World Women Boxing: मैरी कॉम ने रिकॉर्ड छठी बार जीता विश्व चैंपियनशिप का खिताब, रोते हुए कही यह बात

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मैरी कॉम की फाइल फोटो

नई दिल्ली: भारत की दिग्गज खिलाड़ी एमसी मैरी कॉम ने शनिवार को आईबा महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के10वें संस्करण में 48 किलोग्राम भारवर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया. मैरी कॉम ने फाइनल में यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से मात देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इसी के साथ मैरी कॉम छह वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं.

"I can't give you anything apart from GOLD for India" Mary Kom says with tears in her eyes. Also recounts the struggle and pain of competing at a higher weight category in the Olympics after her World Record 6th World title. pic.twitter.com/3pw3f82Lzv

— Aritra Mukherjee (@aritram029) November 24, 2018

इससे पहले मैरी कॉम ने साल 2002, 2005, 2006, 2008 और साल 2010 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब अपनी झोली में डाला था. मैरी कॉम ने एक खिताब 45 किग्रा, तीन वर्ल्ड खिताब 46 किग्रा भार वर्ग और आखिरी दो खिताब 48 किग्रा वजन वर्ग मे जीता है. इसके अलावा साल 2001 में मैरी इसी भार वर्ग में उपविजेता रही थीं. और उन्होंने सिल्वर पदक जीता था. यही नहीं, मैरी विश्व चैंपियनशिप (महिला एवं पुरुष) में सबसे अधिक पदक भी जीतने वाली खिलाड़ी बन गए हैं. मैरी कॉम छह स्वर्ण और एक रजत जीत कर क्यूबा के फेलिक्स सेवोन (91 किलोग्राम भारवर्ग) की बराबरी की. फेलिक्स ने 1986 से 1999 के बीच छह स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था
पहले राउंड में दोनों खिलाड़ी सावधानी से एक दूसरे खेल को परख रहीं थीं और इसलिए ज्यादा आक्रमण नहीं कर रहीं थीं. दोनों ने अपने राइट पंच का अच्छा इस्तेमाल किया। मैरी ने कुछ पंच मारे, जिनमें से कुछ अच्छे सही निशाने पर लगे. इस बीच, हालांकि हना ने भी अपने राइट जैब का अच्छा उपयोग किया लेकिन मैरी कॉम अपनी फुर्ती से उनके अधिकतर पंचों को नाकाम करने में सफल रहीं.
दूसरे राउंड में दोनों ने आक्रामकता दिखाई और राइट जैब के साथ फिस्ट के संयोजन से हावी होने की कोशिश की. रणनीति दोनों खिलाड़ियों को एक जैसी थी। शुरुआत में हना ने अच्छे पंच मारे जो सटीक रहे। हालांकि दूसरे राउंड के अंत में मैरी कॉम ने दूरी बनाते हुए अपने लिए मौके बनाए और फिर समय पर पंच मार अंक बटोरे. तीसरे राउंड की शुरुआती एक मिनट में मैरी ने राइट और लेफ्ट जैब के संयोजन से तीन-चार अच्छे पंच स्कोरिंग एरिया में मार जजों को प्रभावित किया लेकिन यहां से हना बेहद आक्रामक हो गईं और मैरी को उन्हें संभालना थोड़ा मुश्किल हो गया. अनुभवी मैरी ने धैर्य बनाए रखा और जब हना लापरवाह दिखीं तब मैरीकॉम ने पंच मार अंक बटोरे
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रिकॉर्ड जीत के बाद मैरी कॉम बहुत ही भावुक हो गईं. इस चैंपियन खिलाड़ी ने आंसुओं के साथ कहा कि मैं भारत को स्वर्ण पदक के अलावा और कुछ नहीं दे सकती. साथ ही, उन्होंने रिकॉर्ड छठी बार चैंपियनशिप जीत के बाद ओलिंपिक खेलों में ज्यादा भार वर्ग में भाग लेने के संघर्ष और पीड़ा को भी बयां किया.
VIDEO: कुछ समय पहले मैरी कॉम ने एनडीटीवी से बात की थी.
जहां मैरी कॉम का यह छठा विश्व चैंपियनशिप खिताब है, तो वहीं विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने कुल आठवां पदक अपने नाम किया. निश्चित ही, मैरी कॉम की इस खिताबी जीत उन्हें ओलंपिक खेलों की तैयारी करने में और भरोसा देगी.
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