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Coronavirus: कोरोना से मौतों के आंकड़े ने पैदा की दहशत, देश में पहली बार एक दिन में गई 4329 मरीजों की जान

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सार
देश में कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े ने दहशत पैदा कर दी है। देश में कोरोना महामारी के दस्तक देने के बाद से आज यानी मंगलवार को पहली बार 4,329 मरीजों की मौत हुई है। यह भी एक दिन में जान गंवाने वालों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 

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देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है। देश में जहां एक ओर नए मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं दूसरी ओर कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े ने दहशत पैदा कर दी है। देश में कोरोना महामारी के दस्तक देने के बाद से आज यानी मंगलवार को पहली बार 4,329 मरीजों की मौत हुई है। वहीं बीते 24 घंटे 2,63,533 नए कोरोना मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में लगातार दूसरे दिन तीन लाख से कम कोरोना मरीज मिले हैं। बीते 24 घंटों में 2,63,533 नए कोरोना मरीज मिल हैं। इसके साथ ही देश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 2,52,28,996 पहुंच गई है।  पिछले 28 दिन में सामने आए यह सबसे कम मामले हैं। इससे पहले 20 अप्रैल को 24 घंटे में 2,59,170 मामले सामने आए थे।कोरोना से मौत के आंकड़े ने बढ़ाई चिंतादेश में महामारी के दस्तक देने से लेकर अब तक पहली बार एक दिन में 4,329 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ा है। यह भी एक दिन में जान गंवाने वालों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 7 मई को 4,233 लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही कोविड से मरने वालों की संख्या 2,78,719 पहुंच गई। बता दें कि देश में पिछले करीब एक हफ्ते से हर रोज कोरोना से 4 हजार से अधिक लोगों की मौत होने का सिलसिला जारी है।
 

बीते 24 घंटे में 4.22 लाख मरीज ठीक हुए
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में एक बार फिर सक्रिय मामलों का ग्राफ नीचे आ रहा है। राहत की बात ये है कि पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 4,22,436 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। इसके साथ ही देश में अब तक 2,15,96,512  मरीज कोरोना वायरस को मात देने में कामयाब हुए हैं।  मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 85.60 प्रतिशत हो गई है। रोजाना के आधार पर दर्ज होने वाले नए कोरोना केसों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों संख्या करीब दो महीने बाद दोगुनी के करीब पहुंच गई है। फिलहाल, देश में 33,53,765  सक्रिय मामले हैं। 
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में अभी तक कुल 31,82,92,881 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है। इनमें से 18,69,223 नमूनों की जांच सोमवार को की गई।

विस्तार

देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है। देश में जहां एक ओर नए मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं दूसरी ओर कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े ने दहशत पैदा कर दी है। देश में कोरोना महामारी के दस्तक देने के बाद से आज यानी मंगलवार को पहली बार 4,329 मरीजों की मौत हुई है। वहीं बीते 24 घंटे 2,63,533 नए कोरोना मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में लगातार दूसरे दिन तीन लाख से कम कोरोना मरीज मिले हैं। बीते 24 घंटों में 2,63,533 नए कोरोना मरीज मिल हैं। इसके साथ ही देश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 2,52,28,996 पहुंच गई है।  पिछले 28 दिन में सामने आए यह सबसे कम मामले हैं। इससे पहले 20 अप्रैल को 24 घंटे में 2,59,170 मामले सामने आए थे।

कोरोना से मौत के आंकड़े ने बढ़ाई चिंता

देश में महामारी के दस्तक देने से लेकर अब तक पहली बार एक दिन में 4,329 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ा है। यह भी एक दिन में जान गंवाने वालों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 7 मई को 4,233 लोगों की मौत हुई थी। इसके साथ ही कोविड से मरने वालों की संख्या 2,78,719 पहुंच गई। बता दें कि देश में पिछले करीब एक हफ्ते से हर रोज कोरोना से 4 हजार से अधिक लोगों की मौत होने का सिलसिला जारी है।
 

India reports 2,63,533 new #COVID19 cases, 4,22,436 discharges and 4,329 deaths in the last 24 hours, as per Union Health Ministry

Total cases: 2,52,28,996
Total discharges: 2,15,96,512  
Death toll: 2,78,719
Active cases: 33,53,765  
Total vaccination: 18,44,53,149 pic.twitter.com/75fXkY6Xjh
— ANI (@ANI) May 18, 2021

बीते 24 घंटे में 4.22 लाख मरीज ठीक हुए

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में एक बार फिर सक्रिय मामलों का ग्राफ नीचे आ रहा है। राहत की बात ये है कि पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 4,22,436 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। इसके साथ ही देश में अब तक 2,15,96,512  मरीज कोरोना वायरस को मात देने में कामयाब हुए हैं।  मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 85.60 प्रतिशत हो गई है। रोजाना के आधार पर दर्ज होने वाले नए कोरोना केसों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों संख्या करीब दो महीने बाद दोगुनी के करीब पहुंच गई है। फिलहाल, देश में 33,53,765  सक्रिय मामले हैं।
 

अब तक इतने नमूनों की हुई जांच

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में अभी तक कुल 31,82,92,881 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है। इनमें से 18,69,223 नमूनों की जांच सोमवार को की गई।

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अब तक इतने नमूनों की हुई जांच

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कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

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अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

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कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

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अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

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