NH 106 के खस्ता हाल पर नाराज दिखे पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस,कहा- लगा कि वैतरणी पार कर रहा हूं

1
- Advertisement -

एपी साही (फाइल फोटो)

पटना:

बिहार में कई राष्ट्रीय राजमार्ग हैं जिनकी हालत राज्य मार्ग से भी बदतर हैं. इसका अनुभव खुद पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए पी साही को हुआ जिन्हें एनएच 106 जोकि मधेपुरा को उदाकिशुनगंज से जोड़ता हैं. न्यायाधीश एपी साही ने कहा कि इस राजमार्ग पर चलते हुए उन्हें रेगिस्तान पर चलने का एहसास हुआ. कोर्ट ने इस राजमार्ग के खस्ता हाल का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका में तब्दील करते हुए शुक्रवार को सुनवाई करने का आदेश दिया हैं. राज्य के महाधिवक्ता को इस सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के लिए कहा गया है.

अपनी पार्टी के लिए 'सिरदर्द' बनते जा रहे हैं तेजप्रताप यादव? नए साल में बढ़ाई राजद की एक और परेशानी

- Advertisement -

इससे पहले मुख्य न्यायाधीश साही ने कोर्ट में बताया कि जब वो कोसी इलाके के जिलों में निरीक्षण के सम्बंध में गये थे तब मधेपुरा से उदाकिशुनगंज के बीच की 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें दो घंटे लग गए. उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए लिखा कि महसूस हुआ कि सड़क नहीं है बल्कि वैतरणी पार कर रहे हैं. मुख्य न्यायाधीश साही ने कहा कि यह काफी दयनीय स्थिति है जो लोगों को परेशान करती है. चारों तरफ धूल ही धूल थी. बच्चों से लेकर बड़े तक, सभी अपने नाक और मुंह पर कपड़ा लेकर चल रहे थे.

तीन तलाक के मुद्दे पर जेडीयू का एनडीए सरकार को समर्थन नहीं, जानिए- असहमति क्यों

मुख्य न्यायाधीश एपी साही ने वहां मौजूद एक स्थानीय इंजीनियर से निर्माण कार्य में हो रही देरी के बारे में पूछा तो उसने बताया कि जिस कंपनी को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी वह एक साल पहले ही काम छोड़कर चली गई थी. इंजीनियर के मुताबिक इस सड़क का निर्माण कार्य साल दिसंबर 2016 में फेस नाम की कंपनी को दिया गया था. जिसे तीन साल में पूरा करना था, लेकिन वह काम बीच में ही छोड़कर चला गया.

टिप्पणियां

Video: बिहार में हुई मॉब लिंचिंग, वृद्ध को उतारा मौत के घाट

Source Article