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Live: 26 दिन बाद मिले तीन लाख से कम नए केस, नहीं थम रही मौत की रफ्तार, 24 घंटे में गई 4106 की जान

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11:07 AM, 17-May-2021
उत्तराखंड में 10 मरीजों में ब्लैक फंग्स के लक्षण, एक मरीज की मौत
कोरोना से ठीक हुए मरीजों में ब्लैक फंग्स का भी खतरा देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में अबतक 15 मरीज ब्लैक फंग्स की चपेट में आ गए हैं। जबकि एक मरीज की मौत हो गई है।
Uttarakhand | Till now, 15 patients have been found infected with black fungus in Uttarakhand, one patient has died. 10 patients treated with surgery: PRO of AIIMS Rishikesh, Dr Harish Thapliyal— ANI (@ANI) May 17, 2021

10:45 AM, 17-May-2021
महाराष्ट्र: ठाणे में सोमवार को सामने आए 1314 मामले
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कोविड-19 के 1,314 नए मामले आने से संक्रमितों की संख्या पांच लाख से अधिक हो गई है। एक अधिकारी ने सोमवार को इस बारे में बताया।

10:19 AM, 17-May-2021
बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर टीका लगवाने के लिए ले जाता पुलिसकर्मी
दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी कि एक पुलिसकर्मी बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर उन्हें वैक्सीनेशन सेंटर तक लेकर गया। दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी कि ये पुलिसकर्मी महिला की सेवा कर रहा है। बता दें कि बुजुर्ग महिला चलने में सक्षम नहीं थीं।
Police Ct. Kuldeep took a senior citizen for #COVID vaccination as she is unable to walk. He has been taking care of her: Delhi Police pic.twitter.com/m4qJcD0MyK— ANI (@ANI) May 17, 2021

09:50 AM, 17-May-2021
देश: कोरोना से मौत का आंकड़ा बना चिंता का सबब
देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है। राहत की बात ये है कि 26 दिन बाद पहली बार आज तीन लाख से कम कोरोना के नए मरीज मिले हैं। वहीं चिंता की बात ये है कि  कोरोना की वजह से होने वाली मौतों की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही। पिछले करीब एक हफ्ते से हर रोज 4 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा रही है। देश में बीते 24 घंटे में 2.81 लाख लाख से अधिक नए कोरोना मरीज मिले हैं और 4,106 लोगों की जान चली गई है। बता दें कि इससे पहले 20 अप्रैल को कोरोना के 2.94 लाख नए मरीज मिले थे।
 

India reports 2,81,386 new #COVID19 cases, 3,78,741 discharges and 4,106 deaths in the last 24 hours, as per Union Health Ministry
Total cases: 2,49,65,463
Total discharges: 2,11,74,076
Death toll: 2,74,390
Active cases: 35,16,997
Total vaccination: 18,29,26,460 pic.twitter.com/RJCDwbzyha
— ANI (@ANI) May 17, 2021

09:04 AM, 17-May-2021
बीते 24 घंटे में 15,73,515 लोगों का हुआ कोरोना टेस्ट- आईसीएमआर
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने जानकारी दी कि बीते 24 घंटे में देश में 15,73,515 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ। अबतक 31,64,23,658 लोगों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है।

 

31,64,23,658 samples tested for #COVID19 up to 16th May 2021. Of these, 15,73,515 samples were tested yesterday: Indian Council of Medical Research (ICMR) pic.twitter.com/Bpfj24S5D9
— ANI (@ANI) May 17, 2021

08:42 AM, 17-May-2021
दिल्ली: सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में मरीजों ने किया योग
दिल्ली के छतरपुर में सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में कोरोना के मरीज सुबह योग करते नजर आए। 

 

Delhi: COVID19 patients at Sardar Patel Covid Care Centre, Radha Soami Beas, Chhatarpur participate in morning yoga and meditation sessions. It was followed by a round of wards by Stress Counsellors of ITBP. pic.twitter.com/TKFtGdHf5j
— ANI (@ANI) May 17, 2021

08:34 AM, 17-May-2021
मिजोरम: 150 नए मामले आए सामने, एक की मौत
मिजोरम में पिछले 24 घंटे में 150 नए मामले सामने आए, जबकि एक मरीज ने कोरोना वायरस के आगे दम तोड़ दिया।

 

Mizoram reports 150 new #COVID19 cases and 1 death on Sunday. Active cases at 2,117 and death toll at 25. pic.twitter.com/kYTyDxKBG1
— ANI (@ANI) May 17, 2021

07:45 AM, 17-May-2021
राजस्थान: ऑक्सीमीटर की कालाबाजारी करते दो लोग गिरफ्तार
राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने दो लोगों को ऑक्सीमीटर की कालाबाजारी करने के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि ये लोग एक ऑक्सीमीटर को 4,000-5,000 रुपये की कीमत पर बेच रहे थे, जबकि बाजार में उसकी कीमत 1,200 रुपये है।

 

Rajasthan | 2 held for black marketing of oxy flow meters at Jodhpur’s Mathuradas Mathur Hospital, yesterday
“We’ve arrested Kishore Singh and Nikhil Jain for selling oxy meters at Rs 4000-5000 price. Their routine price is about Rs 1200,” said Jabbar Singh, SOG Police Inspector pic.twitter.com/w9VHzXCkgm
— ANI (@ANI) May 16, 2021

07:31 AM, 17-May-2021
Live: 26 दिन बाद मिले तीन लाख से कम नए केस, नहीं थम रही मौत की रफ्तार, 24 घंटे में गई 4106 की जान
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का खतरा अभी भी टला नहीं है बल्कि जारी है। पिछले 25 दिनों में देश में कोरोना वायरस के सबसे कम मामले सामने आए हैं। रविवार को कोरोना के 3.11 लाख से ज्यादा दैनिक मामले सामने आए लेकिन एक दिन में हो रही मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को चार हजार से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ा दिया। इसी बीच हरियाणा, दिल्ली, बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया है। हालांकि सरकार ने माना है अब कोरोना का संक्रमण ग्रामीण इलाकों में भी फैल रहा है और इससे निपटने के लिए घर-घर जाकर टेस्टिंग और जागरुकता फैलाने पर जोर दिया जा रहा है।

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कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

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अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

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कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

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अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

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