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Corona Live: केरल में नहीं घट रही पॉजिटिविटी दर, सरकार ने 23 मई तक बढ़ाया लॉकडाउन

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07:09 PM, 14-May-2021
मुंबई में बीते 24 घंटे में कोरोना के 1657 नए मामले
मुंबई में बीते 24 घंटे में कोरोना के 1657 नए मामले सामने आए हैं और 62 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान 2572 लोग स्वस्थ भी हो गए।

Mumbai reports 1657 new #COVID19 cases, 2572 recoveries and 62 deaths in the last 24 hours.
Total cases 6,85,705
Total recoveries 6,31,982

Death toll 14,138
Active cases 37,656 pic.twitter.com/cRLwMBKfPh— ANI (@ANI) May 14, 2021
 

06:23 PM, 14-May-2021
केरल में 23 मई तक बढ़ा संपूर्ण लॉकडाउन
केरल में पॉजिटिविटी दर में बढ़ोतरी होने की वजह से राज्य सरकार ने 23 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम में अधिक कड़ाई के साथ लॉकडाउन लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, कोविशिल्ड की दूसरी खुराक केवल उन्हीं को दी जाएगी, जिन्हें पहली खुराक के लिए हुए 84 दिन पूरी हो गई है। वहीं कोवाक्सीन की दूसरी खुराक, पहली खुराक के 4-6 सप्ताह बाद दी जाएगी। 18-44 आयु वर्ग के लिए पंजीकरण कल से शुरू होगा और टीकाकरण सोमवार से शुरू होगा।

06:19 PM, 14-May-2021
केरल में बीते 24 घंटे में कोरोना के 34,694 नए मामले
केरल में बीते 24 घंटे में कोरोना के 34,694 नए मामले सामने आए हैं और 93 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान 31,319 लोग स्वस्थ भी हुए। वहीं राज्य में कुल मृतकों की संख्या 6243 हो गई है।

Today 34,694 new #COVID19 cases were reported in the state. 93 death occurred, taking death toll to 6243. With 31,319 new recoveries, the total recoveries in the state rise to 16,36,790. A total of 1,31,375 samples were tested during the last 24 hours: Kerala CM Pinarayi Vijayan pic.twitter.com/voBtGCuhQx— ANI (@ANI) May 14, 2021
 

06:06 PM, 14-May-2021
कोरोना से विद्युत क्षेत्र के करीब एक हजार कर्मचारियों की मौत: संगठन
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने कहा कि कोविड-19 से विद्युत क्षेत्र के करीब 15,000 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं और करीब 1,000 कर्माचारियों की मौत हुई है। महाराष्ट्र में विद्युत क्षेत्र के कुल 7,100 कर्मचारियों को कोविड-19 का संक्रमण हुआ है और करीब 210 की मौत हुई है। वहीं उत्तर प्रदेश में यह संख्या क्रमश: 4,000 और 140 है।

05:57 PM, 14-May-2021
झारखंड में कोरोना के 4991 मामले
झारखंड में बीते 24 घंटे में कोरोना के 4991 नए मामले सामने आए हैं और 108 लोगों की मौत हो गई है।

4,991 new coronavirus cases, 108 deaths in #Jharkhand: Health Dept— Press Trust of India (@PTI_News) May 14, 2021
 

05:52 PM, 14-May-2021
अन्य देशों से ली गई सहायता के बारे में सरकार ने दी जानकारी
भारत सरकार ने शुक्रवार को अन्य देशों से ली गई सहायता के बारे में जानकारी दी है। सरकार के अनुसार 27 अप्रैल से 13 मई के बीच अन्य देशों से 10,796 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 12,269 ऑक्सीजन सिलिंडर, 19 ऑक्सीजन संयंत्र, 6,497 वेंटिलेटर/बीआई पीएपी, 4.2 लाख रेमडेसिविर की शीशियां मंगवाई गई।

05:33 PM, 14-May-2021
आंध्र प्रदेश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 22,018 मामले
आंध्र प्रदेश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 22,018 नए मामले सामने आए हैं और 96 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान 19,177 लोग ठीक भी हुए।

