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चेतावनी: मौसम विभाग ने कहा- ताउते की रफ्तार 70 से बढ़कर 175 किमी होगी

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सार
आईएमडी के चक्रवात चेतावनी डिवीजन के मुताबिक, करीब 70-80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से कर्नाटक पहुंचने वाले ताउते के 18 मई की सुबह तक 175 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ लेने के आसार हैं।

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भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि ताउते के अगले 24 घंटे में और घातक होने के आसार हैं। यह 17 मई की शाम तक गुजरात के तटीय इलाके में पहुंच जाएगा और 18 मई की सुबह पोरबंदर से महुवा (भावनगर जिला) के बीच के इलाके से होता हुए गुजरात को पार करेगा। इस दौरान गुजरात के तटीय जिलों पोरबंदर, जूनागढ़, गिर, सोमनाथ, अमरेली में 1 मीटर से लेकर 3 मीटर ऊंचाई तक की लहरें उठ सकती हैं।गुजरात में 1500 अस्पतालों से गंभीर कोविड मरीज दूसरे जिलों में भेजेगुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना जिलों के करीब 1500 अस्पतालों से ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की आवश्यकता वाले कोरोना मरीजों को नजदीक के जिलों में भेजने का निर्देश दिया।इसके लिए राज्य के सभी हिस्सों से एडवांस लाइस सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस जामनगर, राजकोट, कच्छ और जूनागढ़ जिलों के लिए रवाना कर दी गई हैं। अस्पतालों को अपने यहां पॉवर बैकअप और ऑक्सीजन का बफर स्टॉक रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आठ ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्रों को भी आपात व्यवस्था बनाने को कहा गया है। साथ ही सेना को भी मदद के लिए सतर्क कर दिया गया है।भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी संगठन को सतर्क कियाभाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को तटीय राज्यों के पार्टी नेताओं के साथ चक्रवातती तूफान को लेकर बात की। नड्डा ने ट्वीट में बताया कि गोवा, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, दमन व दीव और गुजरात के पार्टी सांसदों, विधायकों व संगठन पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की है। सभी को सतर्कता बरतने और राहत कार्यों में मदद करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हरसंभव मदद मुहैया कराएंगे।101 एनडीआरएफ टीम राज्यों में रवानाराष्ट्रीय आपदा बचाव बल (एनडीआरएफ) ने राहत-बचाव अभियान चलाने के लिए ताउते चक्रवात से प्रभावित राज्यों में 101 टीमों को तैनात किया है। इनमें से 79 टीमों को फील्ड में उतारा गया है, जबकि 22 को रिजर्व में रखा गया है। इनके अलावा सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की राहत-बचाव टीमें और विमान भी तैनात किए गए हैं।
महाराष्ट्र के मुंबई, उत्तरी कोंकण, ठाणे और पालघर में सोमवार को बेहद भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने इस बात की चेतावनी रविवार को दी। इससे पहले मौसम विभाग ने बृहनमुंबई नगर निगम को मुंबई के चक्रवात की राह में नहीं होने की जानकारी दी थी।लेकिन रविवार को आईएमडी के पुणे स्थित जलवायु शोध व सेवा संस्थान सिड के प्रमुख केए, होसालिलार ने ट्वीट किया कि चक्त्रस्वात के ताजा रुख के हिसाब से इसके 17 मई को दोपहर बाद मुंबई के तटीय इलाके से करीब 200 किलोमीटर दूर से गुजरने की संभावना है।इसके चलते तटीय इलाकों में बेहद भारी बारिश होगी। सीएम ऑफिस के मुताबिक, अलर्ट के चलते बीएमसी को मेकशिफ्ट कोविड केयर सेंटर से 580 मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा है।बीकेसी से 243, दहिसर से 183 और मुलुंड से 154 मरीजों को दूसरी जगह भेजा गया है। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा है कि हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। लाइफगार्ड सहित हमारी टीमें समुद्र के पास तैनात हैं। हमने सभी बड़े पेड़ों को काट दिया है और पुलिस गश्त कर रही है।
