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Tauktae Cyclone Live: तीन घंटे के लिए मुंबई एयरपोर्ट का संचालन रहेगा बंद, ताउते के मद्देनजर लिया फैसला

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 17 May 2021 11:18 AM IST

खास बातें
देश के दक्षिण पश्चिम राज्यों में चक्रवाती तूफान ताउते का खतरा मंडरा रहा है। अब ये तूफान गुजरात की ओर से बढ़ रहा है। मौसम विभाग की माने तो 17 और 18 मई को गुजरात में भारी बारिश की संभावना है। अबतक इस तूफान की वजह से प्रभावित इलाकों में आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों पेड़ गिर चुके हैं और कई गांव तक प्रभावित हुए हैं। ताउते तूफान से संबंधित सभी अपडेट्स यहां पढ़िए…

लाइव अपडेट

11:16 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae: गुजरात के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना – मौसम विभाग
भारतीय मौसम विभाग ने जानकारी दी कि सोमवार शाम तक ताउते गुजरात के तट से टकराएगा। इस बीच गुजरात के गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, जूनागढ़ और दीयू में भारी बारिश की संभावना है।
Heavy to very heavy rains very likely at a few places with isolated extremely heavy falls in the districts of Saurashtra namely Gir Somnath, Amreli, Bhavnagar ,Junagadh, Boatd & in Diu; in the districts of Gujarat region namely Valsad, Navsari & in Daman, Dadra Nagar Haveli: IMD— ANI (@ANI) May 17, 2021

10:52 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae Update: मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स में तेज हवाओं से गिरे कोविड केयर सेंटर
चक्रवात ताउते की वजह से मुंबई में तेज हवाएं चल रही है। जिसकी वजह से मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स में अस्थायी कोविड केयर सेंटर नष्ट हो गए।

#CycloneTauktae | Heavy rain and winds partially hit Mumbai’s Bandra Kurla Complex (BKC) #COVID care centre. pic.twitter.com/Rsdnuj2uJg— ANI (@ANI) May 17, 2021

10:38 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae Tracking: रायगढ़, मुंबई, रत्नागिरी, ठाणे में अगले तीन घंटे तक बारिश
मौसम विभाग ने जानकारी दी कि ताउते के कारण रायगढ़, पालघर, मुंबई, ठाणे और रत्नागिरी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। अगले तीन घंटे इन इलाकों में बारिश पड़ सकती है।
Moderate to intense spells of rain with gusty winds reaching 90-100 kmph is likely to occur at isolated places in the districts of Raigad, Palghar, Mumbai, Thane and Ratnagiri during the next 3 hours: IMD— ANI (@ANI) May 17, 2021

10:25 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae: बांद्रा-वर्ली सी लिंक अगले आदेश तक बंद
बृहन्मुंबई नगर पालिका ने जानकारी दी कि चक्रवात ताउते के मद्देनजर अगले आदेश तक बांद्रा-वर्ली सी लिंक बंद रखा जाएगा।
Bandra-Worli sea link in Mumbai will be closed to commute till further update. Take alternate routes: Brihanmumbai Municipal Corporation#cyclonetaukate— ANI (@ANI) May 17, 2021

10:13 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae: आज शाम तक गुजरात के तट पर पहुंचेगा ताउते
अहमदाबाद के मौसम विभाग ने जानकारी दी कि ताउते तेज हवाओं के साथ गुजरात के तट पर आज शाम तक पहुंचेगा और देर रात को पोरबंदर और महुवा तट से गुजरेगा। इस दौरान तेज हवाओं के चलने  की संभावना है और इनकी रफ्तार 155-165 किमी प्रति घंटा होगी।
Very severe cyclonic storm is likely to move north-northwestward & reach Gujarat coast in evening hrs & cross Gujarat coast between Porbandar & Mahuva during night as the storm with maximum sustained wind speed of 155-165 kmph gusting to 185 kmph: Meteorological Centre, Ahmedabad— ANI (@ANI) May 17, 2021

10:02 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae Update: मुंबई एयरपोर्ट का संचालन तीन घंटे के लिए बंद
चक्रवात ताउते की वजह से मुंबई में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। इसी बीच खतरे को देखते हुए मुंबई एयरपोर्ट की तीन घंटे तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। आज यानी सोमवार को मुंबई एयरपोर्ट का संचालन सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेगा। 
Due to cyclone alert, Mumbai Airport operations need to be closed from 1100 hours to 1400 hours of 17th May: MIAL#CycloneTauktae— ANI (@ANI) May 17, 2021

