बुलंदशहर हिंसा में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की पत्नी ने कहा, अगर उन्हें छुट्टी मिल गई होती तो…

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बुलंदशहर हिंसा में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर की पत्नी सुनीता ने कहा कि उनके पति ने छुट्टी मांगी थी, लेकिन मिली नहीं.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी के शक में भीड़ की हिंसा (Bulandshahr Violence) ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) की जान ले ली. जैसे ही इसकी खबर उनके बेटे को मिली, उसे लगा जैसे उसकी दुनिया ही उजड़ गई हो. सुबोध सिंह के दो बेटों में से एक अभिषेक जिसने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है, ने कहा कि उसके पिता उसे अक्सर अच्छा नागरिक बनाना चाहते थे.
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उधर, सुबोध कुमार की पत्नी सुनीता का रो रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा कि उनके पति (सुबोध कुमार) ने छुट्टी मांगी थी, लेकिन उन्हें मिली नहीं. अगर उन्हें छुट्टी मिल जाती तब वह आज जिंदा होते और हमारे साथ होते. वहीं, सुबोध सिंह की बहन ने कहा कि मेरे भाई अखलाक हत्या के मामले की जांच कर रहा था और इसी वजह से उनकी हत्या हुई है, यह पुलिस की साजिश है. उन्हें शहीद घोषित करना चाहिए और मेमोरियल बनाया जाना चाहिए, हमें पैसे नहीं चाहिए, सीएम केवल गाय, गाय-गाय करते हैं.
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उधर, बुलंदशहर हिंसा मामले में शहीद सुबोध सिंह के बेटे अभिषेक ने कहा, 'मेरे पिता मुझे अच्छा नागरिक बनाना चाहते थे जो धर्म के नाम पर समाज में हिंसा न फैलाए, आज हिंदू-मुस्लिम के झगड़े में मेरे पिता ने अपनी गंवाई, कल किसके पिता की जान जाएगी?' अपने पिता के साथ हुई अपनी आखिरी बातचीत को याद करते हुए, उसने कहा- मैंने घटना से एक दिन पहले उनसे बात की थी. वह मुझे अपने कमजोर विषयों पर काम करने के लिए कह रहे थे और मुझे उन्होंने उस विषय पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की सलाह दे रहे थे, जिसमें मुझे पिछले एग्जाम में कम अंक मिले. इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के बेटे ने कहा कि वह बहुत ही अच्छे इंसान थे. लास्ट टाइम बात हुई तो पूछा था खाने में क्या खाया… बर्थडे पर नहीं आते थे, क्योंकि जॉब करनी थी. धमकियां मिलते रहते थे कि ऐसे जांच मत करो…लेकिन वो करते थे.
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बता दें कि बुलंदशहर के थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव महाव के जंगल में रविवार की रात अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर गोवंश के अवशेष मिले थे. यह सूचना मिलने पर लोगों में आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोग घटनास्थल पर पहुंचे और कथित तौर पर गोवंश अवशेषों को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सोमवार सुबह चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंचे. सूत्रों के अनुसार गुस्साई भीड़ ने बुलंदशहर-गढ़ स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर रास्ता जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.
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सूचना मिलने पर एसडीएम अविनाश कुमार मौर्य और सीओ एसपी शर्मा पहुंचे. इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया. बेकाबू भीड़ ने पुलिस के कई वाहन फूंक दिए. साथ ही चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी. पुलिस जब भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी, तभी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को सिर में गोली मार दी गई थी, जबकि एक युवक भी मारा गया.
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