बड़ा सवाल : साथ गए पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेला क्यों छोड़ा?

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इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को गोली मारी गई थी

नई दिल्ली: बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेले छोड़कर बाकी पुलिस कहां गायब थे, इस एंगल की भी जांच की जा रही है. मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने इस बात की जानकारी दी है. वहीं इस हिंसा भड़काने और हत्या के मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार और हिरासत में लिया जा चुका है. गिरफ्तार लोगों में बजरंग दल का नेता योगेशराज भी शामिल है जो पूरे मामले का मुख्य आरोपी है. प्राथमिकी (एफआईआर) के अनुसार, 28 लोगों को नामजद किया गया है जबकि सोमवार की घटना में 60 लोगों को अज्ञात के रूप में सूचीबद्ध किया गया है. दर्ज प्राथमिकी में बजरंग दल के नेता योगेश राज को भी नामजद किया गया था. जिन्होंने इससे पहले गौ हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस जब भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी, तभी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को सिर में गोली मार दी गई थी, जबकि एक युवक भी मारा गया. भीड़ द्वारा यह हमला गौ हत्या की अफवाह फैलने के बाद किया गया. स्याना के स्टेशन हाउस ऑफिसर सुबोध कुमार ने ही 2015 में गौहत्या से संबंधित दादरी हत्या मामले में एक मुस्लिम शख्स को निशाना बनाए जाने की जांच की थी. फिलहाल बुलंदशहर में तनावपूर्ण स्थिति के चलते बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.

Prashant Kumar, ADG Meerut Zone: 2 people have been taken to custody. An SIT has been formed to investigate why the violence happened and why the police personnel left Inspector Subodh Kumar alone. #Bulandshahrpic.twitter.com/7X5kOwZ3tl

— ANI UP (@ANINewsUP) December 4, 2018

घटना के बाद एक राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि बुलंदशहर में जो कुछ भी हुआ है उसकी वजह से मानवता शर्मसार हो गई. राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि जो भी इस घटना के जिम्मेदार हैं उनको न्याय की परिधि में लाया जाएगा. उन्होंने लोगों से शांति से अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों से सतर्क रहें जो अपने फायदे लिए अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

Union Minister Mukhtar Abbas Naqvi: What happened in #Bulandshahr has let down humanity. State govt has said that whoever is responsible will be brought to justice without any bias.I appeal to people to stay cautious of the elements who are creating unrest for their own interests pic.twitter.com/JYxuM2IZ2E

— ANI (@ANI) December 4, 2018

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह हैरत वाली बात है कि कि कैसे उस अधिकरी की हत्या कर दी गई जिसने अखलाक मामले की जांच की थी. इन लोगों को कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसने दिया है. राज्य की चिंता करने के बजाए सीएम योगी तेलंगाना में जहर फैला रहे हैं.

Kapil Sibal, Congress : It's a shocking state of affairs how a mob killed a police officer investigating the Akhlaq case. Who gives these people the authority to take law in their hands? Instead of taking care of his state Yogi is going to Telangana & spewing venom. #Bulandshahrpic.twitter.com/ENUCCe5f2g

— ANI (@ANI) December 4, 2018

वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने कहा है कि अगर पशुओं की हत्या की गई थी तो पुलिस इस बात की भी जांच करे कि उनको उस जगह पर कौन लेकर आया था क्योंकि अल्पसंख्यक उस इलाके में नहीं रहते हैं.

Azam Khan,Samajwadi Party: If it is indeed cattle carcass then Police should also probe as to who brought the carcass there, as there is no minority population in that particular area. #Bulandshahrpic.twitter.com/x3Qq8ByU02

— ANI UP (@ANINewsUP) December 4, 2018

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