Ayodhya Case : फैसले के मद्देनजर फरीदाबाद में सतर्कता, पुलिस को सख्त निर्देश

0
- Advertisement -

प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या प्रकरण पर सम्भावित फैसले के दृष्टिगत कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फरीदाबाद पुलिस पूरी तरह सतर्क है. फैसले के दृष्टिगत फरीदाबाद के सभी नागरिकों से आपसी तालमेल व सामाजिक सौहार्द कायम रखने की फरीदाबाद पुलिस ने अपील की है. पुलिस ने कहा है कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस आयुक्त केके राव ने अयोध्या प्रकरण पर सर्वोच्च न्यायालय के सम्भावित फैसले के दृष्टिगत सभी अधिकारियों एवं थाना प्रबंधकों को कानून व्यवस्था कायम रखने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि शहर में आपसी सौहार्द, अमन-चैन और शांति के वातावरण को हर हाल में बनाए रखने के लिए सभी थाना प्रबंधक पूरी तरह सजग और तत्पर रहें. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने व सामाजिक सौहार्द खराब करने वाले शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए. उन्होंने थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए कि थाना क्षेत्र के समाज के विभिन्न वर्गों, धार्मिक गुरुओं, प्रबुद्धजनों, सामाजिक व्यक्तियों के साथ संवाद स्थापित किया जाए.

राव ने कहा है कि अव्यवस्था और अराजकता को किसी भी प्रकार की छूट न मिले. छोटी से छोटी घटना पर ध्यान दिया जाए. धार्मिक स्थानों व्यापारिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो. संभावित संवेदनशील धौज, बिजूपर, आलमपुर, सिरोही, खोरी, फतेहपुर तगा, फतेहपुर बिलौच्च, तिगांव, अटाली,कैली, खन्दावली शिलावटी, थाना पल्ला ऐरिया, थाना सराय ऐरिया, थाना भूपानी ऐरिया, बड़खल एवं दिल्ली वाली मस्जिद आदि स्थानों पर पूरी सजगता व सतर्कता बरती जाए. क्राइम ब्रांच एवं खुफिया विभाग द्वारा लोगों पर निगरानी रखी जाएगी.

- Advertisement -

अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की बेंच कल सुबह 10.30 बजे सुनाएगी फैसला

पुलिस प्रवक्ता सुबे सिंह ने अपील की है कि सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर कोई भी किसी तरह की अफवाह न फैलाए. अफवाहों को फैलने से तुरंत रोका जाए. अफवाह फैलाने वालों एवं उत्तेजना, सनसनी और भड़काऊ बयानों और भाषणों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मीडिया सवालों में उलझाता है, मुस्लिम खुद राम मंदिर बनाने में सहयोग देंगे : इंद्रेश कुमार

टिप्पणियां

VIDEO : पुलिस का मिश्रित आबादी वाले इलाकों पर फोकस

Source Article