सबरीमाला विवाद भाजपा का एजेंडा और हमारे लिए गोल्डन चांस- बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष का वीडियो वायरल होने पर घमासान

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बीजेपी केरल इकाई के प्रदेश अध्यक्ष पी एस श्रीधरन पिल्लै की फाइल फोटो.

नई दिल्ली: सबरीमाला मंदिर( Sabarimala temple) पर जारी गतिरोध के बीच भाजपा की केरल इकाई के प्रमुख पी एस श्रीधरन पिल्लै(Kerala BJP president Sreedharan Pillai) के वायरल हुए वीडियो ने सियासत गरमा दी है. उनके बयान की टीवी चैनलों ने एक वीडियो क्लिप दिखाई, जिसमें वह कथित रूप से इस मुद्दे को पार्टी का एजेंडा बताते हुए कार्यकर्ताओं से इसे स्वर्णिम अवसर बताते हैं.वीडियो में यह भी दावा करते हुए दिखे कि सबरीमाला मंदिर के प्रमुख पुजारी ने यह धमकी देने से पहले उनसे सलाह ली थी कि अगर दस से 50 साल आयु वर्ग की महिलाओं ने प्रवेश किया तो वह मंदिर बंद कर देंगे.कोझीकोड में रविवार को आयोजित भाजपा युवा मोर्चा के एक कार्यक्रम में पिल्लै की टिप्पणियों पर माकपा नीत सत्तारूढ एलडीएफ और विपक्षी कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया की. केरल उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले अधिवक्ता पिल्लै ने कहा कि पुजारी ने कानूनी राय लेने के लिए उन्हें बुलाया था और उन्होंने कानूनी राय दी. उन्होंने कहा कि कानूनी परामर्श के लिए उनके पास कई लोग आते हैं.हालांकि मुख्य पुजारी तंत्री कंदारारू राजीवरू ने मंदिर में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने मामले में केवल वरिष्ठ तंत्री कंदारारू मोहनारू से विमर्श किया था.
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मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कन्नूर में एक जनसभा में भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भगवान अयप्पा के सच्चे भक्तों को भाजपा का ‘‘गेम प्लान'' समझना चाहिए.भगवान अयप्पा मंदिर में रजस्वला आयु-वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच, तंत्री कन्दारारू राजीवरू ने 19 अक्टूबर को धमकी दी थी कि अगर पुलिस सुरक्षा प्राप्त रजस्वला आयुवर्ग की दो महिलाओं को मंदिर परिसर तक जाने की अनुमति मिली तो वह गर्भगृह बंद कर देंगे.बाद में पुलिस इन महिलाओं को सुरक्षा में वापस ले गई थी. इन महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास किया था.वीडियो में, पिल्लै को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुजारी ने इस बारे में उनसे सलाह ली थी कि अगर महिलाएं मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास करती हैं तो अयप्पा मंदिर को बंद करना क्या अदालत की अवमानना होगा.पिल्लै ने कहा कि उन्होंने तंत्री को आश्वासन दिया था कि कोई अवमानना नहीं होगी और हजारों श्रद्धालु उनके साथ हैं.उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था, "सबरीमला मुद्दा हमारे लिए स्वर्णिम अवसर है."
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उन्होंने यह भी दावा किया कि यह आंदोलन ‘‘भाजपा का एजेंडा'' है. माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने पिल्लै की इन टिप्पणियों के लिए उनकी निंदा करते हुए कहा कि यह गंभीर मामला है. उन्होंने सबरीमला से संबंधित ‘‘सभी साजिशों'' और भाजपा द्वारा अपनाए गये रुख की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन भाजपा द्वारा ‘‘सुनियोजित'' है और यह तथ्य ‘‘गंभीर'' है कि पार्टी पुजारी को ‘‘प्रभावित'' कर सकती है.उद्योग मंत्री ई पी जयराजन ने भाजपा पर सबरीमला में संकट पैदा करने के लिए तंत्री तथा अन्य पुजारियों के इस्तेमाल का आरोप लगाया. कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा कि इस वीडियो से भाजपा के असली एजेंडे का पर्दाफाश हो गया है. (इनपुट-भाषा से)
टिप्पणियांवीडियो- सबरीमाला विवाद और स्मृति का बयान
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