Connect with us

India

दिल्ली में कोरोना: 24 घंटे में सामने आए 4525 नए मामले, 340 मौतें, टेस्टिंग में आई भारी कमी

Published

on

{“_id”:”60a254808ebc3e4b3b57d1e2″,”slug”:”delhi-coronavirus-update-17-may-4525-new-cases-in-last-24-hours-340-deaths-testing-very-low-positivity-rate-8-percent”,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”u0926u093fu0932u094du0932u0940 u092eu0947u0902 u0915u094bu0930u094bu0928u093e: 24 u0918u0902u091fu0947 u092eu0947u0902 u0938u093eu092eu0928u0947 u0906u090f 4525 u0928u090f u092eu093eu092eu0932u0947, 340 u092eu094cu0924u0947u0902, u091fu0947u0938u094du091fu093fu0902u0917 u092eu0947u0902 u0906u0908 u092du093eu0930u0940 u0915u092eu0940″,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”u0936u0939u0930 u0914u0930 u0930u093eu091cu094du092f”,”slug”:”city-and-states”}}

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 17 May 2021 05:27 PM IST

सार
दिल्ली में कोरोना के नए मामले बेशक कम हुए हैं लेकिन मौतों की संख्या 300 के नीचे नहीं आ रही।

कोरोना वायरस: जांच कराते लोग
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

दिल्ली में 24 घंटे में कोरोना के नए मामलों में तेजी से गिरावट देखी गई है। सोमवार को जारी बुलेटिन के अनुसार राजधानी में बीते एक दिन में 4525 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि इसकी बड़ी वजह टेस्टिंग में आई भारी गिरावट भी हो सकती है। दिल्ली में इस दौरान 55 हजार से भी कम टेस्ट हुए। इन आंकड़ों में जो बात सबसे चिंताजनक है वो है तेजी से हो रही मौतें। बुलेटिन के अनुसार एक दिन में 340 मौतें हुई हैं।दिल्ली में कल कुल 53756 टेस्ट हुए जिसमें से 41849 आरटीपीसीआर तो 11907 एंटीजन टेस्ट हुए। कम टेस्ट और कम केस के कारण संक्रमण दर घटकर 8.42 प्रतिशत हो गई है। वहीं इस दौरान 10918 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए। एक समय था जब दिल्ली में एक लाख के ऊपर टेस्ट हो रहे थे और पॉजिटिविटी रेट 35 प्रतिशत तक चली गई थी। ऐसे में ताजा आंकड़े राहत देने वाले जरूर हैं।कम होते कोरोना के नए संक्रमितों के बीच दिल्ली के अस्पतालों में बेड भी खाली होने लगे हैं। दिल्ली के अस्पतालों में इस वक्त 24104 बेड हैं, उनमें से 15542 भरे हैं और 8562 खाली हैं। वहीं डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर और कोविड हेल्थ सेंटर में क्रमशः 5549 और 472 बेड खाली हैं। कुल 35141 मरीज इस वक्त होम आईसोलेशन में हैं।इस तरह दिल्ली में अब तक कुल 13 लाख 98 हजार 391 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इसमें से 13 लाख 20 हजार 496 मरीज ठीक हो चुके हैं और 21846 मरीजों की जान चली गई। दिल्ली की कुल संक्रमण दर 7.62 प्रतिशत है और मृत्युदर 1.56 प्रतिशत है। वर्तमान में दिल्ली में कुल 56049 मरीज सक्रिय हैं। इस वक्त राजधानी में कुल 57484 कंटेनमेंट जोन हैं।

विस्तार

दिल्ली में 24 घंटे में कोरोना के नए मामलों में तेजी से गिरावट देखी गई है। सोमवार को जारी बुलेटिन के अनुसार राजधानी में बीते एक दिन में 4525 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि इसकी बड़ी वजह टेस्टिंग में आई भारी गिरावट भी हो सकती है। दिल्ली में इस दौरान 55 हजार से भी कम टेस्ट हुए। इन आंकड़ों में जो बात सबसे चिंताजनक है वो है तेजी से हो रही मौतें। बुलेटिन के अनुसार एक दिन में 340 मौतें हुई हैं।

