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Coronavirus India Live: नए मामलों में गिरावट जारी लेकिन मौत के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, बीते 24 घंटे में 4077 मौतें

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10:44 AM, 16-May-2021
पुरी: भगवान जगन्नाथ की चंदन यात्रा शुरू
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की चंदन यात्रा शुरू कर दी है। कोरोना की दूसरी लहर के बीच इस चंदन यात्रा में काफी सीमित लोगों को आमंत्रित किया गया है।
The Chandan Yatra of Lord Jagannath began in Puri, Odisha.
However, in view of the second wave of #COVID19, only a limited number of people were allowed to attend Chandan Yatra. pic.twitter.com/MDW5uP2sSg— ANI (@ANI) May 16, 2021

09:57 AM, 16-May-2021
बीते 24 घंटे में सामने आए 3.11 लाख मरीज, 4077 मौत
देश में कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में लगातार पिछले कई दिनों से गिरावट जारी है लेकिन मौतों का आंकड़ा हर दिन डरा रहा है। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस के 3.11 लाख मामले सामने आए, लेकिन चार हजार से ज्यादा लोगों ने एक ही दिन में कोरोना के आगे दम तोड़ दिया। बीते 24 घंटे में 4,077 मरीजों की जान चली गई है, जबकि 3,62,437 मरीज ठीक होकर अपने घर वापस गए हैं। 

 

India reports 3,11,170 new #COVID19 cases, 3,62,437 discharges and 4,077 deaths in the last 24 hours, as per Union Health Ministry
Total cases: 2,46,84,077
Total discharges: 2,07,95,335
Death toll: 2,70,284
Active cases: 36,18,458
Total vaccination: 18,22,20,164 pic.twitter.com/fbSxJtb1vD
— ANI (@ANI) May 16, 2021

09:47 AM, 16-May-2021
कांग्रेस सांसद राजीव सातव का कोरोना से निधन
कांग्रेस सांसद राजीव सातव का कोरोना से निधन हो गया है। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाली ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए इसकी जानकारी दी। सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि आज एक ऐसा साथी खो दिया जिसने सार्वजनिक जीवन का पहला कदम युवा कांग्रेस में मेरे साथ रखा और आज तक साथ चले पर आज राजीव सातव की सादगी, बेबाक मुस्कराहट, जमीनी जुड़ाव, नेत्रत्व और पार्टी से निष्ठा और दोस्ती सदा याद आएंगी। अलविदा मेरे दोस्त। जहां रहो, चमकते रहो।

 

निशब्द !
आज एक ऐसा साथी खो दिया जिसने सार्वजनिक जीवन का पहला कदम युवा कांग्रेस में मेरे साथ रखा और आज तक साथ चले पर आज…
राजीव सातव की सादगी, बेबाक़ मुस्कराहट, ज़मीनी जुड़ाव, नेत्रत्व और पार्टी से निष्ठा और दोस्ती सदा याद आयेंगी।
अलविदा मेरे दोस्त !
जहाँ रहो, चमकते रहो !!! pic.twitter.com/5N94NggcHu
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) May 16, 2021

09:38 AM, 16-May-2021
बीते 24 घंटे में 18,32,950 लोगों का हुआ टेस्ट – आईसीएमआर
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 18,32,950 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है। अबतक देश में 31,48,50,143 लोगों का टेस्ट किया जा चुका है।

 

31,48,50,143 samples tested for #COVID19 up to 15th May 2021. Of these, 18,32,950 samples were tested yesterday: Indian Council of Medical Research (ICMR) pic.twitter.com/iGWAQGlfls
— ANI (@ANI) May 16, 2021

09:17 AM, 16-May-2021
उत्तराखंड: 1-14 मई के बीच 1618 बच्चे कोरोना संक्रमित
उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि 16-30 अप्रैल के बीच राज्य में नौ साल तक के 1058 बच्चे कोरोना से संक्रमित हुए। वहीं एक से 14 मई के बीच 1618 बच्चे कोरोना की चपेट में आए।

