शीला दीक्षित के खिलाफ पार्टी प्रभारी पीसी चाको और दिल्ली कांग्रेस समिति के तीनों कार्यकारी अध्यक्षों ने की शिकायत

2
- Advertisement -

पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर शीला दीक्षित के खिलाफ के शिकायत की गई है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

कांग्रेस की दिल्ली इकाई की अध्यक्ष शीला दीक्षित द्वारा जिला और ब्लॉक पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने के फैसले पर पार्टी प्रभारी पीसी चाको एवं प्रदेश कांग्रेस समिति के तीनों कार्यकारी अध्यक्षों ने सवाल खड़े किए हैं. चाको और कार्यकारी अध्यक्षों हारून यूसुफ, राजेश लिलोठिया और देवेंद्र यादव ने इसको लेकर शीला को पत्र लिखा है. सूत्रों के मुताबिक इन्होंने इन पत्रों की प्रतियां पार्टी आलाकमान को भी भेजी हैं. चाको ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिना सूचना दिए शीला दीक्षित ने 14 जिला कांग्रेस कमेटी पर्यवेक्षक और 280 ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. तीनों कार्यकारी अध्यक्षों ने कहा, ''राहुल गांधी ने हमें दिल्ली में जिम्मेदारी देते हुए कहा था कि हमें सामूहिक रूप से दिल्ली के लिए काम करना है. यह दुखद है कि इस फैसले में शीला दीक्षित ने हमसे किसी प्रकार की कोई राय नहीं ली. दिल्ली कांग्रेस में यह अंदरूनी खींचतान उस समय देखने को मिली है, जब कांग्रेस में नेतृत्व का संकट गहराया हुआ है.

राहुल गांधी के इस्तीफे पर रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर किया पोस्ट, लिख दी यह बात

- Advertisement -

ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस में नीतिगत और पार्टी से जुड़े फैसलों पर भी काफी उहापोह की स्थिति बनी हुई है. इसी तरह 'कांग्रेस अध्यक्ष' की ओर से जारी एक पत्र में कहा गया है कि बालासाहेब थोराट को महाराष्ट्र कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है. थोराट से पहले अशोक चाह्वाण महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष थे. अशोक चाह्वाण ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की वजह से अपने पद इस्तीफा दे दिया था. थोराट को यह जिम्मेदारी राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दी गई है. महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर बालासाहेब थोराट के नाम की घोषणा से पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नए लोगों की नियुक्ति को अपनी स्वीकृति दी है.

अगले सप्ताह खत्म हो सकता है कांग्रेस में नेतृत्व संकट, सामने आई ये खबर

लेकिन सवाल इस बात का है कि जब राहुल गांधी ने अपने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है तो फिर किस अध्यक्ष की सहमति से थोराट को यह जिम्मेदारी दी गई है. केसी वेणुगोपाल की इस घोषणा के बाद राहुल गांधी द्वारा पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़े जाने को लेकर लोग और खुद पार्टी के कार्यकर्ता दुविधा में पड़ते दिख रहे हैं. इन सब के बीच NDTV से खास बातचीत में एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा कि राहुल गांधी अभी भी पार्टी के अध्यक्ष हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने उनका इस्तीफा अभी तक कबूल नहीं किया है. ऐसे में यह कहना कि वह पार्टी अध्यक्ष नहीं हैं यह गलत है. उन्होंने कहा कि वैसे भी किसी राज्य में किसे नया अध्यक्ष बनाना है कि ऐसे सभी निर्णय वह 27 जून को ही ले चुके हैं.

टिप्पणियां

मुकाबला: कांग्रेस के टूटते बिखरते कुनबे के लिए जिम्मेदार कौन?​

इनपुट : भाषा से भी

Source Article