दिल्ली में कल कुल 53756 टेस्ट हुए जिसमें से 41849 आरटीपीसीआर तो 11907 एंटीजन टेस्ट हुए। कम टेस्ट और कम केस के कारण संक्रमण दर घटकर 8.42 प्रतिशत हो गई है। वहीं इस दौरान 10918 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए। एक समय था जब दिल्ली में एक लाख के ऊपर टेस्ट हो रहे थे और पॉजिटिविटी रेट 35 प्रतिशत तक चली गई थी। ऐसे में ताजा आंकड़े राहत देने वाले जरूर हैं।

कम होते कोरोना के नए संक्रमितों के बीच दिल्ली के अस्पतालों में बेड भी खाली होने लगे हैं। दिल्ली के अस्पतालों में इस वक्त 24104 बेड हैं, उनमें से 15542 भरे हैं और 8562 खाली हैं। वहीं डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर और कोविड हेल्थ सेंटर में क्रमशः 5549 और 472 बेड खाली हैं। कुल 35141 मरीज इस वक्त होम आईसोलेशन में हैं।
इस तरह दिल्ली में अब तक कुल 13 लाख 98 हजार 391 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इसमें से 13 लाख 20 हजार 496 मरीज ठीक हो चुके हैं और 21846 मरीजों की जान चली गई। दिल्ली की कुल संक्रमण दर 7.62 प्रतिशत है और मृत्युदर 1.56 प्रतिशत है। वर्तमान में दिल्ली में कुल 56049 मरीज सक्रिय हैं। इस वक्त राजधानी में कुल 57484 कंटेनमेंट जोन हैं।

Continue Reading

India

महाराष्ट्र: अकेले चुनाव लड़ने वालों को जनता चप्पल मारेगी, उद्धव के इस बयान पर छिड़ी सियासी जंग

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:52 AM IST

सार
महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस के बीच खींचतान और तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के स्थापना दिवस के मौके पर दिए गए बयान के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। 

उद्धव ठाकरे और नाना पटोले
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार में अनबन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। शनिवार को पार्टी के 55वें स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान के बाद से गठबंधन सरकार में खटास की अटकलें और तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री के बयान के बाद शिवसेना और कांग्रेस के बीच दरार की खाई और गहरी होती नजर आ रही है।मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर कहा कि हिंदुत्व और मराठा की अस्मिता पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने इस मौके पर कांग्रेस का नाम लिए बिना, उस पर हमला बोला है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि जो लोग अकेले चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं, जनता उन्हें चप्पलों से मारेगी। बता दें कि नाना पटोले कई बार अकेले चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। वहीं दादर इलाके में शिवसेना और भाजपा समर्थकों के बीच हुई झड़पों के स्पष्ट संदर्भ में, ठाकरे ने कहा कि जब कोई शोर करता है तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता धमाकेदार जवाब देते हैं। उन्होंने किसी पार्टी या घटना का उल्लेख किए बिना कहा, ‘एक संदेश चारों ओर जा रहा है कि अगर कोई शोर करता है, तो आप धमाकेदार जवाब देते हैं। मुझे यकीन है कि आप जानते हैं कि यह संदेश पिछले कुछ दिनों में क्यों प्रसारित हो रहा है।’ ठाकरे ने कहा कि सड़कों पर खूनखराबा शिवसेना कार्यकर्ताओं की असली पहचान नहीं है। लेकिन एक सच्चा शिवसेना कार्यकर्ता अन्याय का सामना करने वालों की मदद करने के लिए दौड़ता है। जिन्होंने हमारे खिलाफ आरोप लगाए, क्या वे ऐसे काम के लिए जाने जाते हैं? 

संजय राउत का बयान
उद्धव ठाकरे के बयान के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी मुख्यमंत्री की बात को दोहराते हुए कहा कि जो लोग चुनाव अकेले लड़ने की बात कर रहे हैं, वो लड़ सकते हैं। संजय राउत ने कहा कि क्या हम चुपचाप बैठकर देखेंगे? जो लोग अकेले चुनाव लड़ना चाहते हैं, वो लड़ सकते हैं। शिवसेना ने अपने बल पर राजनैतिक युद्ध लड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के समय भले ही गठबंधन हो सकता है लेकिन चुनाव अपने बल पर लड़ा जाता है। संजय राउत ने कहा कि चाहे ये मुद्दा महाराष्ट्र की साख का हो या शिवसेना के अस्तित्व का हो, अगर हमें लड़ना होगा, तो हम लड़ेंगे। 
 

