RBI ने रेपो रेट में की कटौती, लोन पर ब्याज दर में हो सकती है कमी

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RBI ने इस साल 5वीं बार रेपो रेट में कटौती की है.

नई दिल्ली:

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आर्थिक वृद्धि की गति बढ़ाने के मद्देनजर मौद्रिक नीति (Monetary Policy) में समायोजन बिठाने वाला नरम रुख बरकरार रखा, और RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट (Repo Rate) को 25 आधार अंक (Basis Points) घटा दिया, जो अब यह 5.40 फीसदी से घटकर 5.15 फीसदी हो गया है. रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर RBI अन्य बैंकों को कम अवधि के ऋण दिया करता है. इस वर्ष के दौरान लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में कटौती की गई है, और इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 135 आधार अंक, यानी 1.35 प्रतिशत की कमी की जा चुकी है.

रेपो रेट में कटौती किए जाने के फैसले पर मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) के सभी सदस्यों ने सहमति व्यक्त की. माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद बैंक भी ऋणों पर वसूले जाने वाले ब्याज दर में कमी लाकर ग्राहकों को राहत दे सकते हैं. इसके साथ ही सकल घरेलू उत्पाद, यानी GDP में वृद्धि का अनुमान भी 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया गया है.

टिप्पणियां

केंद्रीय बैंक ने कहा कि मौद्रिक नीति में कटौती का लाभ आगे ग्राहकों तक पहुंचाने का काम आधा-अधूरा है. बैंक के मुताबिक, अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार के प्रोत्साहन उपायों से निजी क्षेत्र में खपत बढ़ेगी, और इसके साथ ही निजी निवेश बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

(इनपुट एजेंसियों से भी)

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