सवर्ण आरक्षण बिल को पारित करने के लिए मोदी सरकार के पास सिर्फ एक दिन

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प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली:

मोदी सरकार के पास सवर्णों को आरक्षण देने का विधेयक पारित करने के लिए सिर्फ एक दिन का समय है. कल यानी आठ जनवरी को संसद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है. सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के कैबिनेट में लिए गए फैसले को कानूनी जामा पहनाने के लिए कल का ही वक्त सरकार के पास है. ऐसे में संसद खुलते ही सरकार को लोकसभा में आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के लिए संशोधन विधेयक पेश करना होगा.

लोकसभा में बहुमत है तो सरकार कुछ ही समय में विधेयक पास करा ले जाएगी. फिर क्या यह विधेयक राज्यसभा में भी उसी दिन पास हो पाएगा? वह भी तब, जबकि सरकार के पास उच्च सदन में बहुमत नहीं है. इस प्रस्ताव को संविधान सभा को भेजने की विपक्ष मांग उठा सकता है. जिससे देरी लग सकती है.

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हालांकि सियासी जानकार बताते हैं कि कांग्रेस सहित कई दल चुनावी सीजन में इसका सपोर्ट भी कर सकते हैं, क्योंकि अगड़ी जातियों को वे भी नाराज नहीं कर सकते. फिर भी संसद के एक ही कार्यदिवस में इतने बड़े प्रस्ताव के पास होने की उम्मीद कम है. इसके लिए या तो कल चर्चा के दौरान संसद को देर शाम तक गतिशील किया जा सकता है या फिर 11 दिसंबर से आठ जनवरी के शीतकालीन सत्र को दो से तीन दिन बढ़ाने का फैसला हो सकता है. इसके अलावा सरकार के पास कोई चारा नहीं है.

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अब चुनाव से पहले सिर्फ बजट सत्र बचा है, मगर तब तक आचार संहिता की बंदिशें लग जाएंगी. इस प्रकार जो होना है, वह इसी सत्र में होना है.

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