 

Uttarakhand | At least 1,053 children of up to 9 years of age were affected with #COVID19 between April 16 and April 30, and 1,618 children were affected between May 1 and May 14, according to State Health Department
— ANI (@ANI) May 16, 2021

08:41 AM, 16-May-2021
स्पूतनिक-वी की दूसरी खेप हैदराबाद पहुंची
रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-वी की दूसरी खेप हैदराबाद पहुंच गई। इसके बाद जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी।

 

Telangana: Second consignment of Sputnik V arrives in Hyderabad pic.twitter.com/eEWWhd85YK
— ANI (@ANI) May 16, 2021

08:26 AM, 16-May-2021
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सिलीगुड़ी में पुलिस बल तैनात
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में पुलिस बल को तैनात किया गया। कोविड के बढ़ते मामलों के बीच ये फैसला लिया गया है।

 

West Bengal: Security personnel deployed in Siliguri in the wake of restrictions imposed in the state due to #COVID19 pic.twitter.com/Fyscf16H5I
— ANI (@ANI) May 16, 2021

08:07 AM, 16-May-2021
मिजोरम: शनिवार को सामने आए 181 नए मामले
मिजोरम में कोरोना वायरस के दैनिक मामले बढ़ रहे हैं। मिजोरम में शनिवार को 181 नए संक्रमित मामले सामने आए और एक मरीज की मौत हुई।

 

#COVID19 | Mizoram reported 181 new positive cases and 1 death on Saturday. Active cases at 2,339 and total cases at 8,861. pic.twitter.com/goaMMY5VJf
— ANI (@ANI) May 16, 2021

07:57 AM, 16-May-2021
लद्दाख: 177 नए मामले आए सामने, दो मरीजों की मौत
लद्दाख में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में राज्य में 177 नए मामले सामने आए, तो 181 मरीजों ने कोरोना के खिलाफ जंग जीती। इसके अलावा बीते 24 घंटे में दो मरीजों की मौत हुई।

 

#COVID19 | 177 new positive cases, 181 recoveries and 2 deaths were reported in Ladakh on Saturday.
Total cases: 16,333
Active cases: 1,549 pic.twitter.com/SHW1Ko0v5K
— ANI (@ANI) May 16, 2021

07:52 AM, 16-May-2021
मुरादाबाद पहुंची ऑक्सीजन एक्सप्रेस
केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि झारखंड के बोकारो से निकली ऑक्सीजन एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद पहुंच चुकी है। इस ट्रेन के जरिए 100 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की गई है, यहां से ऑक्सीजन की सप्लाई बरेली के लिए भी की जाएगी।

 

Oxygen Express that left from Bokaro, reached Moradabad with 100 tons of oxygen last night. The oxygen will also be supplied to Bareilly: Union Railways Minister Piyush Goyal pic.twitter.com/KzjrPsAeIL
— ANI (@ANI) May 16, 2021

07:32 AM, 16-May-2021
Corona Live: नए मामलों में गिरावट जारी लेकिन मौत के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, बीते 24 घंटे में 4077 मौतें
देश में कोरोना की दूसरी लहर अभी भी जारी है। हर दिन लाखों संक्रमित मामले और हजारों की संख्या में मरीजों की मौत ने सरकार और प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। इतना ही नहीं कोरोना की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों और दूसरे राज्य के मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में वेंटिलेटर के इस्तेमाल होने और स्वास्थ्य सुविधाओं को और दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा कोरोना के संकट काल में भारत को आ रही विदेशी मदद लगातार जारी है। इस बीच राज्यों को भी ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। हालांकि कोरोना की दवा रेमडेसिविर और बाकी मेडिकल उपकरण के लिए लोग अब भी परेशान हो रहे हैं। हालांकि दिल्ली में राज्य सरकार का दावा है कि लॉकडाउन के दौरान सरकार ने आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और तमाम मेडिकल उपकरणों का इंतजाम बेहतर कर लिया है।