नाना पटोले ने अकेले चुनाव लड़ने की बात कही 
 बता दें कि पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले लगातार बयान दे रहे हैं कि महाराष्ट्र का अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस अकेले ही लड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर आलाकमान फैसला लेता है तो वह मुख्यमंत्री का चेहरा बनने को तैयार हैं। पटोले के इस बयान के बाद से ही महाराष्ट्र की सियासी हलचल और बढ़ गई है। 

विस्तार

महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार में अनबन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। शनिवार को पार्टी के 55वें स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान के बाद से गठबंधन सरकार में खटास की अटकलें और तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री के बयान के बाद शिवसेना और कांग्रेस के बीच दरार की खाई और गहरी होती नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर कहा कि हिंदुत्व और मराठा की अस्मिता पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने इस मौके पर कांग्रेस का नाम लिए बिना, उस पर हमला बोला है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि जो लोग अकेले चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं, जनता उन्हें चप्पलों से मारेगी। बता दें कि नाना पटोले कई बार अकेले चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। 

वहीं दादर इलाके में शिवसेना और भाजपा समर्थकों के बीच हुई झड़पों के स्पष्ट संदर्भ में, ठाकरे ने कहा कि जब कोई शोर करता है तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता धमाकेदार जवाब देते हैं। उन्होंने किसी पार्टी या घटना का उल्लेख किए बिना कहा, ‘एक संदेश चारों ओर जा रहा है कि अगर कोई शोर करता है, तो आप धमाकेदार जवाब देते हैं। मुझे यकीन है कि आप जानते हैं कि यह संदेश पिछले कुछ दिनों में क्यों प्रसारित हो रहा है।’ ठाकरे ने कहा कि सड़कों पर खूनखराबा शिवसेना कार्यकर्ताओं की असली पहचान नहीं है। लेकिन एक सच्चा शिवसेना कार्यकर्ता अन्याय का सामना करने वालों की मदद करने के लिए दौड़ता है। जिन्होंने हमारे खिलाफ आरोप लगाए, क्या वे ऐसे काम के लिए जाने जाते हैं? 

संजय राउत का बयान

उद्धव ठाकरे के बयान के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी मुख्यमंत्री की बात को दोहराते हुए कहा कि जो लोग चुनाव अकेले लड़ने की बात कर रहे हैं, वो लड़ सकते हैं। संजय राउत ने कहा कि क्या हम चुपचाप बैठकर देखेंगे? जो लोग अकेले चुनाव लड़ना चाहते हैं, वो लड़ सकते हैं। शिवसेना ने अपने बल पर राजनैतिक युद्ध लड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के समय भले ही गठबंधन हो सकता है लेकिन चुनाव अपने बल पर लड़ा जाता है। संजय राउत ने कहा कि चाहे ये मुद्दा महाराष्ट्र की साख का हो या शिवसेना के अस्तित्व का हो, अगर हमें लड़ना होगा, तो हम लड़ेंगे। 

 

It was the party’s 55th foundation day yesterday. CM and our party chief told the people who are speaking of contesting elections alone in Maharashtra, that if they do that what will we do? Will we keep sitting? Those who want to contest, let them do it: Shiv Sena MP Sanjay Raut pic.twitter.com/ebMW4TDbEs

— ANI (@ANI) June 20, 2021

नाना पटोले ने अकेले चुनाव लड़ने की बात कही 

 बता दें कि पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले लगातार बयान दे रहे हैं कि महाराष्ट्र का अगला विधानसभा चुनाव कांग्रेस अकेले ही लड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर आलाकमान फैसला लेता है तो वह मुख्यमंत्री का चेहरा बनने को तैयार हैं। पटोले के इस बयान के बाद से ही महाराष्ट्र की सियासी हलचल और बढ़ गई है।
 

Continue Reading

India

बड़ी खबर: सर्वदलीय बैठक में नहीं शामिल होंगी महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला करेंगे गुपकार का नेतृत्व

