सात साल के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा 25 हजार का ईनामी बदमाश

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प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली: मायापुरी इलाके में डकैती के एक मामले में कथित रूप से शामिल 30 वर्षीय एक आरोपी को सात साल के बाद गिरफ्तार किया गया. इस पर 25,000 रुपये का ईनाम घोषित किया गया था. पुलिस ने बुधवार को बताया कि आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश में एटा जिले के एक निवासी रंजीत कुमार उर्फ रंजीत यादव के रूप में की गई है. पुलिस उपायुक्त (अपराध) भीष्म सिंह ने बताया कि यह घटना सात साल पहले उस समय हुई थी जब सात से आठ सशस्त्र डकैतों के एक समूह ने मायापुरी में एक अत्यधिक सुरक्षित लॉकर राइटर्स सेफ गार्ड प्राईवेट लिमिटेड पर हमला करने की कोशिश की.
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यह एक खुदरा नकद प्रबंधन कंपनी है जो बैंकों, खुदरा दुकानों और उपभोक्ताओं के बीच नकदी सुरक्षित लाने-ले जाने की सुविधा प्रदान करती है. उन्होंने बताया कि कंपनी अपने लॉकरों में 24 घंटे करोड़ों रूपया नकदी रखती है और नकदी सुरक्षित रखने के लिए सशस्त्र सुरक्षा कर्मी तैनात कर रखें है. डकैतों को सुरक्षा कर्मी के रूप में ऐसे जगहों पर काम करने का अनुभव था और इस तरह के अत्यधिक सुरक्षित स्थानों के सुरक्षा पहलुओं की पूरी जानकारी थी.
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डीसीपी ने बताया कि इनमें से अधिकांश लोग उत्तर प्रदेश में मैनपुरी और एटा जिलों के रहने वाले थे और अपनी योजना को अंजाम देने के लिए गैस कटर और हथियारों जैसे उत्तम दर्जे के उपकरणों से लैस होकर आए थे. सिंह ने कहा कि बदमाशों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया, लेकिन उनकी योजना तब विफल हो गई जब एक मुस्तैद सुरक्षा कर्मी भागने में सफल रहा और पुलिस को वहां ले आया. आरोपी ने एक सुरक्षा कर्मी का हथियार छीन लिया और वहां से भाग निकला. यादव के अलावा अन्य सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. (इनपुट भाषा से
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