18, 2021

10:19 AM, 18-May-2021
गुजरात के अमरेली में उखड़े पेड़
गुजरात के अमरेली में ताउते के टकराने के बाद वहां कई पेड़ उखड़ कर जमीन पर गिर गए। 
Gujarat: Visuals from Rajula, Amreli after #CycloneTauktae hit the region pic.twitter.com/dmlCANCtO5— ANI (@ANI) May 18, 2021

10:12 AM, 18-May-2021
गृह मंत्री अमित शाह ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात
ताउते तूफान की ताजा स्थिति की समीक्षा करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्रियों से बात की। वहीं गुजरात में ताउते तूफान की वजह से चार लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा तेज हवाओं और बारिश की वजह से सूरत के उड़ना में पेड़ जमीन से  उखड़ गए।
Gujarat | Rain continues in Surat’s Udhna area. Trees uprooted due to strong winds and heavy rains.
#CycloneTauktae. pic.twitter.com/fnG21va9PV— ANI (@ANI) May 18, 2021

09:49 AM, 18-May-2021
मुंबई: अरब सागर में उठ रहीं ऊंची लहरें
मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास अरब सागर में ऊंची-ऊंची लहरें देखने को मिली।
#Watch | High tidal waves are seen in the Arabian sea near Mumbai; visuals from Gateway of India.#CycloneTauktae pic.twitter.com/ypoO9a3dpn— ANI (@ANI) May 18, 2021

09:30 AM, 18-May-2021
नौसेना ने तूफान में फंसे बजरे पर सवार 146 लोगों को बचाया
भारतीय नौसेना ने अरब सागर में आए चक्रवातीय तूफान ‘ताउते’ के कारण समु्द्र में अनियंत्रित होकर बहे एक बजरे पर सवार 146 लोगों को बचा लिया है और बाकियों की तलाश अभी जारी है। एक अधिकारी ने बताया कि नौसेना ने बचाव कार्य के लिए मंगलवार सुबह पी-81 को तैनात किया था। यह खोज एवं बचाव कार्यों के लिए नौसेना का एक बहुमिशन समुद्री गश्ती विमान है।

09:12 AM, 18-May-2021
गुजरात से दो लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा

भीषण चक्रवाती तूफान सोमवार रात में करीब नौ बजे गुजरात के सौराष्ट्र तट से टकराया था। इससे पहले, चक्रवात के कारण मुंबई में भारी वर्षा हुई और गुजरात में दो लाख से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। क्षेत्रीय मौसम विभाग केंद्र की ओर से बताया गया कि चक्रवात अब उत्तरी गुजरात की ओर बढ़ेगा। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘यह अमरेली जिले की ओर बढ़ेगा और फिर सुरेंद्रनगर जिले को पार करते हुए बनासकांठा की ओर जाएगा। हमें उम्मीद है कि आगे बढ़ने के साथ-साथ तूफान कमजोर होता जाएगा।’’

09:00 AM, 18-May-2021
गुजरात तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा चक्रवात ताउते
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को बताया कि चक्रवात ताउते सोमवार की मध्यरात्रि में सौराष्ट्र क्षेत्र के दीव और ऊना के बीच गुजरात तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया है। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि ताउते के कारण किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है और यह तूफान अब कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग ने मध्यरात्रि के बाद ट्वीट किया जिसमें बताया कि ताउते अब ‘काफी गंभीर चक्रवाती तूफान’ से कमजोर होकर ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ में बदल गया है।विभाग ने ट्वीट किया, ‘‘चक्रवात का अगला हिस्सा तट से होकर गुजर चुका है और अब पिछला हिस्सा भी जमीनी हिस्से की ओर बढ़ रहा है।’’

08:42 AM, 18-May-2021
अब तक कुल 18 की मौत
ताउते से सोमवार को महाराष्ट्र के कोंकण में छह लोगों की मौत हुई। इसमें रायगढ़ में तीन, सिंधुदुर्ग में एक और नवी मुंबई में दो लोग मारे गए। इसके अलावा कर्नाटक में आठ लोगों की मौत हुई। वहीं रविवार को ताउते से चार लोगों की जान गई थी। इस तरह महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल में अब तक 18 मौते हुई। कर्नाटक में अब तक 333 घरों, 644 खंभों, 147 ट्रांसफार्मरों, 57 किलोमीटर सड़क, 57 जालों और 104 नावों को नुकसान पहुंचा है।

08:15 AM, 18-May-2021
गुजरात: अमरेली में तेज हवाएं और बारिश
गुजरात के अमरेली में तेज हवाएं चल रही हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश भी पड़ रही है।
#WATCH | Strong wind and rain continue in Gujarat’s Amreli#CycloneTauktae pic.twitter.com/qr9zJqsD8b— ANI (@ANI) May 18, 2021

08:07 AM, 18-May-2021
हरियाणा, यूपी और राजस्थान में बारिश की संभावना – मौसम विभाग
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो घंटे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
Light to moderate intensity rain would occur over isolated places in parts and adjoining areas of UP, Haryana and Rajasthan during the next 2 hours: IMD— ANI (@ANI) May 18, 2021

07:49 AM, 18-May-2021
तूफान से अबतक 146 कर्मियों को बचाया गया – रक्षा विभाग
चक्रवात तूफान से अबतक 146 कर्मियों को बचाया गया है। रक्षा पीआरओ ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना P8I के साथ हवाई खोज कर रही है।
At least 146 personnel rescued so far from the barge P305 which is sunk on site. Aerial search commenced at first light with Indian Navy P8I on task: Defence PRO#CycloneTauktae— ANI (@ANI) May 18, 2021

07:28 AM, 18-May-2021
मुंबई में आंधी में उखड़े पेड़
मुंबई के बलार्ड एस्टेट एरिया में आंधी में उखड़े पेड़, एनडीआरएफ की टीम इन्हें हटाने में जुटी हुई है। 

 

#WATCH | Maharashtra: Trees uprooted in Mumbai’s Ballard Estate area due to heavy rain and wind.#CycloneTaukte pic.twitter.com/YuQuAcCApd
— ANI (@ANI) May 18, 2021

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कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

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अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

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कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

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अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

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