Andhra Pradesh reports 22,018 new COVID-19 cases, 19,177 recoveries, and 96 deaths in last 24 hours
Active cases: 2,03,787
Total recoveries: 11,75,843
Death toll: 9,173 pic.twitter.com/29jztZoEJN— ANI (@ANI) May 14, 2021
 

05:11 PM, 14-May-2021
तमिलनाडु के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन
तमिलनाडु के लिए पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन लगभग 80 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन के साथ पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से चेन्नई पहुंची।

First oxygen express train for Tamil Nadu arrived in Chennai with about 80 metric tonnes of medical #oxygen from Durgapur, West Bengal: officials— Press Trust of India (@PTI_News) May 14, 2021
 

04:50 PM, 14-May-2021
पीएसए प्लांट को लेकर ममता का मोदी को पत्र 
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएसए प्लांट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि हमें बताया गया था कि हमें 70 पीएसए प्लांट मिलेंगे, अब हमें बताया जा रहा है कि पहले चरण में चार प्लांट मिलेंगे और बाकी पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पत्र में लिखा गया कि दिल्ली के निर्णय न ले पाने के चलते प्लांट स्थापित करने की हमारी योनाओं और क्षमताओं पर बुरा असर पड़ रहा है।

 

The West Bengal CM’s letter to the PM further reads, “Our own supplementary PSA installation plans by our state agencies & on the strength of our own funds are getting disturbed because of the indecisiveness at Delhi.”
— ANI (@ANI) May 14, 2021

04:41 PM, 14-May-2021
कर्नाटक: कॉन्स्टेबल की मौत, टीके की दोनों खुराकें ली थीं
कर्नाटक के मंगलूरू में एक पुलिस कॉन्सटेबल की मौत हो गई। कोरोना से संक्रमित कॉन्स्टेबल का दो सप्ताह से इलाज चल रहा था। मंगलूरू पुलिस कमिश्नर शशि कुमार ने बताया कि कॉन्सटेबल को टीके की दोनों खुराकें दी जा चुकी थीं। आज (गुरुवार) उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

04:32 PM, 14-May-2021
महाराष्ट्र: 3000 एमटी ऑक्सीजन प्रतिदिन उत्पादन का लक्ष्य
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने प्रतिदिन तीन हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य की ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 1200 मीट्रिक टन प्रतिदिन है।

04:22 PM, 14-May-2021
तेलंगाना: पड़ोसी राज्यों से आने वाली एंबुलेंस पर हाईकोर्ट राज्य के साथ
तेलंगाना सरकार ने राज्य सरकार का वह आदेश बरकरार रखा है जिसमें पड़ोसी राज्यों से मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस को तभी प्रवेश की अनुमति दी गई है जब उनके पास अस्पतालों के साथ उचित गठजोड़ होगा।

 

Telangana High Court stays the state government’s order to allow ambulances with patients coming from neighbouring states only if they have prior tie-up with hospitals. pic.twitter.com/BO3qKdyKJk
— ANI (@ANI) May 14, 2021

04:11 PM, 14-May-2021
ठीक होने वाले मरीजों की संख्या नए मामलों से ज्यादा रही
भारत में कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की संख्या ने दैनिक नए मरीजों को पीछे छोड़ दिया है। इससे अब तक स्वस्थ हुए लोगों की संख्या बढ़कर दो करोड़ से अधिक हो गई है। पिछले चार दिनों में यह तीसरा मौका है, जब स्वस्थ होने वालों की संख्या कोविड-19 के दैनिक नए मरीजों से अधिक रही है। देश में पिछले 24 घंटे में तीन लाख 44 हजार 776 मरीजों के स्वस्थ होने के साथ अब तक कोविड-19 को मात देने वालों की कुल संख्या दो करोड़ 79 हजार 599 हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटे में स्वस्थ होने वालों में 71.16 फीसदी मरीज 10 राज्यों से रहे हैं। देश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के तीन लाख 43 हजार 144 नए मामले आए।

03:59 PM, 14-May-2021
कर्नाटक: कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच अंतर बढ़ाया
कर्नाटक सरकार ने कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच के अंतर को छह से आठ सप्ताह से बढ़ाकर 12 से 16 सप्ताह कर दिया है। राज्य सरकार ने कहा कि नागरिकों से अनुरोध है कि अगर कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक लिए हुए उन्हें 12 सप्ताह का समय पूरा नहीं हुआ है तो वह टीकाकरण केंद्र न आएं।