गुजरात में तटीय इलाकों में जनहानि को रोकने के लिए करीब 1.5 लाख लोगों को रविवार को सुरक्षित इलाकों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया। बड़ी संख्या में कच्चे घरों वाले भावनगर जिले में सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है, इसके चलते यहां से सबसे ज्यादा लोग शिफ्ट किए गए हैं। स्वास्थ्य टीमों को हाई अलर्ट पर रखने के साथ ही एनडीआरएफ की 44 और एसडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा, हम लोग 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को दूसरी जगह भेज रहे हैं। राज्य में अगले दो दिन के लिए कोरोना टीकाकरण बंद करते हुए उसमें लगे स्वास्थ्य कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जामनगर स्थित विश्व की सबसे बड़ी रिलायंस रिफाइनरी में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कंपनी प्रवक्ता ने कहा कि हम हालात पर नजर रख रहे हैं।इस रिफाइनरी के चक्रवात की चपेट में आने की संभावना है। मुंद्रा स्थित देश के सबसे बड़े निजी व्यवसायिक बंदरगाह पर फिलहाल कामकाज जारी है, लेकिन बंदरगाह प्रबंधन का कहना है कि हालात के हिसाब से निर्णय लिया जाएगा। हालांकि कांडला स्थित देश के सबसे बड़े सरकारी बंदरगाह पर निचले इलाकों से 5000 लोगों को दूसरी जगह भेजा जा रहा है।बंदरगाह के चेयरमैन एसके मेहता ने कहा कि किसी भी नए जहाज के गोदी में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है और मौजूदा जहाजों को भी गहरे समुद्र में भेजा जा रहा है। राज्य में 21 मई तक रेल सेवाओं के प्रभावित रहने के आसार हैं। गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने आपात हालात में भी बिजली बहाल रखने के लिए 2000 बिजली कर्मियों को तैनात किया है।
अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप के ऊपर से आगे बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान ताउते रविवार को सबसे पहले कर्नाटक पहुंचा। कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, तूफानी हवाओं और तेज बारिश ने सात जिलों दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, कोडागू, शिवमोगा, चिकमगलूरू और हासन के 17 तालुका के 73 गांवों में कहर बरपाते हुए तबाही मचाई है।तूफान का सबसे ज्यादा असर उडुपी जिले में रहा, जहां 28 गांवों में सबसे ज्यादा घर गिरे हैं। सुबह 8.30 बजे तक ही उडुपी के कुंडापुरा तालुका में 315 मिलीमीटर, जबकि अन्य जिलों के 15 मौसम स्टेशनों पर 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी थी।अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर कन्नड़ में एक मछुआरे की, उडुपी में बिजली के खंभे की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि चिकमगलूरू में घर गिरने से और शिवमोगा में बिजली गिरने से 1-1 व्यक्ति की मौत की खबर है।राज्य में कुल 112 घर गिरने और 616 लोगों के प्रभावित होने की सूचना है। 318 लोगों को बारिश प्रभावित इलाकों से बचाया गया है।मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने तटीय इलाकों के इंचार्ज मंत्रियों को प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्य तेज कराने के निर्देश दिए हैं। गृहमंत्री बासवराज बोम्मई के मुताबिक बचाव कार्य में दमकल, पुलिस, तटीय पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ के करीब 1000 प्रशिक्षित जवान लगाए हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि रविवार को दोपहर बाद गोवा पहुंचे ताउते की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, वहीं 200 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह सड़कें बंद हो गई हैं। बहुत सारे खंभे उखड़ने और लाइनों पर पेड़ गिरने से राज्य में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।तमिलनाडु के 15 मछुआरे लापताकोझीकोड के बेपोर बंदरगाह से पांच मई को समुद्र में उतरे कम से कम 15 मछुआरे लापता हैं। ये सभी तमिलनाडु के मूल निवासी हैं। इसी नाव के साथ गई एक अन्य नाव इंजन में कुछ यांत्रिक खराबी के कारण गोवा तट पर पहुंच गई है।केरल का एक गांव को नुकसानकेरल में भी चक्रवात के कारण भारी बारिश और तूफानी हवाओं से नुकसान तिरुवनंतपुरम स्थित तटीय गांव वलियाथुरा में समुद्र की तेज लहरों से कई घरों के नष्?ट होने की सूचना है।राजस्थान में भी चक्रवात का पूर्व प्रभाव शुरूताउते चक्रवात के आखिरी दौर में प्रभावित होने की संभावना वाले दक्षिण पश्चिमी राजस्थान में रविवार को दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ आधा घंटे तक बारिश दर्ज की गई। कोटा जिले में इसका असर सबसे ज्यादा रहा। इसे देखते हुए राजस्थान सरकार ने राज्य के ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्रों को अपने यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग ने सभी कोविड देखभाल केंद्रों और अस्पतालों में बिजली के वैकल्पिक इंतजाम रखने का निर्देश जिला कलेक्टरों को दिया है।