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एक्सक्लूसिव: दूसरे जंगल में छोड़ने के बाद भी अपने ‘घर’ लौट आए तेंदुए, रेडियो कॉलर से पहली बार मिले साक्ष्य

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विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 24 Jun 2021 02:01 AM IST

सार
रेडियो कॉलर लगाए जाने से पता चला है कि तेंदुओं में अपने वास स्थल को पहचानने का खास गुण होता है। 

तेंदुआ
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

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उत्तराखंड वन विभाग की ओर से पकड़कर करीब सौ किलोमीटर दूर दूसरे जंगल में छोड़े गए तेंदुए अपने पुराने वास स्थल में लौट रहे हैं। रेडियो कॉलर लगाकर छोड़े गए तेंदुओं के अपने पुराने वास स्थल में लौट आने से इसकी पुष्टि हुई है।  बाघ, तेंदुए अपने वास वाले भूभाग की सीमा निर्धारण के लिए पेड़ों पर पंजे से निशान बनाने से लेकर सीमा पर यूरिन करने तक के उपाय करते हैं। जब उनके क्षेत्र में कोई अन्य बाघ या तेंदुआ आ जाता है तो उनमें संघर्ष भी होता है। इसमें जो कमजोर साबित होता है, उसे इलाके से हटना पड़ता है।कई बार आपसी संघर्ष में ये जीव मारे भी जाते हैं। अब रेडियो कॉलर लगाए जाने से पता चला है कि तेंदुओं में अपने वास स्थल को पहचानने का खास गुण होता है। बागेश्वर वन प्रभाग में पिछले साल नवंबर और मार्च-2021 में दो तेंदुए पकड़े गए थे।इन तेंदुओं की हलचल पर नजर रखने के लिए वीएचएस तकनीक पर आधारित और सेटेलाइट पर काम करने वाले रेडियो कॉलर लगाया गया। बागेश्वर वन प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ और वर्तमान में तराई पश्चिम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी बीएस शाही बताते हैं कि नवंबर में पकड़े गए करीब सात साल के तेंदुए को उसके वास स्थल से करीब अस्सी किमी दूर दूसरे जंगल में छोड़ा गया।इसी तरह मार्च में दूसरे तेंदुए को भी सौ किमी दूर छोड़ा गया। उनकी गतिविधि कीजानकारी रेडियो कॉलर से मिल रही थी। ये तेंदुए कई किमी चलकर अपने पुराने प्राकृतिक वास स्थल में पहुंच गए। उन्हें अपने पुराने वास स्थल में पहुंचने में कई दिन भी लगे थे।
मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजिस्वनी पाटिल का कहना है कि यह पहली बार है जब वास स्थल से दूर छोड़े गए तेंदुओं के अपने वास स्थल को पहचान कर वापस वहीं पहुंचने का पुष्ट साक्ष्य मिला है। वन्यजीवों और पक्षियों को दूसरे क्षेत्र में छोड़ने पर उनके फिर से अपने इलाके में लौटने की क्षमता को घर लौटने की प्रवृत्ति (होमिंग इन्स्टिंक्ट) कहते हैं। मसलन कबूतर, बिल्ली आदि में भी इस प्रकार की प्रवृत्ति होती है।हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के पूर्व उप निदेशक व वन्यजीव विशेषज्ञ जीएस कार्की का कहना है कि तेंदुए का वास स्थल कई बातों पर निर्भर करता है। एक तो एक ही इलाके में दो नर तेंदुए तो नहीं हैं। ऐसी स्थिति में नर तेंदुओं में आपसी संघर्ष होगा। दूसरा, वास स्थल में तेंदुए के शिकार और भोजन के लिए जानवर  हैं कि नहीं। तेंदुए अपनी सीमा बनाने के साथ पहचान के निशान छोड़ते हैं। वह लंबी दूरी भी तय करते हैं। ऐसे में संभावना है कि वह परिस्थितियों और सीमा बनाने की आदत के चलते अपने इलाके में पहुंच गए हों। यह एक संयोग भी हो सकता है।