09:17 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae Tracking: मुंबई में तेज हवाओं के साथ बारिश
ताउते के कारण मुंबई में तेज हवाओं के साथ बारिश भी हो रही है। मौसम विभाग ने बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं मुंबई के वडाला से चक्रवात ताउते की कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें तेज हवाएं चल रही है। साथ ही रिमझिम बारिश भी हो रही है। तूफान के खतरे के बीच मुंबई में पांच जगह अस्थायी शेल्टर बनाए गए हैं।
Maharashtra: Light spell of rain and gusty winds seen in in view of Cyclone Tauktae; early morning visuals from Wadala area of Mumbai pic.twitter.com/ZD1SZ4r0e5— ANI (@ANI) May 17, 2021

08:47 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae: नवसारी में समुद्र में तैरती मछुआरों की नाव
चक्रवाती तूफान ताउते के आने के डर से नवसारी में मछुआरों की नावें समुद्र में तैरती हुई दिखाई दीं। 

 

Gujarat: Fishing boats in Navsari float on the seashore in the wake of #CycloneTauktae
Visuals from Ojal Machhiwad village pic.twitter.com/f35g2c7Rh3
— ANI (@ANI) May 17, 2021

08:36 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae Update: चक्रवाती तूफान ताउते से कई गांव प्रभावित, सैंकड़ों पेड़ गिरे
चक्रवाती तूफान ताउते से अबतक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई सैकड़ों पेड़ इसकी चपेट में आकर गिर गए और कई गांव प्रभावित हो गए। चक्रवात ताउते का देश के कई राज्यों पर क्या असर पड़ा, ये जानने के लिए नीचे दी गई वीडियो को देख सकते हैं।

08:30 AM, 17-May-2021
Cyclone Tauktae Tracking: भारतीय वायु सेना ने तैनात किए ये तीन विमान
भारतीय वायु सेना ने जानकारी दी कि कोलकाता से अहमदाबाद के लिए दो C-130J और एक An-32 एयरक्राफ्ट को तैनात किया गया है। ये विमान 167 सैनिकों और राहत-बचाव के 16.5 टन लोड के ट्रांसपोर्टेशन के लिए तैनात किए गए हैं।

 

Indian Air Force had deployed two C-130J and a An-32 aircraft for transportation of 167 personnel and 16.5 tonnes of load of NDRF from Kolkata to Ahmedabad: IAF#CycloneTauktae pic.twitter.com/lNLEXiQrP8
— ANI (@ANI) May 17, 2021

07:53 AM, 17-May-2021
Tauktae Cyclone Live: तीन घंटे के लिए मुंबई एयरपोर्ट का संचालन रहेगा बंद, ताउते के मद्देनजर लिया फैसला
देश के दक्षिण पश्चिम राज्यों में चक्रवाती तूफान ताउते का खतरा अभी भी जारी है। केरल, कर्नाटक और गोवा में तबाही मचाने के बाद अब अब ताउते तूफान गुजरात की ओर बढ़ रहा है। अबतक इस तूफान की वजह से प्रभावित इलाकों में आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों पेड़ गिर चुके हैं और कई गांव तक प्रभावित हुए हैं। गुजरात में तूफान के टकराने की संभावना को लेकर वहां एनडीआरएफ की 50 टीमों को तैनात कर दिया गया है। इसी बीच गुजरात में आज और कल भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 

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चीन की उन्नत समाजवादी देश परियोजना: उपनिवेशवाद तथा कब्जे के नए तरीके जिनसे दुनिया है हैरान