विस्तार

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि ताउते के अगले 24 घंटे में और घातक होने के आसार हैं। यह 17 मई की शाम तक गुजरात के तटीय इलाके में पहुंच जाएगा और 18 मई की सुबह पोरबंदर से महुवा (भावनगर जिला) के बीच के इलाके से होता हुए गुजरात को पार करेगा। इस दौरान गुजरात के तटीय जिलों पोरबंदर, जूनागढ़, गिर, सोमनाथ, अमरेली में 1 मीटर से लेकर 3 मीटर ऊंचाई तक की लहरें उठ सकती हैं।

गुजरात में 1500 अस्पतालों से गंभीर कोविड मरीज दूसरे जिलों में भेजे
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उच्च स्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना जिलों के करीब 1500 अस्पतालों से ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की आवश्यकता वाले कोरोना मरीजों को नजदीक के जिलों में भेजने का निर्देश दिया।

इसके लिए राज्य के सभी हिस्सों से एडवांस लाइस सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस जामनगर, राजकोट, कच्छ और जूनागढ़ जिलों के लिए रवाना कर दी गई हैं। अस्पतालों को अपने यहां पॉवर बैकअप और ऑक्सीजन का बफर स्टॉक रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आठ ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्रों को भी आपात व्यवस्था बनाने को कहा गया है। साथ ही सेना को भी मदद के लिए सतर्क कर दिया गया है।
भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी संगठन को सतर्क किया
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को तटीय राज्यों के पार्टी नेताओं के साथ चक्रवातती तूफान को लेकर बात की। नड्डा ने ट्वीट में बताया कि गोवा, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, दमन व दीव और गुजरात के पार्टी सांसदों, विधायकों व संगठन पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की है। सभी को सतर्कता बरतने और राहत कार्यों में मदद करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हरसंभव मदद मुहैया कराएंगे।
101 एनडीआरएफ टीम राज्यों में रवाना

राष्ट्रीय आपदा बचाव बल (एनडीआरएफ) ने राहत-बचाव अभियान चलाने के लिए ताउते चक्रवात से प्रभावित राज्यों में 101 टीमों को तैनात किया है। इनमें से 79 टीमों को फील्ड में उतारा गया है, जबकि 22 को रिजर्व में रखा गया है। इनके अलावा सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की राहत-बचाव टीमें और विमान भी तैनात किए गए हैं।

मुंबई में आज भारी बारिश की चेतावनी

महाराष्ट्र के मुंबई, उत्तरी कोंकण, ठाणे और पालघर में सोमवार को बेहद भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने इस बात की चेतावनी रविवार को दी। इससे पहले मौसम विभाग ने बृहनमुंबई नगर निगम को मुंबई के चक्रवात की राह में नहीं होने की जानकारी दी थी।लेकिन रविवार को आईएमडी के पुणे स्थित जलवायु शोध व सेवा संस्थान सिड के प्रमुख केए, होसालिलार ने ट्वीट किया कि चक्त्रस्वात के ताजा रुख के हिसाब से इसके 17 मई को दोपहर बाद मुंबई के तटीय इलाके से करीब 200 किलोमीटर दूर से गुजरने की संभावना है।इसके चलते तटीय इलाकों में बेहद भारी बारिश होगी। सीएम ऑफिस के मुताबिक, अलर्ट के चलते बीएमसी को मेकशिफ्ट कोविड केयर सेंटर से 580 मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा है।बीकेसी से 243, दहिसर से 183 और मुलुंड से 154 मरीजों को दूसरी जगह भेजा गया है। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा है कि हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। लाइफगार्ड सहित हमारी टीमें समुद्र के पास तैनात हैं। हमने सभी बड़े पेड़ों को काट दिया है और पुलिस गश्त कर रही है।