विस्तार

उत्तराखंड वन विभाग की ओर से पकड़कर करीब सौ किलोमीटर दूर दूसरे जंगल में छोड़े गए तेंदुए अपने पुराने वास स्थल में लौट रहे हैं। रेडियो कॉलर लगाकर छोड़े गए तेंदुओं के अपने पुराने वास स्थल में लौट आने से इसकी पुष्टि हुई है।  

बाघ, तेंदुए अपने वास वाले भूभाग की सीमा निर्धारण के लिए पेड़ों पर पंजे से निशान बनाने से लेकर सीमा पर यूरिन करने तक के उपाय करते हैं। जब उनके क्षेत्र में कोई अन्य बाघ या तेंदुआ आ जाता है तो उनमें संघर्ष भी होता है। इसमें जो कमजोर साबित होता है, उसे इलाके से हटना पड़ता है।

कई बार आपसी संघर्ष में ये जीव मारे भी जाते हैं। अब रेडियो कॉलर लगाए जाने से पता चला है कि तेंदुओं में अपने वास स्थल को पहचानने का खास गुण होता है। बागेश्वर वन प्रभाग में पिछले साल नवंबर और मार्च-2021 में दो तेंदुए पकड़े गए थे।
इन तेंदुओं की हलचल पर नजर रखने के लिए वीएचएस तकनीक पर आधारित और सेटेलाइट पर काम करने वाले रेडियो कॉलर लगाया गया। बागेश्वर वन प्रभाग के तत्कालीन डीएफओ और वर्तमान में तराई पश्चिम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी बीएस शाही बताते हैं कि नवंबर में पकड़े गए करीब सात साल के तेंदुए को उसके वास स्थल से करीब अस्सी किमी दूर दूसरे जंगल में छोड़ा गया।
इसी तरह मार्च में दूसरे तेंदुए को भी सौ किमी दूर छोड़ा गया। उनकी गतिविधि कीजानकारी रेडियो कॉलर से मिल रही थी। ये तेंदुए कई किमी चलकर अपने पुराने प्राकृतिक वास स्थल में पहुंच गए। उन्हें अपने पुराने वास स्थल में पहुंचने में कई दिन भी लगे थे।

लंबी दूरी तय करते हैं तेंदुए

मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजिस्वनी पाटिल का कहना है कि यह पहली बार है जब वास स्थल से दूर छोड़े गए तेंदुओं के अपने वास स्थल को पहचान कर वापस वहीं पहुंचने का पुष्ट साक्ष्य मिला है। वन्यजीवों और पक्षियों को दूसरे क्षेत्र में छोड़ने पर उनके फिर से अपने इलाके में लौटने की क्षमता को घर लौटने की प्रवृत्ति (होमिंग इन्स्टिंक्ट) कहते हैं। मसलन कबूतर, बिल्ली आदि में भी इस प्रकार की प्रवृत्ति होती है।हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के पूर्व उप निदेशक व वन्यजीव विशेषज्ञ जीएस कार्की का कहना है कि तेंदुए का वास स्थल कई बातों पर निर्भर करता है। एक तो एक ही इलाके में दो नर तेंदुए तो नहीं हैं। ऐसी स्थिति में नर तेंदुओं में आपसी संघर्ष होगा। दूसरा, वास स्थल में तेंदुए के शिकार और भोजन के लिए जानवर  हैं कि नहीं। तेंदुए अपनी सीमा बनाने के साथ पहचान के निशान छोड़ते हैं। वह लंबी दूरी भी तय करते हैं। ऐसे में संभावना है कि वह परिस्थितियों और सीमा बनाने की आदत के चलते अपने इलाके में पहुंच गए हों। यह एक संयोग भी हो सकता है।

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लंबी दूरी तय करते हैं तेंदुए

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नैनीताल: कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कम होते ही पर्यटकों से गुलजार हुई सरोवर नगरी, पार्किंग भी फुल, तस्वीरें… 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 24 Jun 2021 12:16 AM IST

कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कम होते ही नैनीताल आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को नैनीताल में पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। इसके चलते मल्लीताल डीएसए कार पर्किंग में दोपहर के बाद पार्किंग फुल का बोर्ड लग गया। दूसरी ओर पुलिसकर्मी भी दिनभर यातायात व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
शहर में बीते एक सप्ताह से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। बुधवार को भी नैनीताल के पर्यटक स्थलों पर बड़ी संख्या में सैलानी नजर आए। देर शाम तक तल्लीताल स्थित लेक ब्रिज और बारापत्थर से लगभग एक हजार पर्यटक वाहनों ने शहर में प्रवेश किया।
उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में मिले 149 नए संक्रमित, पांच की मौत, 95.36 फीसदी पहुंचा रिकवरी रेट
इससे नैनीताल के डीएसए की पार्किंग फुल हो गई। इधर पूरे दिन पंतपार्क, मॉलरोड, चाट बाजार और बैंड स्टैंड में पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ था। सैलानियों ने पूरे दिन नैनीझील में नौकायन का लुत्फ उठाया।
बारिश से आफत: 30 घंटे में तय हो रहा चार घंटे का सफर, लकड़ी के लट्ठों के सहारे नाले पार कर रहे लोग, तस्वीरें…
बारापत्थर में पर्यटकों ने घुड़सवारी का आनंद भी लिया। पर्यटकों ने सुहावने मौसम के बीच खूब मौजमस्ती की। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखकर कारोबारियों के चेहरे पर भी रौनक आ गई है।

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शर्मनाक: जिस लैब से फैला कोरोना, चीन ने अवार्ड के लिए किया नामित

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 24 Jun 2021 01:45 AM IST

सार
चाइनीज अकाडेमी ऑफ साइंसेज ने कोविड-19 पर बेहतरीन रिसर्च करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए वुहान लैब को शीर्ष अवार्ड देने के इरादे से उसे नामित किया है

वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी
– फोटो : विकी कॉमन

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कोरोना वायरस ने दुनिया भर में एक साल से ज्यादा का समय पूरा कर लिया है, लाखों जानें ले चुका ये वायरस दुनिया जानती है कि चीन स्थित वुहान लैब से निकला। पहला केस भी वुहान में पाया गया था। वहीं हैरान करने वाली बात यह है इस विवादित लैब को चीन ने अवार्ड के लिए नामित किया है।चीन ने वुहान की इस विवादित लैब को चाइनीज अकाडेमी ऑफ साइंसेज ने कोविड-19 पर बेहतरीन रिसर्च करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए सबसे बड़े अवार्ड को देने के इरादे से उसे नामित किया है। कई रिपोर्ट्स में यह बताया जा रहा है कि चीन की अकाडेमी ऑफ साइंसेज की तरफ से कहा गया है कि इस लैब द्वारा किए गए महत्वपूर्व रिसर्च की बदौलत कोरोना वायरस की उत्पति, महामारी विज्ञान और इसके रोगजनक मैकनिज्म को समझने में मदद मिली है। इसके परिणामों के फलस्वरूप कोरोना वायरस के खिलाफ दवाओं और वैक्सीन को बनाने का रास्ता साफ हुआ। साथ ही वुहान लैब ने महामारी के प्रसार को रोकने और बचाव के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी समर्थन मुहैया कराया। अकाडेमी के अनुसार, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के रिसर्च ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम और कोरोना की काट यानी कोरोना की वैक्सीन बनाने की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दिया है। डॉ. फॉसी ने जताई थी आशंका, लैब से फैला कोरोनाडॉ. फॉसी ने कहा था, वह शुरू से ही कोरोना वायरस के प्रयोगशाला लीक होने की थ्योरी को लेकर तैयार थे। उन्होंने माना कि ये संभवतया एक इंजीनियर्ड वायरस हो सकता है जिसका प्रयोगशाला से आकस्मिक रिसाव हो गया। हालांकि लीक थ्योरी का समर्थन करने के बावजूद फॉसी का मानना है कि जानवरों के प्रसार के कारण इस महामारी की उत्पत्ति की अधिक संभावना है। एक फरवरी को वैज्ञानिकों से फोन कॉल पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए फॉसी ने कहा, मुझे अच्छी तरह याद है कि हमने तत्कालीन स्थिति पर सावधानीपूर्वक गौर करने का निर्णय लिया। उस कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़े कई वैज्ञानिकों में से एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ क्रिस्टन एंडरसन भी थे। एंडरसन ने ही इस कॉल से एक दिन पहले फॉसी को लिखे ईमेल में कोरोना वायरस की असामान्य विशेषताओं का जिक्र किया था। उन्होंने इसके कुछ इंजीनियर्ड दिखने वाले गुणों का पता लगाने के लिए इसके सभी अनुक्रमों की करीबी पड़ताल करने की जरूरत बताई थी। 