Published

on

By

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 20 Jun 2021 12:22 PM IST

सार
केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। 

पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

केंद्र सरकार इस महीने 24 जून को जम्मू-कश्मीर की सभी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ बातचीत करेगी। इसमें प्रदेश के 14 नेताओं को बुलाए जाने की चर्चा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होंगी। पीडीपी ने यह निर्णय लिया है कि पीएजीडी(पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन) का नेतृत्व करते हुए नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला बैठक में शामिल होंगे।पीडीपी प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने बताया कि दिल्ली में सर्वदलीय बैठक से पहले राजनीतिक मामलों की समिति(पीएसी) की आज बैठक हुई। इसमें सभी सदस्यों ने तय किया है कि इस संबंध में अंतिम फैसला महबूबा मुफ्ती ही लेंगी। उन्होंने कहा कि दो दिन में पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन की बैठक होगी। इस मामले पर वहां भी चर्चा होगी।शनिवार को जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि इस बैठक के संबंध में उनके पास एक कॉल आई है। लेकिन अभी तक औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मैं उसी पर चर्चा और बैठक में भाग लेने या न लेने पर निर्णय करने के लिए कल पीएसी की बैठक करूंगी।बताया जा रहा है कि यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होगी। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेता रहेंगे। इस बैठक के बारे में जब माकपा नेता और पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डेक्लेरेशन के प्रवक्ता एमवाई तरिगामी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, हमें सरकार से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि अगर ऐसा कुछ होता है तो इसका स्वागत किया जाएगा। तरिगामी ने कहा, हमने केंद्र के साथ सार्थक बातचीत के लिए अपने दरवाजे कभी बंद नहीं किए हैं। इस अलायंस में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी भी हैं, जिसका गठन जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा हटाए जाने और उसे केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के बाद किया गया था।यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ यात्रा को लेकर आतंकी धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस ने कही ये बात
अधिकारियों ने कहा कि जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक के संसद में पारित होने के तुरंत बाद जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई के नेतृत्व में बना परिसीमन आयोग अपने काम में तेजी लाएगा और अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपेगा। आयोग को फरवरी 2020 में स्थापित किया गया था और इस वर्ष मार्च में एक वर्ष का विस्तार दिया गया है।

विस्तार

केंद्र सरकार इस महीने 24 जून को जम्मू-कश्मीर की सभी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ बातचीत करेगी। इसमें प्रदेश के 14 नेताओं को बुलाए जाने की चर्चा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होंगी। पीडीपी ने यह निर्णय लिया है कि पीएजीडी(पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन) का नेतृत्व करते हुए नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला बैठक में शामिल होंगे।

पीडीपी प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने बताया कि दिल्ली में सर्वदलीय बैठक से पहले राजनीतिक मामलों की समिति(पीएसी) की आज बैठक हुई। इसमें सभी सदस्यों ने तय किया है कि इस संबंध में अंतिम फैसला महबूबा मुफ्ती ही लेंगी। उन्होंने कहा कि दो दिन में पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन की बैठक होगी। इस मामले पर वहां भी चर्चा होगी।

शनिवार को जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि इस बैठक के संबंध में उनके पास एक कॉल आई है। लेकिन अभी तक औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मैं उसी पर चर्चा और बैठक में भाग लेने या न लेने पर निर्णय करने के लिए कल पीएसी की बैठक करूंगी।
बताया जा रहा है कि यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होगी। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेता रहेंगे। इस बैठक के बारे में जब माकपा नेता और पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डेक्लेरेशन के प्रवक्ता एमवाई तरिगामी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, हमें सरकार से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि अगर ऐसा कुछ होता है तो इसका स्वागत किया जाएगा। तरिगामी ने कहा, हमने केंद्र के साथ सार्थक बातचीत के लिए अपने दरवाजे कभी बंद नहीं किए हैं। इस अलायंस में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी भी हैं, जिसका गठन जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा हटाए जाने और उसे केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के बाद किया गया था।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ यात्रा को लेकर आतंकी धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस ने कही ये बात

परिसीमन आयोग सौंपेगा अपनी रिपोर्ट

अधिकारियों ने कहा कि जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक के संसद में पारित होने के तुरंत बाद जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई के नेतृत्व में बना परिसीमन आयोग अपने काम में तेजी लाएगा और अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपेगा। आयोग को फरवरी 2020 में स्थापित किया गया था और इस वर्ष मार्च में एक वर्ष का विस्तार दिया गया है।

आगे पढ़ें

परिसीमन आयोग सौंपेगा अपनी रिपोर्ट

Continue Reading

India

दोहरी मार: कोरोना काल में महंगाई ने बिगाड़ा किचन का जायका, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों ने सब्जियों में लगाई आग

