Ghazipur Violence: पीएम मोदी की रैली के बाद UP के गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों के पथराव में पुलिसकर्मी की मौत

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पथराव में जान गंवाने वाले कॉन्सटेबल का नाम सुरेश वत्स है.

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (Ghazipur Violence) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली (PM Modi Rally) के बाद लौट रहे वाहनों पर हुए पथराव में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई. वहीं, दो पुलिसकर्मी इसमें ज़ख़्मी हुए हैं. सुरेश वत्स (Suresh Vats) नाम का ये कांस्टेबल स्थानीय नोनहारा पुलिस स्टेशन पर तैनात था. शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी की रैली स्थल पर उसकी ड्यूटी लगी थी. सुरेश वत्स और उनकी टीम जब वापस लौट रही थी तो रास्ते में निषाद समुदाय के लोग आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस टीम ने लोगों को रास्ते से हटाने की कोशिश की, तो भीड़ ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसमें कांस्टेबल सुनील वत्स की मौत हो गई.

#WATCH One constable dead & two locals from the area injured in stone pelting allegedly by Nishad Party workers near Atwa Mor police station in Naunera area, earlier today. #Ghazipurpic.twitter.com/FnviOzuRIU

— ANI UP (@ANINewsUP) December 29, 2018

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. बता दें कि उत्तर प्रदेश में बीते एक महीने में भीड़ की हिंसा में पुलिसकर्मी की मौत का यह दूसरा मामला है. इससे पहले 3 दिसंबर को बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृत सिपाही के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक परिजन को नौकरी और असाधारण पेंशन दिए जाने के निर्देश दिए हैं.

Earlier visuals from Ghazipur: 1 constable dead & 2 locals from the area injured in stone pelting allegedly by Nishad Party workers near Atwa Mor police station in Naunera area today. pic.twitter.com/FAGzcFSyUe

— ANI UP (@ANINewsUP) December 29, 2018

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गाजीपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण राष्ट्रीय निषाद समुदाय के लोग शहर में जगह-जगह आरप्रदर्शन कर रहे थे, जिनको पुलिस प्रशासन ने रोक रखा था. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब प्रधानमंत्री शहर से चले गए तब पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर में कई जगहों पर जाम लगा दिया. सुरेश वत्स और उनकी टीम जब वापस लौट रही थी तो रास्ते में निषाद समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस टीम ने लोगों को रास्ते से हटाने की कोशिश की, तो भीड़ ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसमें कांस्टेबल सुनील वत्स घायल हो गए. उन्हें तुंरत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

#UPCM श्री @myogiadityanath जी ने गाजीपुर की घटना के दृष्टिगत डीएम व एसएसपी को निर्देश दिये हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) December 29, 2018

एसएसपी के मुताबिक इस दौरान करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है और वीडियोग्राफी की मदद से अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है. शहीद सिपाही सुरेश प्रतापगढ़ के रानीगंज के रहने वाले थे. उधर लखनऊ में अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिपाही सुरेश के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उनकी पत्नी को 40 लाख रुपये और उनके माता-पिता के लिए दस लाख रुपये की सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी और परिवार को असाधारण पेंशन दिए जाने के भी निर्देश दिए हैं.

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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने गाजीपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं. बता दें कि आज दोपहर गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था.

(इनपुट: भाषा से भी)

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