महिलाओं को बस ड्राइवर बनने के लिए IAS अधिकारी ने किया प्रेरित, खुद चलाकर दिखाई वॉल्‍वो, देखें Video

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बीएमटीसी की प्रबंधक निदेशक सी शिखा ने वोल्वो चला कर दिखाई.

बेंगलुरू:

हमारे देश में समय के साथ धीरे-धीरे महिलाओं के लिए हर क्षेत्र में नए अवसरों के दरवाजे खुल रहे हैं. चाहे विमान उड़ाना हो या सेना में भर्ती होना, महिलाएं उन सभी प्रोफेशन से जुड़ रही हैं जिसकी कल्पना करना भी एक वक्त में मुश्किल था. लेकिन अभी भी कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें हम शायद ही किसी महिला को करते देखते हैं या देखते भी हैं तो वो भी महज एक अपवाद होता है. उन्हीं कामों में से ही एक काम बस ड्राइवर का भी है. दरअसल, बेंगलुरू मेट्रोपोलिटन ट्रांस्पोर्ट कोरपोरेशन में 14 हजार से भी ज्यादा ड्राइवर हैं लेकिन महिला ड्राइवर की संख्या सिर्फ एक है. इसी चलते महिला ड्राइवरों को प्ररित करने के लिए बीएमटीसी की प्रबंधक निदेशक सी शिखा ने एक वॉल्‍वो चला कर दिखाई.

देखें वीडियोः

#Bengaluru: #BMTC managing director C Shikha drives a Volvo bus on a test-track at the bus training centre. @[email protected]@[email protected]@[email protected][email protected]@[email protected]@[email protected]/umZIoAQHUF

— Rakesh Prakash (@rakeshprakash1) January 14, 2020

टिप्पणियां

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह पहला मौका है जब एक आईएएस ऑफिसर ने इस तरह का फैसला लिया है. इस खबर की सूचना जैसे ही सोशल मीडिया यूजर्स को मिली, सी शिखा की जमकर तारीफ की जाने लगी. हालांकि, एक ओर जहां लोग बीएमटीसी की निदेशक की तारीफ कर रहे हैं वहीं कई लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या शिखा के पास ड्राइविंग लाइसेंस है?

Wowww super madam ????????
This brings strength and confidence to all the women !!!
“Do not follow where the path may lead, Go instead where there is no path and leave a trial”

— Dhanush Reddy (@dhanushreddy91) January 14, 2020

Yes this is the power of a woman. Yes the perfect driver of the constitution. Congratulations.

— PERFECT WORK (@Lakshmeeshsagar) January 14, 2020

Does she has Learners Licence and First aid certificate?

— agsurendra (@agsurendra31) January 15, 2020

Nice …hope she has a HMV license to even attempt this & compliant to the testing norms !

— Anish Nair (@anishnair1010) January 14, 2020

इस बारे में निदेशक ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वे एक ड्राइविंग स्कूल के कैंपस में गाड़ी चला रही थीं जहां लाइसेंस की जरूरत नहीं होती. इसके बाद कई लोग निदेशक शिखा के समर्थन में आगे आए.

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