Published

on

By

{“_id”:”60cf0a3c0e0f7a34e4353897″,”slug”:”inflations-increased-due-to-petrol-diesel-prices-hike”,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”u0926u094bu0939u0930u0940 u092eu093eu0930: u0915u094bu0930u094bu0928u093e u0915u093eu0932 u092eu0947u0902 u092eu0939u0902u0917u093eu0908 u0928u0947 u092cu093fu0917u093eu0921u093cu093e u0915u093fu091au0928 u0915u093e u091cu093eu092fu0915u093e, u092au0947u091fu094du0930u094bu0932-u0921u0940u091cu0932 u0915u0940 u092cu0922u093cu0940 u0915u0940u092eu0924u094bu0902 u0928u0947 u0938u092cu094du091cu093fu092fu094bu0902 u092eu0947u0902 u0932u0917u093eu0908 u0906u0917″,”category”:{“title”:”Business Diary”,”title_hn”:”u092cu093fu091cu093cu0928u0947u0938 u0921u093eu092fu0930u0940″,”slug”:”business-diary”}}

अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 20 Jun 2021 03:04 PM IST

सार
बढ़ती महंगाई ने कोरोनाकाल में लोगों की दोहरी परेशानी बढ़ा दी है। पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे है, जिससे लोगों की जेब ढीली होने लगी है। तेल के बढ़े दामों ने माल ढुलाई की कीमत भी बढ़ा दी है।  इसका  सीधा असर सब्जियों पर दिख रहा है। 

आजादपुर सब्जी मंडी
– फोटो : एएनआई

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

ख़बर सुनें

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का सीधा असर घर की रसोई पर पड़ रहा है। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में प्याज और टमाटर की कीमतें सीधे दोगुनी तक हो गई हैं तो आसपास के इलाकों से आने वाली सब्जियों की कीमत भी 50 फीसदी तक बढ़ गई है। खाद्य तेल 200 रुपये प्रति लीटर और दालों की कीमत 120-140 रुपये प्रति किलो पहुंचने से घर का बजट  बिगड़ गया है।एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आज़ादपुर में शनिवार 19 जून को आलू की कीमत 4 रुपये से 16 रुपये के बीच थी तो खुदरा बाज़ार में यही आलू 15 से 30 रुपये किलो में बिक रहा था। एक महीने पहले आलू की यही कीमतें लगभग आधी थीं। इसी प्रकार, प्याज की कीमतें शनिवार को 12.50 रूपये प्रति किलो से 27.50 रूपये प्रति किलो थीं जो खुदरा बाज़ार में 40 से 60 रूपये प्रति किलो तक बिक रही थीं। प्याज की कीमतों में भी लगभग दोगुने की वृद्धि हुई है। व्यापारी इसे सीधे तौर पर डीजल कीमतों में बढ़ोतरी का असर मान रहे हैं।      वहीं, आजादपुर मंडी में टमाटर की कीमत केवल 1.25 रूपये प्रति किलो से 8 रुपये प्रति किलो तक है, लेकिन खुदरा बाज़ार में टमाटर की कीमतें 15-20 रुपये प्रति किलो से लेकर 35 रुपये किलो तक है। मंडी से बाज़ार तक पहुंचने में सब्जियों के दाम कई गुना बढ़ जाते हैं।  प्रमुख सब्जियों के आसमान छूते दाम-

(दिल्ली के खुदरा बाज़ार में 20 मई और 20 जून 2021 की कीमतों में अंतर के आधार पर)  
आलू- पहले- 10-12 रु/किग्रा, अब 20-30 रु/किग्रा
प्याज- 20 रु/किग्रा से अब 40-50 रु/किग्रा
टमाटर- 10-15 रु/किग्रा से अब 20-40 रु/किग्रा
भिंडी- 20 रु/किग्रा से अब 40-50 रु/किग्रा  
तोरी- 20 रु/किग्रा से अब 40-50 रु/किग्रा
लौकी- 20 रु/किग्रा से अब 40 रु/किग्रा 
सीताफल- 20 रु/किग्रा से अब 30-40 रु/किग्रा
बैगन- 20 रुपये प्रति किलो से अब 40 रुपये प्रति किलो  