गुजरात में 1.5 लाख लोग किए गए शिफ्ट

गुजरात में तटीय इलाकों में जनहानि को रोकने के लिए करीब 1.5 लाख लोगों को रविवार को सुरक्षित इलाकों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया। बड़ी संख्या में कच्चे घरों वाले भावनगर जिले में सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है, इसके चलते यहां से सबसे ज्यादा लोग शिफ्ट किए गए हैं। स्वास्थ्य टीमों को हाई अलर्ट पर रखने के साथ ही एनडीआरएफ की 44 और एसडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा, हम लोग 1.5 लाख से ज्यादा लोगों को दूसरी जगह भेज रहे हैं। राज्य में अगले दो दिन के लिए कोरोना टीकाकरण बंद करते हुए उसमें लगे स्वास्थ्य कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जामनगर स्थित विश्व की सबसे बड़ी रिलायंस रिफाइनरी में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कंपनी प्रवक्ता ने कहा कि हम हालात पर नजर रख रहे हैं।इस रिफाइनरी के चक्रवात की चपेट में आने की संभावना है। मुंद्रा स्थित देश के सबसे बड़े निजी व्यवसायिक बंदरगाह पर फिलहाल कामकाज जारी है, लेकिन बंदरगाह प्रबंधन का कहना है कि हालात के हिसाब से निर्णय लिया जाएगा। हालांकि कांडला स्थित देश के सबसे बड़े सरकारी बंदरगाह पर निचले इलाकों से 5000 लोगों को दूसरी जगह भेजा जा रहा है।बंदरगाह के चेयरमैन एसके मेहता ने कहा कि किसी भी नए जहाज के गोदी में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई है और मौजूदा जहाजों को भी गहरे समुद्र में भेजा जा रहा है। राज्य में 21 मई तक रेल सेवाओं के प्रभावित रहने के आसार हैं। गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने आपात हालात में भी बिजली बहाल रखने के लिए 2000 बिजली कर्मियों को तैनात किया है।

कर्नाटक में सात जिलों के 73 गांव तबाह

अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप के ऊपर से आगे बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान ताउते रविवार को सबसे पहले कर्नाटक पहुंचा। कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, तूफानी हवाओं और तेज बारिश ने सात जिलों दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, कोडागू, शिवमोगा, चिकमगलूरू और हासन के 17 तालुका के 73 गांवों में कहर बरपाते हुए तबाही मचाई है।तूफान का सबसे ज्यादा असर उडुपी जिले में रहा, जहां 28 गांवों में सबसे ज्यादा घर गिरे हैं। सुबह 8.30 बजे तक ही उडुपी के कुंडापुरा तालुका में 315 मिलीमीटर, जबकि अन्य जिलों के 15 मौसम स्टेशनों पर 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी थी।अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर कन्नड़ में एक मछुआरे की, उडुपी में बिजली के खंभे की चपेट में आकर एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि चिकमगलूरू में घर गिरने से और शिवमोगा में बिजली गिरने से 1-1 व्यक्ति की मौत की खबर है।राज्य में कुल 112 घर गिरने और 616 लोगों के प्रभावित होने की सूचना है। 318 लोगों को बारिश प्रभावित इलाकों से बचाया गया है।मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने तटीय इलाकों के इंचार्ज मंत्रियों को प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्य तेज कराने के निर्देश दिए हैं। गृहमंत्री बासवराज बोम्मई के मुताबिक बचाव कार्य में दमकल, पुलिस, तटीय पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ के करीब 1000 प्रशिक्षित जवान लगाए हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं।

गोवा में भी 200 से ज्यादा घर नष्ट

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि रविवार को दोपहर बाद गोवा पहुंचे ताउते की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, वहीं 200 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह सड़कें बंद हो गई हैं। बहुत सारे खंभे उखड़ने और लाइनों पर पेड़ गिरने से राज्य में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।तमिलनाडु के 15 मछुआरे लापताकोझीकोड के बेपोर बंदरगाह से पांच मई को समुद्र में उतरे कम से कम 15 मछुआरे लापता हैं। ये सभी तमिलनाडु के मूल निवासी हैं। इसी नाव के साथ गई एक अन्य नाव इंजन में कुछ यांत्रिक खराबी के कारण गोवा तट पर पहुंच गई है।केरल का एक गांव को नुकसानकेरल में भी चक्रवात के कारण भारी बारिश और तूफानी हवाओं से नुकसान तिरुवनंतपुरम स्थित तटीय गांव वलियाथुरा में समुद्र की तेज लहरों से कई घरों के नष्?ट होने की सूचना है।राजस्थान में भी चक्रवात का पूर्व प्रभाव शुरूताउते चक्रवात के आखिरी दौर में प्रभावित होने की संभावना वाले दक्षिण पश्चिमी राजस्थान में रविवार को दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ आधा घंटे तक बारिश दर्ज की गई। कोटा जिले में इसका असर सबसे ज्यादा रहा। इसे देखते हुए राजस्थान सरकार ने राज्य के ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्रों को अपने यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग ने सभी कोविड देखभाल केंद्रों और अस्पतालों में बिजली के वैकल्पिक इंतजाम रखने का निर्देश जिला कलेक्टरों को दिया है।

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मुंबई में आज भारी बारिश की चेतावनी

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कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

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अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

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कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

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अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

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