Statue of Unity: सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा की 8 साल पहले हो गई थी प्लानिंग, पीएम मोदी के भाषण की 10 बातें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नर्मदा नदी के किनारे सरदार पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण किया.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी((Prime Minister Narendra Modi) ने सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती पर बुधवार को उनकी 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue of Unity) का अनावरण किया. 182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. इससे पहले चीन के स्प्रिंग टेंपल में बुद्ध की 153 मीटर ऊंची मूर्ति के नाम पर यह रिकॉर्ड था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया का एक अजूबा है. उन्होंने कहा, सरदार साहब का सामर्थ्य तब भारत के काम आया था, जब 'मां भारती' साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों में बंटी पड़ी थी. मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में भी निराशावादी थे, जो समझते थे कि भारत अपनी विविधताओं से ही बिखर जाएगा, मगर सरदार पटेल ने कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी महाराज के शौर्य का समावेश थे. पांच जुलाई 1947 को रियासतों को संबोधित करते हुए सरदार साहब ने कहा था-विदेशी आक्राताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी और बैर का भाव ही हमारी सबसे बड़ी कमजोरी है. इस गलती को नहीं दोहराना है. सरदार साहब के आह्वान पर देश के सैकड़ों राजे-रजवाड़े ने त्याग की मिसाल कायम की थी. इस त्याग को भी नहीं भूलना चाहिए था. 10 बातें

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आज जो ये सफर एक पड़ाव तक पहुंचा है, उसकी यात्रा 8 वर्ष पहले आज के ही दिन शुरु हुई थी. 31 अक्टूबर 2010 को अहमदाबाद में मैंने इसका विचार सबके सामने रखा था.
  2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया की ये सबसे उंची प्रतिमा पूरी दुनिया और हमारी भावी पीढ़ियों को सरदार साहब के साहस, सामर्थ्य और संकल्प की याद दिलाती रहेगी. आज जब धरती से लेकर आसमान तक सरदार साहब का अभिषेक हो रहा है, तब भारत ने न सिर्फ अपने लिए एक नया इतिहास रचा है, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा का गगनचुम्बी आधार भी रखा है. आज भारत के वर्तमान ने अपने इतिहास के एक स्वर्णिम पृष्ठ को उजागर करने का काम किया है.
  3. उन्होंने कहा कि कच्छ से कोहिमा तक, कारगिल से कन्याकुमारी तक आज अगर बेरोकटोक हम जा पा रहे हैं तो ये सरदार साहब की वजह से, उनके संकल्प से ही संभव हो पाया है. सरदार साहब ने संकल्प न लिया होता, तो आज गिर के शेर को देखने के लिए, सोमनाथ में पूजा करने के लिए और हैदराबाद में चारमीनार को देखने के लिए हमें वीज़ा लेना पड़ता. सरदार साहब का संकल्प न होता, तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सीधी ट्रेन की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी.
  4. पीएम मोदी बोले-जिस कमज़ोरी पर दुनिया हमें उस समय ताने दे रही थी, उसी को ताकत बनाते हुए सरदार पटेल ने देश को रास्ता दिखाया। उसी रास्ते पर चलते हुए संशय में घिरा वो भारत आज दुनिया से अपनी शर्तों पर संवाद कर रहा है, दुनिया की बड़ी आर्थिक और सामरिक शक्ति बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है.
  5. आज मौलिक अधिकार हमारे लोकतंत्र का प्रभावी हिस्सा है. आज यह प्रतिमा सरदार वल्लभ भाई पटेल उसी प्रण, प्रतिभा और परमार्थ का जीता-जागता प्रमाण है. सरदार पटेल की यह प्रतिमा न्यू इंडिया, नए भारत के बढ़ते आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति है. यह प्रतिमा राष्ट्र और किसानों के स्वाभिमान का प्रतीक है.
  6. विदेशी आक्रांताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी, वैर का भाव, हमारी हार की बड़ी वजह थी. अब हमें इस गलती को नहीं दोहराना है और न ही दोबारा किसी का गुलाम होना है. पीएम मोदी ने कहा कि सरदार साहब का सामर्थ्य तब भारत के काम आया था जब मां भारती साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों में बंटी थी…
  7. 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का अनावरण कर बोले पीएम मोदी- कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी के शौर्य के समावेश थे सरदार पटेल. उन्होंने कहा कि जब सबको लगता था कि देश ऐसे ही बिखरा रहेगा, ऐसे निराशा के दौर में सरदार पटेल ही आशा की किरण थे.
  8. पीएम मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सरदार साहब की इस विशाल प्रतिमा को देश को समर्पित करने का अवसर मिला है. जब मैंने गुजरात के सीएम के तौर पर इसकी कल्पना की थी तो एहसास नहीं था कि एक दिन प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे इसके अनावरण का सौभाग्य मिलेगा.
  9. पीएम मोदी ने कहा कि आज का यह दिन भारत के इतिहास के ऐसे ही कुछ क्षणों में से एक अहम पल है. आज भारत के वर्तमान में अपने इतिहास के एक स्वर्णिम पूत्र को उजागर करने का काम किया है. आज धरती से लेकर आसामन तक सरदार का अभिषेक हो रहा है.
  10. पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के इतिहास में ऐसे अवसर आते हैं, जब वो पूर्णता का एहसास कराते हैं. आज यह वह पल होता है जो किसी राष्ट्र के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है और उसे मिटा पाना बहुत मुश्किल होता है.

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