03:48 PM, 14-May-2021
गुरुग्राम में ड्राइव थ्रू टीकाकरण का ट्रायल
हरियाणा में गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाद ने एमजी रोड पर स्थित डीएलएफ सीटी सेंटर मॉल पर ड्राइव थ्रू टीकाकरण का ट्रायल रन किया। यह ट्रायल 45 वर्ष से अधिक आयु वाले उन लोगों के लिए किया गया जिन्हें टीके की दूसरी खुराक लगनी है।

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कोरोना से सावधान: एक साल रहेगा सेहत और जीवन को खतरा, अक्तूबर तक तीसरी लहर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Jun 2021 06:44 AM IST

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

विस्तार

कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में अक्तूबर में दस्तक दे सकती है। हालांकि इस पर वह हमारी दूसरी लहर की तुलना में नियंत्रित रहेगी इसके बावजूद अगले 1 साल तक महामारी से स्वास्थ्य और जीवन को खतरा बना रहेगा। 

सर्वे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सक वैज्ञानिक, वायरोलॉजिस्ट, महामारी रोग विशेषज्ञ और प्रोफेसर शामिल थे। अनुमान है कि टीकाकरण से कोरोना की नई लहर नियंत्रित रहेगी। सर्वे में मानना है कि देश में 85 फीसदी विशेषज्ञों यानी 24 में से 21 का मानना है कि देश में कोरोना की अगली लहर अक्तूबर में दस्तक देगी। वहीं तीन विशेषज्ञों का अनुमान है कि 30 अगस्त की शुरुआत या 12 सितंबर से पहले ही लहर आ सकती है। अन्य तीन का अनुमान है कि तीसरी लहर नवंबर और फरवरी के बीच आ सकती है।

दावा : टीकाकरण से काबू में रहेगी नई लहर 
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर 34 में से 24 यानी 70 फीसदी विशेषज्ञों का कहना है कि नई लहर पहले की तरह नहीं होगी। एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ये लहर नियंत्रित रहेगी इसका कारण तेजी से चलने वाला SS टीकाकरण अभियान है। दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेज होने के कारण लोगों में प्राकृतिक इम्यूनिटी भी बनी है इसका लाभ दिखेगा।

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अमर उजाला विशेष: देश में कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन, आठ सबसे गंभीर, 14 की जांच में जुटे वैज्ञानिक

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कोरोना वायरस को लेकर देश में अब तक 38 करोड़ से भी ज्यादा सैंपल की जांच हो चुकी है लेकिन इनमें से 28 हजार की जीनोम सीक्वेंसिंग अब तक हो पाई है। इसके जरिए पता चला है कि देश में अब तक कोरोना के 120 से ज्यादा म्यूटेशन मिल चुके हैं जिनमें से आठ सबसे गंभीर हैं। जबकि 14 म्यूटेशन की पड़ताल में वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गंभीर वैरिएंट के जो नाम दिए थे वे सभी बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस, लोटा वैरिएंट भारत में मिले हैं। किसी के मामले ज्यादा है तो किसी के कुछ ही मरीज हैं। 28 लैब में चल रही सीक्वेंसिंग की प्रारंभिक रिपोर्ट के नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं।  सूत्रों से पता चला है कि डेल्टा के साथ भारत में कोरोना का कापा वैरिएंट भी है। बीते 60 दिन में 76 फीसदी सैंपल में इनकी पुष्टि हुई है।

