सुप्रीम कोर्ट के कोई जज सेकंड हैंड कार से चलते हैं तो CJI सहित कई के पास घर है न वाहन, जानिए 10 जजों की संपत्ति का ब्यौरा

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सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो.

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में यूं तो इस वक्त 24 जज हैं, मगर इसमें से सिर्फ 10 जजों ने अपनी संपत्तियों का ब्यौरा सार्वजनिक किया है. ब्योरा सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है. जिन जजों ने खुद की और बीवी-बच्चों की संपत्तियों का ब्यौरा दिया है, उसे देखकर मालुम पड़ता है कि हर पेशी की लाखों फीस वसूलने वाले कई नामी-गिरामी वकील भी उनसे अमीर निकलेंगे. आप अचरज करेंगें देश के प्रधान न्यायाधीश बने जस्टिस रंजन गोगोई के पास इतने वर्षों की सेवा के बाद भी आज तक खुद के नाम पर न फ्लैट है और न अन्य कोई बिल्डिंग. वहीं जस्टिस कुरियन जोसेफ के पास तो गाड़ी के नाम पर महज सेकंड हैंड कार है. कई जजों के पास तो एक भी वाहन नहीं है. कुछ के पास उनकी पत्नियों के नाम जरूर वाहन हैं.
दरअसल, मई 1997 में सुप्रीम कोर्ट की फुल बेंच ने सभी जजों को अपनी और पत्नी- बच्चों की संपत्तियों और निवेश का ब्यौरा सार्वजनिक करने का आदेश दिया था. जिसके क्रम में कुल 11 जजों ने संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक किया था. सीजेआई पद से रिटायर होने के बाद जस्टिस दीपक मिश्रा का नाम अब सूची से हटा दिया गया है, इस प्रकार दस जजों की संपत्ति का ब्यौरा सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है. जानिए सभी के बारे में.
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जस्टिस रंजन गोगोई
देश के प्रधान न्यायाधीश बने जस्टिस रंजन गोगोई के पास न कोई फ्लैट है और न कोई अन्य तरह का भवन.उन्होंने संबंधित प्रोफार्मा में फ्लैट का कॉलम खाली छोड़ा है. कोई शेयर नहीं खरीदे हैं. एक बैंक की गुवाहाटी हाईकोर्ट ब्रांच की शाखा में पांच लाख 50 हजार जमा हैं. वहीं, पंजाब एंड सिंध बैंक राजगढ़ शाखा और फैंसी बाजार शाखा गुवाहाटी में एक-एक बैंक खाते हैं, जिसका संचालन अब नहीं करते. ये बैंक खाते न्यूनतम बैलेंस पर हैं. हाई कोर्ट चंडीगढ़ में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की शाखा में मामूली धनराशि एक लाख रुपये जमा हैं. करीब 16 लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट है. 18-19 लाख रुपये का पीपीएफ जमा है, 1999 में पांच लाख रुपये की एक एलआइसी पॉलिसी लिए हैं. खुद न गहने हैं और न गाड़ी. पत्नी के पास 1.6 लाख रुपये के गहने हैं, जो कि फिक्स डिपॉजिट के पैसे से खरीदे गए. जस्टिस रंजन गोगोई पर कोई बकाया नहीं है. यह विवरण अप्रैल 2012 की तारीख में उनकी ओर से दिया गया है.
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जस्टिस रंजन गोगोई की ओर से सार्वजनिक की गई संपत्ति का ब्योरा( सोर्स-www.sci.gov.in/assets-judges)

