यूपी में सपा-बसपा गठबंधन के बाद शिवपाल यादव ने कांग्रेस को दिया यह ऑफर, कहा- मैं तैयार हूं

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शिवपाल यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की जताई इच्छा

नई दिल्ली:

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और बहुजन समाजपार्टी (Bahujan Samaj Party) के बीच हुए गठबंधन के बाद राजनीति तेज हो गई है. इस गठबंधन के सामने आने के बाद अब समाजवाजी पार्टी से अलग हुए वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने राज्य में कांग्रेस के साथ मिलकर एक नया गठबंधन बनाने की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा है कि अगर कांग्रेस चाहे तो वह उनके साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं. उन्होंने रविवार को कहा कि हम कांग्रेस को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं. बता दें कि शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) ने पिछले साल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से अलग अपनी एक अलग पार्टी बनाई थी. वहीं, सपा-बसपा गठबंधन के सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मैं मायावती जी (Mayawati) और अखिलेश जी (Akhilesh Yadav) का सम्मान करता हूं. गठबंधन को लेकर उन्होंने जो फैसला लिया है मैं उसपर कुछ नहीं बोलना चाहता लेकिन इतना जरूरी है कि हमारी पार्टी यूपी में पूरी ताकत के साथ लोकसभा चुनाव में उतरेगी.

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गौरतलब है कि बीते शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सपा-बसपा गठबंधन का ऐलान किया था. उन्होंने इस गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखा था. मायावती और अखिलेश यादव ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया था कि लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा 38-38 सीटों पर लड़ेगी. सपा-बसपा गठबंधन ने चार सीटें छोड़ दी हैं, जिसमें दो सीटें सहयोगियों के खाते में जाएगी वहीं, दो सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी गई हैं, अमेठी और रायबरेली है. साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर जमकर हमला बोला था. उन्होंने सपा-बसपा गठबंधन पर कहा था कि इस गठबंधन से पीएम मोदी और अमित शाह की नींद उड़ जाएगी. मायावती ने कहा था कि आज बीजेपी के शासनकाल में अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है.

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बीजेपी को इस बार कांग्रेस को हुई 1977 में हुए चुनाव की तरह ही बड़ा नुकसान होने वाला है. सपा-बसपा को कांग्रेस के साथ जाने से कोई खास फायदा होने वाला नहीं है. हमनें अपने अनुभव को ही तरजीह दी है. कांग्रेस का साथ जाने से हमारे वोट शेयर पर बुरा असर पड़ता है. अगर हम इनके साथ नहीं जाते हैं तो हमारे पास वोट का शेयर ज्यादा रहता है. लिहाजा हमनें इस वजह से कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखा है.

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हालांकि हमारी पार्टी ने यह फैसला लिया है कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी या इस तरह की किसी भी अन्य पार्टी से गठबंधन करके चुनाव नहीं लड़ेगी जिससे हमारा वोट ही कट जाए. मायावती ने कहा था कि बोफोर्स की वजह से कांग्रेस की सरकार गई थी, अब राफेल की वजह से बीजेपी की सरकार जाएगी. राफेल बीजेपी को ले डूबेगी. मायावती ने कहा था कि बीजेपी ने प्रदेश में बेईमानी से सत्ता हासिल की है. हमने गठबंधन में कांग्रेस को नहीं रखा. कांग्रेस या बीजेपी कोई आए, दोनों में एक ही बात है. कांग्रेस और बीजेपी की नीतियां एक जैसी है. दोनों सरकारों का हाल एक जेस ही रहे हैं.

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अगर हम कांग्रेस से गठबंधन करते हैं तो हमें घाटा होगा. क्योंकि कांग्रेस के समय में भी भ्रष्टाचार हुआ. मायावती ने कहा था कि यूपी में बीजेपी ने बेइमानी से सरकार बनाई है. जनविरोधी को सत्ता में आने से रोकेंगे. बीजेपी की अहंकारी सरकार से लोग परेशान है. जैसे हमने मिलकर उपचुनावों में बीजेपी को हराया है, उसी तरह हम लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराएंगे.

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