Delhi Govt vs LG: SC के फैसले पर बोले CM केजरीवाल- जो सरकार अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग नहीं कर सकती वो चलेगी कैसे

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल.

नई दिल्ली:

Delhi Govt vs LG Case: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है और दिल्ली के लोगों के साथ अन्याय है. केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. यह दिल्ली के लोगों के साथ अन्याय है. हम कोर्ट का सम्मान करते हैं, लेकिन फैसला अन्यायपूर्ण है. अगर चुनी हुई सरकार को ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार नहीं दिया जाएगा, तो सरकार चलेगी कैसे…? अगर हर फाइल के लिए LG के घर पर धरना देना पड़ा, तो कैसे चल पाएगी दिल्ली सरकार. सुप्रीम कोर्ट का फैसला न सिर्फ दिल्ली की जनता के खिलाफ, बल्कि संविधान के भी खिलाफ है.'

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा, '70 में से 67 सीट जीतने वाली पार्टी को ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार नहीं है, लेकिन जिस पार्टी को सिर्फ तीन सीट मिलीं, वह ट्रांसफर-पोस्टिंग करेगी. पिछले 40 साल से दिल्ली सरकार के पास ACB थी, अब नहीं है. मेरे पास कोई शिकायत लेकर आएगा, तो मैं किसे कहूंगा? हम कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं, लेकिन इसका एक ही समाधान है, जो दिल्ली की जनता के पास है. मुख्यमंत्री एक चपरासी को भी ट्रांसफर नहीं कर सकता, यह बहुत गलत फैसला है.'

Delhi CM Arvind Kejriwal on SC rules in favour of LG in 4 of 6 issues in Delhi vs LG matter: If a government can't even transfer its officers, how is it supposed to function? The party that has 67 seats doesn't have the rights but the party who won 3 seats has those rights pic.twitter.com/c4oogzOqeT

— ANI (@ANI) February 14, 2019

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सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली सरकार को बड़ा झटका: ACB, सर्विसेस और जांच आयोग पर केंद्र का अधिकार

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया. जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा है कि एसीबी, जांच आयोगों आदि पर केंद्र को अधिकार है. वहीं बिजली और जमीन के सर्किल रेट पर राज्य सरकार का अधिकार बताया है. ऑल इंडिया सर्विसेस पर अधिकार को लेकर जस्टिस सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण का फैसला अलग रहा, जिस पर अब इस मामले को तीन जजों की बेंच को भेजा जाएगा. हालांकि, जस्टिस सीकरी ने सर्विसेज पर केंद्र सरकार का अधिकार बताया था.

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टिप्पणियां

जस्टिस सीकरी ने कहा कि आसानी से कामकाज के लिए एक मैकेनिज्म होना चाहिए. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि ज्वाइंट सेक्रेटरी से ऊपर के लेवल का ट्रांसफर करने का अधिकार उपराज्यपाल के पास है. जस्टिस सीकरी ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पर भी केंद्र का ही अधिकार है. वहीं बिजली पर राज्य सरकार का अधिकार बताया. जस्टिस सीकरी ने कहा कि जांच आयोग बनाने का अधिकार केंद्र के पास है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी मामले में मतभेद होने की स्थिति में उपराज्यपाल की राय ही मानी जाएगी.

VIDEO- सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ACB और जांच आयोग पर केंद्र को अधिकार

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