यूपी में सपा-बसपा गठबंधन, 25 साल बाद दोहराया जाएगा इतिहास

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यूपी में लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा के बीच गठबंधन हो गया है. इसकी घोषणा शनिवार को होगी.

लखनऊ:

यूपी में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन तय हो गया. कल अखिलेश यादव और मायावती लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका औपचारिक ऐलान करेंगे. इस गठबंधन के साथ 25 साल बाद यूपी में इतिहास दोहराया जा रहा है.

अखिलेश यादव ने NDTV से कहा कि उनका गठबंधन तो राजनीतिक है लेकिन बीजेपी ने सीबीआई से गठबंधन कर लिया है. उधर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि वे अब यूपी में 74 से भी ज़्यादा सीटें जीतेंगे.

सुबह-सुबह मीडिया को भेजे गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के दावतनामे ने मुल्क में सियासी हरारत बढ़ा दी. इससे यह पुख्ता हो गया कि सपा-बसपा में गठबंधन हो गया है. बस ऐलान की देर है.अखिलेश यादव ने NDTV से बातचीत में गठबंधन की जरूरत पर रोशनी डाली.

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25 साल बाद यूपी में इतिहास दोहराया जा रहा है. सन 1993 में यही गठबंधन मुलायम सिंह और कांशी राम के बीच हुआ था. अब दोनों के सियासी वारिस कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेस इस गठबंधन में नजर नहीं आती. अजित सिंह का राष्ट्रीय लोकदल इस गठबंधन का हिस्सा होगा. लेकिन सीटों पर अभी बातचीत चल रही है.

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यूपी बीजेपी के अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडे ने फौरन इसे दो भ्रष्ट लोगों का गठबंधन करार दे दिया. उधर दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बार यूपी में और बड़ी जीत का दावा किया. उन्होंने कहा कि इस बार 74 से भी ज़्यादा सीटें जीतेंगे.

VIDEO : गठबंधन की औपचारिक घोषणा कल

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गठबंधन में एक-दो सीटों पर एक-दो छोटी पार्टियों के भी जुड़ने की गुंजाइश बताई जा रही है.

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