विस्तार

कोरोना वायरस ने दुनिया भर में एक साल से ज्यादा का समय पूरा कर लिया है, लाखों जानें ले चुका ये वायरस दुनिया जानती है कि चीन स्थित वुहान लैब से निकला। पहला केस भी वुहान में पाया गया था। वहीं हैरान करने वाली बात यह है इस विवादित लैब को चीन ने अवार्ड के लिए नामित किया है।

चीन ने वुहान की इस विवादित लैब को चाइनीज अकाडेमी ऑफ साइंसेज ने कोविड-19 पर बेहतरीन रिसर्च करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए सबसे बड़े अवार्ड को देने के इरादे से उसे नामित किया है। 

कई रिपोर्ट्स में यह बताया जा रहा है कि चीन की अकाडेमी ऑफ साइंसेज की तरफ से कहा गया है कि इस लैब द्वारा किए गए महत्वपूर्व रिसर्च की बदौलत कोरोना वायरस की उत्पति, महामारी विज्ञान और इसके रोगजनक मैकनिज्म को समझने में मदद मिली है। 
इसके परिणामों के फलस्वरूप कोरोना वायरस के खिलाफ दवाओं और वैक्सीन को बनाने का रास्ता साफ हुआ। साथ ही वुहान लैब ने महामारी के प्रसार को रोकने और बचाव के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी समर्थन मुहैया कराया। अकाडेमी के अनुसार, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के रिसर्च ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम और कोरोना की काट यानी कोरोना की वैक्सीन बनाने की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दिया है। 
डॉ. फॉसी ने जताई थी आशंका, लैब से फैला कोरोना
डॉ. फॉसी ने कहा था, वह शुरू से ही कोरोना वायरस के प्रयोगशाला लीक होने की थ्योरी को लेकर तैयार थे। उन्होंने माना कि ये संभवतया एक इंजीनियर्ड वायरस हो सकता है जिसका प्रयोगशाला से आकस्मिक रिसाव हो गया। 

हालांकि लीक थ्योरी का समर्थन करने के बावजूद फॉसी का मानना है कि जानवरों के प्रसार के कारण इस महामारी की उत्पत्ति की अधिक संभावना है। 
एक फरवरी को वैज्ञानिकों से फोन कॉल पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए फॉसी ने कहा, मुझे अच्छी तरह याद है कि हमने तत्कालीन स्थिति पर सावधानीपूर्वक गौर करने का निर्णय लिया। उस कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़े कई वैज्ञानिकों में से एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ क्रिस्टन एंडरसन भी थे। 

एंडरसन ने ही इस कॉल से एक दिन पहले फॉसी को लिखे ईमेल में कोरोना वायरस की असामान्य विशेषताओं का जिक्र किया था। उन्होंने इसके कुछ इंजीनियर्ड दिखने वाले गुणों का पता लगाने के लिए इसके सभी अनुक्रमों की करीबी पड़ताल करने की जरूरत बताई थी। 

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