NSA अजित डोभाल बोले, अगले 10 वर्षों के लिए देश को मजबूत और निर्णायक सरकार की जरूरत

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल.

नई दिल्ली: सरदार पटेल मेमोरियल लेक्चर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल (Ajit Doval) ने कई मुद्दे पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि वर्ष 2030 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने सरदार पटेल मेमोरियल लेक्चर में कहा, 'कमज़ोर लोकतंत्र ऐसा देश बनाते हैं, जो 'नर्म शक्तियां' बनकर रह जाते हैं. भारत 'नर्म शक्ति' नहीं बन सकता है. उसे ऐसे कदम उठाने होंगे, जिनसे वह 'मज़बूत शक्ति' की काबिलियत हासिल कर सके. भारत को अगले 10 साल के लिए ऐसी निर्णायक सरकार की ज़रूरत है, जो कड़े फैसले ले सके, जो लोगों के भले के लिए हों, भले ही लोकप्रिय फैसले न हों.'
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सरदार पटेल मेमोरियल लेक्चर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने कहा, 'फर्ज़ी और झूठी कहानियों से जातीय, नस्ली हिंसा और दंगे फैलते हैं. फर्ज़ी और झूठी कहानियां देश को बहुत दुर्बल बना सकती हैं.' राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवाल ने कहा, 'हम पर जनता के प्रतिनिधियों का नहीं, उनके द्वारा बनाए गए कानूनों का शासन है, इसलिए कानून का राज़ बेहद अहम है.'
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने सरदार पटेल मेमोरियल लेक्चर में कहा, 'लोकप्रिय कदमों को राष्ट्रहित से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हमारे लिए संकट है, सो, देश को उसका सामना करना ही होगा.' सरदार पटेल मेमोरियल लेक्चर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने कहा, 'देखिए, चीन की 'अलीबाबा' और अन्य किस तरह बड़ी कंपनियां बन गईं, चीन की सरकार ने उन्हें कितना समर्थन दिया. हम चाहते हैं कि भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करें, और भारत के रणनीतिक हितों को बढ़ावा दें.'
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अजित डोवाल ने कहा, 'अगर हमें बड़ी ताकत बनना है, तो हमारी अर्थव्यवस्था भी बड़ी होनी चाहिए, वैश्विक स्तर पर प्रतियोगी होनी चाहिए, और ऐसा तभी हो सकता है, जब हमारी अर्थव्यवस्था तकनीकी रूप से आगे हो.'
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