भारतीय शिक्षिका चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाली पहली विदेशी

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चीन में भारतीय शिक्षिका प्रीति माहेश्वरी को गंभीर रूप से बीमार होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बीजिंग:

चीन के वुहान और शेनजेन शहरों में फैल रहे निमोनिया के नए किस्म के विषाणु की चपेट में 45 वर्षीय भारतीय स्कूल शिक्षिका आ गई है. वह पहली विदेशी है जो रहस्यमय एसएआरएस (सार्स) जैसे कोरोनावायरस से संक्रमित हुई है. शेनजेन के एक अंतरराष्ट्रीय स्कूल में शिक्षिका प्रीति माहेश्वरी को पिछले शुक्रवार को गंभीर रूप से बीमार होने के बाद स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनके पति अशुमन खोवाल ने शेनजेन से पीटीआई-भाषा को बताया कि डॉक्टरों ने सोमवार को पुष्टि की कि वह इस विषाणु से ग्रस्त हैं और उनका इलाज किया जा रहा है.

इस वायरस के फैलने के बाद से चीन में चिंता का माहौल है क्योंकि इसका संबंध एसएआरएस (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) से बताया जा रहा है जिससे 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी. दिल्ली के कारोबारी, खोवाल ने बताया कि माहेश्वरी का सघन निगरानी कक्ष (आईसीयू) में इलाज चल रहा है और वह फिलहाल जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं. खोवाल को हर दिन मरीज से मिलने के लिए कुछ घंटों की इजाजत दी जाती है. उन्होंने कहा कि वह बेहोश हैं और डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें इससे उबरने में लंबा वक्त लग जाएगा.

वुहान से मिल रही खबरों के अनुसार 17 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद कुल मामले 62 हो गए हैं. कुछ हफ्तों पहले वुहान से ही इस विषाणु के सामने आने का पता चला था.

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने रविवार को खबर दी कि कुल 19 लोगों का इलाज हो गया है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जबकि अन्य को अलग वार्ड में रखा गया है और उनका इलाज किया जा रहा है. हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने खबर दी कि शेनजेन में फिलहाल दो लोगों को थर्ड पीपल्स अस्पताल के अलग कमरे में रखा गया है.

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भारत ने चीन के वुहान में निमोनिया के नए प्रकार के प्रकोप के चलते दूसरी मौत होने के बाद शुक्रवार को चीन जाने वाले अपने नागरिकों के लिए एक परामर्श जारी किया था. वुहान में करीब 500 भारतीय मेडिकल छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. भारत की ओर से जारी यात्रा परामर्श में कहा गया, “चीन में नए कोरोनावायरस के संक्रमण का पता चला है. 11 जनवरी, 2020 तक 41 मामलों के सामने आने की पुष्टि हुई है.” जापान और थाईलैंड में यात्रा संबंधी एक-एक मामला सामने आया है. वुहान शहर के विश्वविद्यालयों के मेडिकल कॉलेजों में 500 से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. लेकिन उनमें से ज्यादातर चीनी नववर्ष के लिए छुट्टियां पड़ने पर अपने घरों के लिए रवाना हो गए मालूम होते हैं.

यात्रा परामर्श में कहा गया कि इसके लक्षणों में मुख्य तौर पर बुखार आना है और कुछ मरीज सांस लेने में तकलीफ की शिकायत करते हैं. यह विषाणु किस माध्यम से फैल रहा है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. हालांकि, अब तक बेहद मामूली साक्ष्य मिले हैं कि यह मनुष्य से मनुष्य में फैल रहा है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)Source Article