जस्टिस मदन बी लोकुर (Justice Madan B. Lokur)
जस्टिस मदन बी लोकुर ने जो ब्यौरा दिया है, उसके मुताबिक उनके नाम पर वसंत कुंज में एक डीडीए फ्लैट है, जो विरासत में मिला है. 2012 में चार लाख रुपये एडवांस देकर उन्होंने जेपी ग्रीन्स गार्डन नोएडा में 185.34 वर्ग मीटर का फ्लैट बुक कराया था.फिक्स्ड डिपॉजिट की बात करें तो स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में 17.20 लाख, दिल्ली हाई कोर्ट के यूको बैंक में 4.73 लाख, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर की दिल्ली शाखा में 4.86 लाख, एसबीआइ पुणे में 6.75 लाख रुपये जमा हैं. ये खाते पत्नी के साथ संचालित हैं. इसी तरह से यूको बैंक, दिल्ली हाईकोर्ट शाखा में 5.76 लाख, 62578, 7.71 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट के रुप में हैं. इसी तरह स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद में 16 लाख फिक्स्ड हैं. जीपीएफ खाते में 12.80 लाख तो पीपीएफ में करीब 19.09 लाख रुपये हैं. 30 किलोग्राम के करीब चांदी के बर्तन हैं. ये उन्हें विरासत में मिले हैं. खुद गाड़ी नहीं है मगर पत्नी के नाम पर मारुति स्विफ्ट कार है. कोई बकाया नहीं है. 20 जुलाई 2012 की घोषणा.
जस्टिस कुरियन जोसेफ
आठ मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट में जज बने जस्टिस जस्टिस कुरियन जोसेफ ने दस जून 2015 को संपत्ति की घोषणा की है. इनके और पत्नी के पास जमीन है. वहीं केरल के त्रिचूर जिले में दो मंजिला घर है. महज 70,051 रुपये बैंक डिपॉजिट हैं. 2004 मॉडल की मारुति स्टीम कार है. जिसे उन्होंने 2007 में सेकंड हैंड खरीदी थी. छह लाख की एलआइसी है तो 1.53 लाख रुपये जीपीएफ खाते में हैं. 76.41 लाख रुपये का हाउसिंग लोन है .
जस्टिस एके सीकरी
पति-पत्नी के नाम पर कोई फ्लैट नहीं है. ग्रेटर नोएडा में एक मंजिला घर है. वहीं पत्नी और बेटे के नाम से हौज खास में भी एक घर है. पीपीएफ में 1030904 रुपये हैं तो जीपीएफ खाते में 8142238 रुपये. म्युचुअल फंड्स, फिक्स्ड डिपोजिट्स और बॉड्स भी जस्टिस सीकरी के पास है. खुद के पास गाड़ी नहीं है मगर पत्नी के पास होंडा सिविक कार है. खुद के पास दो अंगूठी और दो सोने की चेन है तो पत्नी के पास 750 ग्राम के स्वर्णाभूषण हैं. खुद पर तो लोन नहीं है मगर पत्नी और बेटे के नाम पर खरीदी हौजखास की प्रापर्टी पर जरूर लोन है.
जस्टिस एसए बोबडे
विरासत में नागपुर सिविल लाइंस में श्रीनिवास भवन है. मुंबई के बांद्रा में एक फ्लैट में आधा शेयर है. बचत खाते में 14 सितंबर 2013 तक 21.58 लाख रुपये जाते हैं. गाड़ी नहीं है. जीपीएफ खाते में 16.39 लाख रुपये दर्ज है.
जस्टिस एनवी रामना
1994 में पत्नी के साथ मिलकर हैदराबाद में एक प्लॉट खरीदा था. नोएडा में भी 247.25 वर्ग मीटर का प्लॉट है. इसे हाई कोर्ट जज्स सहकारी आवास समिति की ओर से आवंटित किया गया. खेती की जमीन भी पारिवारिक विरासत के रूप में है. पत्नी के नाम भी हाउस प्लॉट हैं. इसके अलावा वित्तीय निवेशों की बात करें तो जीपीएफ में आंध्रा बैंक में 8.41 लाख रुपये और यूको बैक में 14.55 लाख रुपये जमा हैं.
जस्टिस अरुण मिश्रा
सेक्टर 44, नोएडा में एक फ्लैट है, मगर अभी पजेशन नहीं मिला है. ग्वालियर में दो प्लॉट हैं. वहीं जस्टिस हरगोविंद मिश्रा कॉलोनी ग्वालियर में परिवार से विरासत में घर मिला है. करीब नौ लाख रुपये विभिन्न बैंकों में फिक्स डिपोजिट्स हैं. जीपीएफ में 48.87 लाख रुपये जमा हैं. कोई लोन नहीं है, गाड़ी भी नहीं है, पत्नी के नाम 2005 मॉडल की एक कार है.
जस्टिस आर भानुमती
पति की मदद और वकालत के पैसे से जस्टिस भानुमती के पास 1985 में तमिलनाडु में बना एक मकान है. तमिलनाडु में प्लॉट भी है. चेन्नई में भी फ्लैट है.
टिप्पणियांजस्टिस ए एम खानविलकर
जस्टिस खानविलकर ने 31 जुलाई 2017 को संपत्ति की घोषणा की है. जिसके मुताबिक उनके पास अपना फ्लैट नहीं है. दिल्ली में पत्नी के नाम पर प्लॉट है. जीपीएफ में 22.58 लाख रुपये जमा हैं.
जस्टिस अशोक भूषण
जस्टिस अशोक भूषण ने नौ अक्टूबर 2017 को संपत्ति की घोषणा की. इलाहाबाद में घर और खेती लायक जमीन है. 30 सितंबर 2017 तक जीपीएफ खाते में 32.97 लाख रुपये जमा हैं.
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