बुलंदशहर हिंसा: योगेश राज के बचाव में उतरा बजरंग दल, कहा- वह बेगुनाह है, हम उसकी कानूनी मदद करेंगे

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बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

बुलंदशहर हिंसा मामले में आखिरकार मुख्य आरोपी योगेश राज पुलिस की गिरफ्त में आ गया है. हालांकि, इस मामले ने यूपी पुलिस की कार्रवाई पर कई तरह के सवाल उठा दिए हैं. क्योंकि योगेश राज को 30 दिन तक यूपी पुलिस नहीं ढूंढ पाई और आखिरकार बजरंग दल ने ही योगेश राज को पुलिस के हवाले किया. हालांकि, बजरंग दल का मानना है कि योगेश राज निर्दोष है और उसे कोर्ट से न्याय जरूर मिलेगा. बता दें कि 3 दिसंबर को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह और सुमित की मौत हो गई थी.

बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज की गिरफ्तारी पर बजरंग दल नेता प्रवीण भाटी ने कहा है, "वह निर्दोष है. हम उसे कानूनी सहायता उपलब्ध करवाएंगे. जो भी उसके हित में होगा, वह करेंगे… हम सभी कुछ कोर्ट के सामने पेश करेंगे, और हमें पूरा विश्वास है कि वह सभी आरोपों से बरी हो जाएगा." बता दें कि प्रवीण भाटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सह संयोजक हैं.

Praveen Bhati, Bajrang Dal on arrest of Yogesh Raj, main accused in #Bulandshahr violence case: He is innocent. We'll provide him legal assistance. We will do whatever is good for him. We'll present everything before the court&we are sure he will be acquitted of all the charges. pic.twitter.com/TuQ3q8Momk

— ANI UP (@ANINewsUP) January 3, 2019

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बता दें कि बवाल के बाद से यह फरार चल रहा था। पुलिस इसके लिए लगातार छापेमारी कर रही थी. काफी मशक्कत के बाद योगेश राज की गिरफ्तारी देर रात हो सकी. हालांकि बवाल के एक माह पूरे होने के बाद भी 12 नामजद अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं.

इससे पहले पुलिस ने इस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) पर कुल्हाड़ी से हमला करने वाले कलुआ उर्फ राजीव को 28 दिन बाद सोमवार देर रात गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक कलुआ ने ही सबसे पहले सुबोध कुमार सिंह पर हमला किया था. कलुआ कुल्हाड़ी से पेड़ की टहनी काट सड़क जाम कर रहा था, इंस्पेक्टर ने रोका तो उसने कुल्हाड़ी से उन पर ही हमला कर दिया. मुख्य आरोपी कलुआ ने पहले इंस्पेक्टर की अंगुलियां काटी फिर कुल्हाड़ी से ही सिर पर कई वार कर दिए. इस हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह बुरी तरह घायल हो गए. जख्मी हालत में इंस्पेक्टर जान बचाने खेतों की तरफ भागे तो प्रशांत नट ने उन्हें पकड़कर घुटनों के बल गिरा लिया. इसके बाद नट ने इंस्पेक्टर की ही लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर उन्हें गोली मार दी.

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