Hockey world Cup: कनाडा को हराकर क्‍वार्टर फाइनल में स्‍थान बनाना चाहेगी भारतीय टीम

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India vs Canada Match: भारतीय टीम इस समय गोलऔसत के आधार पर अपने ग्रुप में शीर्ष पर है

भुवनेश्‍वर: मनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली भारतीय हॉकी टीम (Indian Hockey team) को हॉकी वर्ल्‍डकप (Hockey world cup 2018) में अब से कुछ घंटों बाद कनाडा से मुकाबला करना है. भारतीय टीम (Indian Hockey team) टूर्नामेंट के ग्रुप-सी में चार अंकों के साथ सबसे ऊपर है लेकिन अगर उसे क्वार्टर फाइनल की राह तय करनी है तो कनाडा के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच में उसे जीत हासिल करनी होगी. भारत ने इस टूर्नामेंट की शुरुआत अच्छी की थी. उसने दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में 5-0 से हराया था, हालांकि इसके बाद अगले मैच में उसे बेल्जियम के खिलाफ 2-2 की बराबरी पर संतोष करना पड़ा था. ग्रुप-सी में शामिल कनाडा एक मैच में हार और एक मैच ड्रॉ होने के साथ तीसरे स्थान पर है, वहीं बेल्जियम चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है. भारतीय टीम गोल के आधार पर अपने ग्रुप में शीर्ष पर है.

[email protected] is showing us a glimpse of his towering potential at the OHMWC Bhubaneswar 2018 with effective defending that has played a big role in Team India's campaign so far.
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भारतीय टीम ने धमाकेदार जीत के साथ की शुरुआत, दक्षिण अफ्रीका को 5-0 से रौंदा

भारतीय टीम ने हॉकी वर्ल्‍डकप के पिछले 13 संस्करणों में से केवल एक में खिताबी जीत हासिल की है. वर्ष 1975 में पाकिस्तान को कड़े मुकाबले में 2-1 से हराकर उसने वर्ल्‍डकप अपने नाम किया था और एक बार फिर इस पल को जीने के लिए और खिताब के करीब एक और कदम बढ़ाने के लिए वह कनाडा के खिलाफ हर हाल में जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी. पूल में दूसरे और तीसरे स्थान की टीमें दूसरे पूल की दूसरे और तीसरे नंबर की टीमों से क्रॉसओवर खेलेंगी जिससे क्वार्टर फाइनल के बाकी चार स्थान तय होंगे. रिकॉर्ड और फॉर्म को देखते हुए भारत का पलड़ा भारी लग रहा है लेकिन गुरुवार को दुनिया की 20वें नंबर की टीम फ्रांस ने ओलिंपिक चैम्पियन अर्जेंटीना को पूल 'ए' के मुकाबले में हरा दिया. ऐसे में कहा जा सकता है कि आधुनिक हॉकी में कुछ भी संभव है.

वीडियो: भारतीय टीम के कोच हरेंद्र सिंह से विशेष बातचीत

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भारतीय टीम रियो ओलिंपिक 2016 का पूल मैच नहीं भूली होगी जिसमें कनाडा ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उससे ड्रॉ खेला था. इसके अलावा लंदन में पिछले साल हॉकी विश्‍व लीग के सेमीफाइनल में कनाडा ने भारत को 3-2 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया था. कनाडा के खिलाफ भारत ने 2013 से अब तक पांच मैच खेले हैं, तीन जीते, एक हारा और एक ड्रॉ रहा है. कनाडा ने वैसे पहले मैच में बेल्जियम को जीत के लिए नाकों चने चबवा दिये थे. भारतीय फारवर्ड पंक्ति मनदीप सिंह, सिमरनजीत सिंह, आकाशदीप सिंह और ललित उपाध्याय पर अच्छे प्रदर्शन का दबाव होगा . कप्तान मनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय मिडफील्ड ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन डिफेंस को अधिक चौकस होने की जरूरत है. आखिरी क्षणों में गोल गंवाने की आदत से भी भारत को पार पाना होगा. बेल्जियम के खिलाफ आखिरी चार मिनट में गोल गंवाने के कारण भारत को ड्रॉ खेलने पर मजबूर होना पड़ा. चोट के बाद वापसी करने वाले पीआर श्रीजेश पुराने फॉर्म में नहीं लग रहे हैं. भारतीय कोच हरेंद्र सिंह ने कहा,‘पिछली नाकामियां सबक होती है जिससे हम वर्तमान को बेहतर बनाते हैं. कनाडा के खिलाफ मैच से पूल में हमारा भाग्य तय होगा. मैं हॉकी विश्‍व लीग सेमीफाइनल या रियो ओलिंपिक के बारे में नहीं सोच रहा. (इनपुट: एजेंसी)

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