मंदी को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा ने बोला हमला, पीएम मोदी से पूछा, ”इस अर्थव्यवस्था को कौन बचाएगा”

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शत्रुघ्न सिन्हा ने लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी.

नई दिल्ली:

कांग्रेस नेता और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की तारीफ की थी लेकिन देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर उन्होंने रविवार को मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कई ट्वीट में देश की मौजूदा अर्थव्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''सर, स्पष्ट रूप से आर्थिक मंदी इस समय हर किसी के बात करने का मुद्दा है … क्या आपको नहीं लगता कि हमें इसके बारे में कुछ करना चाहिए?"

Sir, the economic slowdown clearly seems to be everyone's talking point right now…..Don't you think we should do something about it?
Financial institutions and markets are in a churn, private sector businesses have become apprehensive and even common households are looking up

— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) August 25, 2019

शत्रुघ्न सिन्हा ने एक के बाद एक कई ट्वीट की सीरीज में विस्तार से अपनी बात रखते हुए लिखा, ''वित्तीय संस्थान और बाजार संकट में हैं. निजी क्षेत्र के व्यवसायों में डर है. यहां तक ​कि आम लोग भी इस स्थिति से उबरने के लिए आपकी सरकार की ओर देख रहे हैं, जिसने अब तक कई प्रमुख क्षेत्रों और उद्योगों को प्रभावित किया है- कृषि से लेकर ऑटोमोबाइल, साबुन से लेकर शैंपू तक और कपड़ों से लेकर बिस्कुट तक. टेक्सटाइल, एविएशन, ऑटोमोबाइल, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस और कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री में उत्पादन की कमी और छंटनी से सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. इस मंदी के के कारण बेरोजगारी की दर 6% से अधिक हो गई है, जो 45 सालों में सबसे ज्यादा है. 3 करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हैं!''

Aviation, Automobile, Non-Banking Finance and consumer goods industries hurting the most. The ripple effects of this slowdown has spiked the unemployment rate to over 6%, an all time high in 45 years…..over 30 million people are jobless!

— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) August 25, 2019

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एक अन्य ट्वीट में मंदी की मार झेल रहे पारले जी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ''आर्थिक स्थिति का एक गंभीर प्रमाण पारले जी बिस्कुट है, जिसने उपभोक्ता मांग में गिरावट के कारण 10,000 से अधिक लोगों की छंटनी करने का निर्णय लिया है, जिसे हम सभी खाते हुए बड़े हुए हैं! …कुकी वास्तव में चूर-चूर होने लगी है!

A grim testimony of the economic situation is Parle G's decision to layoff over 10,000 people from its workforce due to declining consumer demand of the biscuits that we all grew up eating!….the cookie has indeed started to crumble!

— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) August 25, 2019

सिन्हा ने लिखा, ''इंडियन एविएशन इंडस्ट्री अपने सबसे खराब मंदी के दौर से गुजर रही है. ये स्नोबॉलिंग प्रभाव के सिर्फ निबल्स हैं. इस गड़बड़ी का कारण क्या है? नोटबंदी जीएसटी? नीतियां? हम विचार करते रहते हैं…लेकिन हम यह भी जानते हैं कि आप, माननीय प्रधानमंत्री महोदय, हीरो हैं. ''

The Indian Aviation industry is reeling under its worst meltdown ever…..these are just nibbles of the snowballing effect.
What caused this mess?Demonetisation? GST? Policies?
We keep pondering….but we also know that you, Honourable Prime Minister Sir, are the Hero

— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) August 25, 2019

उन्होंने लिखा, ''इस अर्थव्यवस्था को कौन बचाएगा…कृपया एक अस्थिर और संघर्षशील अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप / संरचनात्मक प्रोत्साहन पैकेज का प्रस्ताव रखें. यदि आप मानते हैं कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने में आपकी सहायता करने के लिए देश भर के चैंपियन और मेरे जैसे लोग किसी भी तरह की सहायता कर सकते हैं, तो हमें बहुत खुशी होगी!

टिप्पणियां

मुझे किशोर कुमार का एक बहुत ही लोकप्रिय गीत याद आ रहा है …. "आने वाला पाल, जाने वाला है, हो सके तो इसमें, ज़िंदगी बिता दो, पल जो ये जाने वाला है" …अभी भी उम्मीद है, और हम जानते हैं कि यह बेहतर हो जाएगा!''
जय हिन्द!

we're more than happy to help!
I am reminded of a very popular Kishore Kumar song…."Aane wala pal, jane wala hai, ho sake to isme, zindagi bitado, pal jo ye jane wala hai"……there is still hope, and we know it will get better!
Jai Hind!

— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) August 25, 2019

बता दें इन दिनों भारत मंदी के भयंकर संकट से जूझ रहा है. ऑटो सेक्टर और टेक्सटाइल सेक्टर से लेकर तमाम क्षेत्रों में लाखों नौकरियां जा चुकी हैं. 2018 की अंतिम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद या जीडीपी 5.8 प्रतिशत बढ़ी, जो पिछली तिमाही में 6.6 प्रतिशत थी.

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