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इस समय चीन न केवल भारत, बल्कि अमेरिका सहित दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी अलग-अलग वजहों से परेशानी का कारण बना हुआ है। एक साल पहले गलवां घाटी में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद केंद्र सरकार ने टिकटॉक समेत ढेरों चाइनीज एप्स पर देश में पाबंदी लगा दी थी। इन एप्स से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरा बताया गया था। हालांकि विशेषज्ञ एप्स पर लगे प्रतिबंध को चीन के प्रति आशंकाओं का एक बहुत ही छोटा-सा हिस्सा मानते हैं। उस समय युद्ध जैसे हालात बनते बनते रह गए थे।दूसरी ओर यह देश भारत के पड़ोसी देशों में अपनी पकड़ लगातार बढ़ाता जा रहा है। पाकिस्तान को उसने पहले ही अपने कर्ज के जाल में फंसा रखा है। श्रीलंका में भी उसकी पैठ गहराती जा रही है। नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार में भी उसका दखल बढ़ रहा है।दुनिया इस समय कोरोना महामारी से जूझने में जुटी हुई है और चीन विस्तारवाद की राह पर अपनी गति बढ़ा रहा है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में कोविड से बचाव के टीकों को अधिक से अधिक लोगों को लगाने की जद्दोजहद चल रही है। वहीं विकासशील देशों में टीकों का टोटा चल रहा है और चीन इसका फायदा उठाने में जुटा हुआ है। भारत अभी भी अपनी पहली स्वदेशी कोविड वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मान्यता दिलाने की प्रक्रिया में है और चीन की दो वैक्सीन को यह अनुमति दी जा चुकी है।इतना ही नहीं चीन दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता और उत्पादक देश अमेरिका को पीछे छोड़ने से कुछ ही कदम पीछे रह गया है। उसने अब तक औसतन प्रत्येक 100 में से 50 नागरिकों को कोविड का टीका लगा दिया है। इतना ही नहीं चीन दुनिया के 60 देशों को मुफ्त या सस्ती वैक्सीन भी उपलब्ध करा चुका है।कोरोना से बढ़ रही मौतों से चिंतित अमेरिका ने दुनिया के जरूरतमंद देशों को वैक्सीन देने का काम कुछ समय के लिए रोक दिया था। भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर ही वजह से यह काम रोक दिया गया था। उसी समय चीन ने दुनिया के अलग अलग भौगोलिक स्थिति वाले देशों को अपनी वैक्सीन दी। चीन में इस समय 49 वैक्सीन पर शोध किया जा रहा है और छह को वह अपने नागरिकों को लगा रहा है। चीन ने पिछले साल 2020 में ही छह कोविड वैक्सीन को देश के भीतर उपयोग की अनुमि दे दी थी और अब तक इनका प्रयोग किया जा रहा है।वैक्सीन उपनिवेशवादअमेरिका में इस समय 66 वैक्सीन पर शोध और उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। चीन इस मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है और तीसरे नंबर पर यूरोप के देश हैं। 2021 की शुरुआत के बाद चीन ने वैक्सीन राष्ट्रवाद का फायदा उठाया और मेक्सिको, पेरू, चिली, अर्जेंटीना, रूस, पाकिस्तान और इंडोनेशिया जैसे एक दर्जन से ज्यादा देशों में अपनी वैक्सीन का ट्रायल किया।वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने देश को ‘एडवांस्ड सोशलिस्ट कंट्री’ बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इससे अमेरिका और अन्य विकसित देश परेशान हैं। ‘एडवांस्ड सोशलिस्ट कंट्री’ प्रोजेक्ट के तहत चीन खुद को 2049 तक दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत के रूप में प्रतिष्ठित करना चाहता है। यदि वह इसे प्राप्त कर लेता है तो अमेरिका दूसरे पायदान पर पहुंच जाएगा। वहीं तकनीकी मोर्चे पर आगे दिखाई दे रहे कई यूरोपीय देशों की हैसियत भी कम हो जाएगी।चीन की डरावनी योजनाएंचीन की कई ऐसी भावी योजनाएं हैं, जो इस समय दुनिया को आश्चर्यचकित करने के साथ-साथ डरा भी रही हैं। निवेश और कर्ज के भी जाल में वह कई देशों को फांस चुका है। हमारा पड़ोसी देश बांग्लादेश भी उसके इस जाल में फंसता जा रहा है। चीन वहां 2030 तक 100 स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) स्थापित करने की घोषणा कर चुका है। इसमें अरबों डॉलर का निवेश करने के लिए कई चीनी कंपनियां भी तैयार हैं।बीआरआई योजनाइसी तरह चीन की बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (बीआरआई) योजना है जिसके तहत 2049 तक दुनिया के करीब 70 देशों में बुनियादी संरचनाओं का निर्माण कर उन्हें एकसाथ लाया जा रहा है, लेकिन इसका असली मकसद व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करना व भारत और अमेरिका को घेरना है। इन तमाम योजनाओं में एक और महत्वाकांक्षी योजना है – ‘मेड इन चाइना 2025’ जिसे चीन ने साल 2015 में लॉन्च किया था। फिर अंतरिक्ष का क्षेत्र भी है जहां चीन अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कर दुनिया पर नजर रखने की महत्वाकांक्षा पाले हुए है। हाल ही में उसने अपने तीन अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में भेजा है। ये तीनों चीन के निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन में तीन महीने तक रहेंगे।अंतरिक्ष में चुनौतीअंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए चीन ने 2021 से 2022 के बीच 11 बार अंतरिक्ष यानों को भेजने की योजना बनाई है जिनमें तीन अभियान पूरे हो चुके हैं। वह तियांजू-2 कार्गो शिप को पहले ही अंतरिक्ष में भेज चुका है। चीनी एजेंसी के अनुसार 11 में से तीन बार उसके यानों से स्टेशन के मॉड्यूल, चार बार कार्गो स्पेसशिप और चार बार अंतरिक्ष यात्री स्टेशन के लिए रवाना होंगे। वह साल 2022 तक 10 ऐसे ही और मॉड्यूल लॉन्च करना चाहता है जो पृथ्वी का चक्कर लगाएंगे।आशंकित अमेरिकाअमेरिका कई बार आशंका जता चुका है कि चीन भविष्य में अपनी अंतरिक्ष परियोजनाओं का इस्तेमाल अमेरिका और उसके मित्र देशों की जासूसी करने में कर सकता है। यही वजह है कि वो खुद को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अलग कर चुका है और अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।जासूसी का खतरा?अब तक अंतरिक्ष में अमेरिका का वर्चस्व था। वह स्पेस सुप्रीमेसी का फायदा भी उठा रहा था। लेकिन अब चीन पर अंतरिक्ष से जासूसी करने के आरोप लगने लगे हैं। ताइवान पहले ही अपने सरकारी कर्मचारियों को उन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से मना कर चुका है जिसमें नेविगेशन के लिए चीनी सॉफ्टवेयर बाइदू इंस्टॉल हैं। उसे शक है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर जरूरी सूचनाएं चीन की सेना व सरकार तक पहुंचाई जा सकती हैं।आशंका की वजह क्या है?दरअसल, चीन की अंतरिक्ष एजेंसी ‘चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ सेना का अंग है। इसलिए वह अपने हर प्रोजेक्ट के लिए सेना के प्रति उत्तरदायी है। हालांकि अंतरिक्ष अनुसंधान में चीन अब भी अमेरिका से काफी पीछे है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी प्रगति चौंकाने वाली है। चीन ने पिछले साल बाइदू नेटवर्क अभियान के तहत पांच टन वजनी उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित किया था। बाइदू नेटवर्क अमेरिका के विश्वव्यापी ‘ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम’ (जीपीएस) के विकल्प के रूप में बनाया गया है। चीन ने अपने इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 10 अरब डॉलर खर्च किए हैं।