सीक्वेंसिंग के जरिये ही वैज्ञानिक वायरस के बदलावों को समझ पा रहे हैं लेकिन स्थिति यह है कि नियमानुसार हर राज्य से पांच फीसदी सैंपल की सीक्वेंसिंग होना जरूरी है लेकिन वर्तमान में ऐसा तीन फीसदी भी नहीं हो पा रहा है। पहली बार यह रिपोर्ट सामने आई है जिसे हाल ही में मंत्री समूह की बैठक में भी प्रस्तुत की गई थी।
अमर उजाला को मिली एक्सक्लुसिव रिपोर्ट के अनुसार भारत में अब तक 28,043 सीक्वेंसिंग की जा चुकी है जिनमें डेल्टा वैरिएंट के ही कापा और डेल्टा प्लस गंभीर म्यूटेशन सामने आए हैं। वैज्ञानिकों ने एवाई.1(डेल्टा प्लस), बी.1.1.7, बी.1.1.7+, एस:ई484के, बी.1.351(बीटा), बी.1.617.2 (डेल्टा), पी.1(गामा), पी.1.1 और पी.1.2 म्यूटेशन को सबसे गंभीर बताया है। इन सभी आठ गंभीर म्यूटेशन में खास बात है कि यह तेजी से फैलते हैं और लोगों में एंटीबॉडी पर हमला करते हैं। जबकि अन्य 14 म्यूटेशन एवी.1, बी.1.1.318, बी.1.427, बी.1.429, बी.1.525 (ईटा), बी.1.526 (लोटा), बी.1.526.1, बी.1.526.2, बी.1.617.1, बी.1.617.3, सी.36.3, सी.37, पी.2 और पी.3 पर अभी अध्ययन चल रहा है। ये म्यूटेशन इंसानों के लिए कितना गंभीर हो सकते हैं इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
दूसरी लहर के 60 दिन में यह मिली हालत
पिछले 60 दिन की स्थिति देखें तो 76 फीसदी सैंपल में बी.1.617.2 (डेल्टा) वैरिएंट मिला है। जबकि आठ फीसदी सैंपल में  बी.1.617.1 (कापा) वैरिएंट मिला है। यह दोनों ही वैरिएंट बी.1.617 वैरिएंट से निकले हैं जो पिछले वर्ष सबसे पहले महाराष्ट्र में मिले थे। एक से तीन और अब तीन-तीन में अलग अलग म्यूटेशन हो रहा है जिसमें से एक डेल्टा प्लस है। इससे पता चलता है कि वायरस कितनी तेजी से अपना स्वरूप बदल रहा है। इनके अलावा पांच-पांच फीसदी सैंपल में बी.1 और बी.1.1.7 (एल्फा) वैरिएंट भी मिला है।

कोरोना के आठ गंभीर वेरिएंट की स्थिति
गंभीर वैरिएंट        कुल सैंपल         फीसदी में           पहली बार               आखिरी बार

डेल्टा                 6,098                 27%         7 सितंबर 2020              7 जून 2021

एल्फा               3028                   13%          2 सितंबर 2020             15 मई 2021

बीटा                 176                     1%           30 दिसंबर 2020          13 मई 2021

डेल्टा प्लस           08                    0.5%         5 अप्रैल 2021               15 मई 2021

कापा                3,4481                7%           1 दिसंबर 2020               3 जून 2021

ईटा                  182                     1%            6 फरवरी 2021             25 मई 2021

बी.1.617.3        91                     1%             14 दिसंबर 2020           10 मई 2021

लोटा                  3                       0.5%          16 दिसंबर 2020         24 मार्च 2021

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अलविदा फ्लाइंग सिख : बंटवारे से बुलंदियों तक …आसान नहीं था मिल्खा सिंह बनना

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 19 Jun 2021 01:41 AM IST

पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में ही भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द और अपनों को खोने का गम उन्हें उम्र भर सालता रहा। बंटवारे के दौरान ट्रेन की महिला बोगी में सीट के नीचे छिपकर दिल्ली पहुंचने, शरणार्थी शिविर में रहने और ढाबों पर बर्तन साफ कर उन्होंने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की। फिर सेना में भर्ती होकर एक धावक के रूप में पहचान बनाई। अपनी 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में उन्होंने 77 दौड़ें जीतीं लेकिन रोम ओलंपिक का मेडल हाथ से जाने का गम उन्हें जीवन भर रहा। उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह अपने जीते जी किसी भारतीय खिलाड़ी के हाथों में ओलंपिक मेडल देखें लेकिन अफसोस उनकी अंतिम इच्छा उनके जीते जी पूरी न हो सकी। हालांकि मिल्खा सिंह की हर उपलब्धि इतिहास में दर्ज रहेगी और वह हमेशा हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। 

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