Ayodhya Verdict: अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुमार विश्वास बोले- मेरे राम, कुछ बोल नहीं…

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आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास (Kumar Vishwas)- फाइल फोटो

नई दिल्ली:

Ayodhya Case: अयोध्या भूमि विवाद को लेकर पांच जजों की पीठ ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड विवादित ढांचे पर अपना एक्सक्लूसिव राइट साबित नहीं कर पाया. कोर्ट ने विवादित ढांचे की जमीन हिंदुओं को देने का फैसला सुनाया, तो मुसलमानों को दूसरी जगह जमीन देने के लिए कहा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद आप नेता कुमार विश्वास ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कई चौपाई लिखकर प्रतिक्रिया दी.

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कुमार विश्वास के ट्वीट-

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साथ जीने की विरासत ही सँभाली जाए ,
और मुहब्बत की रिवायत भी बचा ली जाए,
फ़ैसला जो भी हो बस इतना सावधान रहें ,
मज़हबी आग पर नफ़रत न उबाली जाए..!#AyodhyaHearing ????????
#AYODHYAVERDICTpic.twitter.com/thzT9SRgNK

— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 9, 2019

अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ।
यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ।।
जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि।
उत्तर दिसि बह सरजू पावनि।।
#AYODHYAVERDICT

— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 9, 2019

“गिरा अरथ जल बीचि सम कहिअत भिन्न न भिन्न।
बंदउँ सीता राम पद जिन्हहि परम प्रिय खिन्न॥”
बोलिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जय
(इस जयकार के बाद “मर्यादा” शब्द को दोबारा ज़रूर दोहराइए, पालन कीजिए अन्यथा इस समय छलक उठे ख़ुशी के आँसुओं के साथ न्याय नहीं होगा )
#AYODHYAVERDICT

— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 9, 2019

मेरे राम कुछ नहीं बोल पा रहा
#AYODHYAVERDICT

— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 9, 2019

प्रबिसि नगर कीजे सब काजा।
हृदय राखि कौसलपुर राजा। https://t.co/Z4NvbTGlIa

— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) November 9, 2019

बता दें कि अयोध्या मामले में पांचों जजों की सहमति से फैसला सुनाया गया है. फैसला पढ़ने के दौरान पीठ ने कहा कि ASI रिपोर्ट के मुताबिक नीचे मंदिर था. CJI ने कहा कि ASI ने भी पीठ के सामने विवादित जमीन पर पहले मंदिर होने के सबूत पेश किए हैं. CJI ने कहा कि हिंदू अयोध्या को राम जन्म स्थल मानते हैं. हालांकि, ASI यह नहीं बता पाया कि मंदिर गिराकर मस्जिद बनाई गई थी. मुस्लिम गवाहों ने भी माना कि वहां दोनों ही पक्ष पूजा करते थे. रंजन गोगोई ने कहा कि ASI की रिपोर्ट के मुताबिक खाली जमीन पर मस्जिद नहीं बनी थी. साथ ही सबूत पेश किए हैं कि हिंदू बाहरी आहते में पूजा करते थे.

टिप्पणियां

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साथ ही CJI ने कहा कि सूट -5 इतिहास के आधार पर है जिसमें यात्रा का विवरण है. सूट 5 में सीतार रसोई और सिंह द्वार का जिक्र है. सुन्नी वक्फ बोर्ड के लिए शांतिपूर्ण कब्जा दिखाना असंभव है. CJI ने कहा कि 1856-57 से पहले आंतरिक अहाते में हिंदुओ पर कोई रोक नहीं थी. मुसलमानों का बाहरी आहते पर अधिकार नहीं रहा.

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