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अनुच्छेद 370: केंद्रीय मंत्री तोमर बोले- दिग्विजय सिंह का बयान देश का कांग्रेस मुक्त कराने वाला

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:01 PM IST

सार
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर अब केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पलटवार किया है। तोमर ने कहा कि इसे बहाल करना संभव नहीं होगा।  

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
– फोटो : एएनआई

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयारकेंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विस्तार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।

तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, ‘सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।

कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयार
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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वार : कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल बोले- प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया

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पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 18 Jun 2021 06:37 PM IST

सार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

कपिल सिब्बल
– फोटो : PTI

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है, लेकिन अपने राजनीतिक भाग्य को सुरक्षित मानते हुए वह कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद नहीं कर सकते।सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कोविड के दौरान चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यस्त थे। समाचार एजेंसी पीटीआई से चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का मतलब यह नहीं है कि पीएम को अपने कर्तव्य का निर्वहन रोक देना चाहिए और यह मान लेना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है। सिब्बल ने सरकार पर कोविड-19 टीकाकरण की रणनीति के लिए अपनी अयोग्यता के लिए भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक लापरवाही की हद है। महामारी से निपटने में सरकार की प्राथमिकताएं गलत और दोषपूर्ण हैं और ईमानदारी की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि टूलकिट मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि उनकी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए जालसाजी का एक प्रयास है।सिब्बल ने दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगियों को बचाने में निष्क्रियता के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बंद कर देना चाहिए।

विस्तार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक साक्षात्मकार में कहा कि प्रधानमंत्री ने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है, लेकिन अपने राजनीतिक भाग्य को सुरक्षित मानते हुए वह कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद नहीं कर सकते।

सिब्बल ने कहा कि प्रधानमंत्री को कोविड के दौरान चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में व्यस्त थे। समाचार एजेंसी पीटीआई से चर्चा में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय राजनीतिक नेतृत्व के अभाव का मतलब यह नहीं है कि पीएम को अपने कर्तव्य का निर्वहन रोक देना चाहिए और यह मान लेना चाहिए कि उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित है। 

सिब्बल ने सरकार पर कोविड-19 टीकाकरण की रणनीति के लिए अपनी अयोग्यता के लिए भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह आपराधिक लापरवाही की हद है। महामारी से निपटने में सरकार की प्राथमिकताएं गलत और दोषपूर्ण हैं और ईमानदारी की कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि टूलकिट मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि उनकी सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए जालसाजी का एक प्रयास है।
सिब्बल ने दूसरी लहर के दौरान लोगों की जिंदगियों को बचाने में निष्क्रियता के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई विश्वसनीय विकल्प हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना बंद कर देना चाहिए।

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