दालों-खाद्य तेलों के दाम भी आसमान पर
सब्जियों के आलावा खाद्य तेलों की कीमतों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। सरसों तेल की कीमत 200 रुपये प्रति लीटर तो रिफाइंड तेलों की कीमत 180-190 से 250 रुपये प्रति लीटर तक हो गई है। दाल की कीमतें 90-100 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 120-130 रुपये प्रति किलो से प्राइम दलों की कीमत 160-200 रूपये प्रति किलो तक हो गई है।  पेट्रोल-डीजल की कीमतआज रविवार 20 जून को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 29 पैसे प्रति लीटर की बढ़त के साथ 97.22 रुपये/लीटर हो गई है तो डीजल भी 28 पैसे प्रति लीटर की बढ़त के साथ 87.97 रुपये प्रति लीटर हो चुका है। देश के अनेक हिस्सों में पेट्रोल-डीजल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा हो चुके हैं।

विस्तार

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी का सीधा असर घर की रसोई पर पड़ रहा है। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में प्याज और टमाटर की कीमतें सीधे दोगुनी तक हो गई हैं तो आसपास के इलाकों से आने वाली सब्जियों की कीमत भी 50 फीसदी तक बढ़ गई है। खाद्य तेल 200 रुपये प्रति लीटर और दालों की कीमत 120-140 रुपये प्रति किलो पहुंचने से घर का बजट  बिगड़ गया है।

एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आज़ादपुर में शनिवार 19 जून को आलू की कीमत 4 रुपये से 16 रुपये के बीच थी तो खुदरा बाज़ार में यही आलू 15 से 30 रुपये किलो में बिक रहा था। एक महीने पहले आलू की यही कीमतें लगभग आधी थीं। इसी प्रकार, प्याज की कीमतें शनिवार को 12.50 रूपये प्रति किलो से 27.50 रूपये प्रति किलो थीं जो खुदरा बाज़ार में 40 से 60 रूपये प्रति किलो तक बिक रही थीं। प्याज की कीमतों में भी लगभग दोगुने की वृद्धि हुई है। व्यापारी इसे सीधे तौर पर डीजल कीमतों में बढ़ोतरी का असर मान रहे हैं।      

वहीं, आजादपुर मंडी में टमाटर की कीमत केवल 1.25 रूपये प्रति किलो से 8 रुपये प्रति किलो तक है, लेकिन खुदरा बाज़ार में टमाटर की कीमतें 15-20 रुपये प्रति किलो से लेकर 35 रुपये किलो तक है। मंडी से बाज़ार तक पहुंचने में सब्जियों के दाम कई गुना बढ़ जाते हैं।  
प्रमुख सब्जियों के आसमान छूते दाम-

(दिल्ली के खुदरा बाज़ार में 20 मई और 20 जून 2021 की कीमतों में अंतर के आधार पर)  
आलू- पहले- 10-12 रु/किग्रा, अब 20-30 रु/किग्रा
प्याज- 20 रु/किग्रा से अब 40-50 रु/किग्रा
टमाटर- 10-15 रु/किग्रा से अब 20-40 रु/किग्रा
भिंडी- 20 रु/किग्रा से अब 40-50 रु/किग्रा  
तोरी- 20 रु/किग्रा से अब 40-50 रु/किग्रा
लौकी- 20 रु/किग्रा से अब 40 रु/किग्रा 
सीताफल- 20 रु/किग्रा से अब 30-40 रु/किग्रा
बैगन- 20 रुपये प्रति किलो से अब 40 रुपये प्रति किलो  

दालों-खाद्य तेलों के दाम भी आसमान पर

सब्जियों के आलावा खाद्य तेलों की कीमतों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। सरसों तेल की कीमत 200 रुपये प्रति लीटर तो रिफाइंड तेलों की कीमत 180-190 से 250 रुपये प्रति लीटर तक हो गई है। दाल की कीमतें 90-100 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 120-130 रुपये प्रति किलो से प्राइम दलों की कीमत 160-200 रूपये प्रति किलो तक हो गई है।  
पेट्रोल-डीजल की कीमत
आज रविवार 20 जून को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 29 पैसे प्रति लीटर की बढ़त के साथ 97.22 रुपये/लीटर हो गई है तो डीजल भी 28 पैसे प्रति लीटर की बढ़त के साथ 87.97 रुपये प्रति लीटर हो चुका है। देश के अनेक हिस्सों में पेट्रोल-डीजल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा हो चुके हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2017 Zox News Theme. Theme by MVP Themes, powered by WordPress.