बुलेट ट्रेन के मामले में महाराष्ट्र सरकार को केंद्र से झटका, जानें-पूरा मामला

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केंद्र ने बुलेट ट्रेन गलियारे में नासिक को जोड़ने के महाराष्ट्र के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है.

मुंबई: केंद्र सरकार ने प्रस्तावित अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन गलियारे में नासिक को जोड़ने के महाराष्ट्र के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र घडगे को हाल ही में आरटीआई के जरिए प्राप्त जानकारी में यह बात सामने आई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 13 जनवरी, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री को अलग-अलग पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने नासिक को भारत में लागू होने वाली पहली उच्च गति रेल (एचएसआर) परियोजना या बुलेट ट्रेन से जोड़ने का आग्रह किया था. फडणवीस ने पत्र में कहा था, "कंसल्टैंट्स ने अब महराष्ट्र के मुंबई, ठाणे और बोइसर (पालघर जिले में) को सम्मिलित करने की सिफारिश की है. मुझे लगता है कि अगर नेटवर्क को राज्य के अन्य महत्वपूर्ण शहरों तक बढ़ाया जाए तो एचएसआर परियोजना राज्य के लिए फायदेमंद साबित होगी".
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अपने प्रस्ताव को मजबूत बनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके (आधिकारिक) जापान दौरे के दौरान उन्होंने एचएसआर परियोजना में नासिक तक विस्तार की संभावनाओं को तलाशा था. नासिक पहले ही प्रस्तावित एचएसआर डायमंड चतुर्भुज पर महत्वाकांक्षी मुंबई-हावड़ा विकर्ण का हिस्सा है. मोदी और प्रभु ने प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. फडणवीस के इस खत पर केवल रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने ही जवाब दिया. राज्य सरकार को झटका देते हुए सिन्हा ने व्यवहार्यता के आधार पर नासिक को शामिल करने के उनके अनुरोध को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया.
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हालांकि रेल राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि नासिक पर मुंबई-नागपुर बुलेट ट्रेन परियोजना के प्रस्तावित व्यवहार्यता अध्ययन में विचार किया जाएगा. घडगे ने कहा, "महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री द्वारा नासिक को जोड़ने का अनुरोध साबित करता है कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना से राज्य को कोई खास फायदा होने वाला नहीं है. ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार इस परियोजना को स्वीकार करने के लिए मजबूर है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिससे उनके गृह राज्य गुजरात को ही फायदा होगा". अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के प्रस्ताव की 2014 में घोषणा की गई थी. इसकी योजना 2010 से बनाई जा रही थी. इसका निर्माण 1.10 लाख करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि से किया जाएगा, जिसकी करीब 20 फीसदी राशि जापान से दीर्घकालिक आसान ऋण के रूप में ली जाएगी. अहमदाबाद-मुंबई गलियारे पर गुजरात में आठ स्टेशन -वापी, भरूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद, बिलिमोरा, सूरत- होंगे, जबकि महाराष्ट्र में लगभग तीन स्टेशन होंगे.
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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