महिला अधिकारी को मंत्री जी का मैसेज, सीएम ने मंगवाई माफी, कांग्रेस बोली- यह यौन उत्पीड़न नहीं

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प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली: पंजाब के एक मंत्री द्वारा एक महिला अधिकारी को कथित रुप से ‘अनुपयुक्त संदेश' भेजने पर उठे विवाद के बीच कांग्रेस सचिव आशा कुमारी ने शुक्रवार को कहा कि एसएमएस संदेश कोई यौन उत्पीड़न नहीं है. उनकी इस टिप्पणी पर विपक्षी शिरोमणि अकाली दल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उसने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कुमारी को तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की करतूतों पर लीपापोती करने का जिम्मा सौंपा है. पार्टी के पंजाब मामलों की प्रभारी कुमारी ने सीबीआई में हाल के उठापठक के खिलाफ यहां पार्टी के प्रदर्शन के मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही.
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उन्होंने कहा कि पार्टी को मंत्री के खिलाफ कोई शिकायत नहीं मिली है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह इस मामले पर पहले ही अपना विचार रख चुके हैं. संबंधित मंत्री ने कुछ हफ्ते पहले एक महिला अधिकारी को कथित रुप से एक अनपयुक्त संदेश भेजा था. इस पर विपक्ष ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की थी. कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान (मी टू) का परोक्ष संकेत करते हुए कुमारी ने कहा, ‘संदेश भेजना मी टू का हिस्सा नहीं बन जाता. यौन उत्पीड़न, संदेश भेजने से भिन्न होता है.'
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शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस बयान पर गहरा आश्चर्य प्रकट किया. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘शर्मनाक बात है कि एक महिला दिमाग को झंकृत कर देने वाले अपने इस बयान से राहुल गांधी के आदेश पर एक अन्य महिला को नीचा दिखा रही है कि संदेश भेजना यौन उत्पीड़न नही है.'
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हाल ही में एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा था कि जब यह मामला उनके पास पहुंचा तब उन्होंने मंत्री को उस महिला अधिकारी से माफी मंगवायी और ‘अधिकारी की संतुष्टि के हिसाब से मामला सुलझाया.' विपक्षी शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी मांग कर रही हैं कि संबंधित मंत्री को बर्खास्त किया जाए. माना जाता है कि मंत्री ने अधिकारी को कम से कम एक संदेश भेजा था.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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