पीएम मोदी के समर्थन में आई कांग्रेस, कहा- भारत को ट्रंप के उपदेश की जरूरत नहीं है

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कांग्रेस ने पीएम मोदी का किया समर्थन

नई दिल्ली:

बीते चार वर्षों में ऐसा बहुत ही कम देखने को मिला है कि कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी (PM Modi) का किसी बात पर समर्थन किया हो या फिर वह उनके पक्ष में खड़ी दिखी हो. लेकिन गुरुवार को कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत को विकास कार्यों के संदर्भ में अमेरिका के उपदेश की जरूरत नहीं है. पार्टी ने यह भी कहा कि ट्रंप (Donald Trump) की पीएम मोदी (PM Modi) को लेकर की गई टिप्पणी अस्वीकार्य है और उम्मीद है कि भारत सरकार इसका सख्ती से जवाब देगी. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि प्रिय ट्रंप, भारत के प्रधानमंत्री (PM Modi) का मजाक बनाना बंद करिए. अफगानिस्तान पर भारत को अमेरिका के उपदेश की जरूरत नहीं है.

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उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत ने अफगानिसतान में नेशनल असेंबली की इमारत बनाने में मदद की. मानवीय जरूरतों से लेकर रणनीतिक-आर्थिक साझेदारी तक, हम अफगान भाइयों एवं बहनों के साथ हैं. वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी ठीक नहीं है और यह अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि सरकार सख्ती से इसका जवाब देगी और अमेरिका को यह याद दिलाएगी कि भारत ने अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर सड़कें एवं बांध बनवाएं हैं तथा तीन अरब डॉलर के मदद की प्रतिबद्धता भी जताई है.

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दरअसल, अफगानिस्तान में एक पुस्तकालय का वित्त पोषण करने के लिए ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि युद्ध से प्रभावित देश में इसका कोई मतलब नहीं है. साथ ही उन्होंने उस देश की सुरक्षा के लिए पर्याप्त काम नहीं करने को लेकर भारत एवं अन्य देशों की आलोचना की थी. हालांकि सूत्रों के अनुसार भारत सरकार ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पीएम मोदी पर तंज कसने को खारिज कर दिया है. भारत कई बड़ी निर्माण परियोजनाओं को लागू कर रहा है, साथ ही अफगानिस्तान में लोगों की जरूरतों के मुताबिक सामुदायिक विकास कार्यक्रमों को लागू कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस तरह का सहयोग देश को आर्थिक रूप से समृद्ध और स्थिर करने के लिए जारी रहेगा.

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ध्यान हो कि अफगानिस्तान में एक पुस्तकालय का वित्त पोषण करने के लिए ट्रंप ने मोदी पर तंज कसा था और कहा था कि युद्ध से प्रभावित देश में इसका कोई मतलब नहीं है. साथ ही उन्होंने उस देश की सुरक्षा के लिए पर्याप्त काम नहीं करने को लेकर भारत एवं अन्य देशों की आलोचना की थी. बीते बुधवार को कैबिनेट की पहली बैठक में ट्रंप ने भारत, रूस, पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों से कहा था कि अफगानिस्तान की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें. ट्रंप ने कहा था कि मैं आपको मेरे, भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अच्छे तालमेल का एक उदाहरण दे सकता हूं, लेकिन वह लगातार मुझे बता रहे हैं कि उन्होंने अफगानिस्तान में पुस्तकालय बनवाया. पुस्कालय! सूत्रों ने कहा कि सामुदायिक विकास पहल के तहत भारत छोटे पुस्तकालय बनवा सकता है लेकिन अफगानिस्तान में इसके अधिकतर निवेश बड़ी निर्माण परियोजनाओं में हैं जिनमें जारंज से लेकर डेलारम तक 218 किलोमीटर लंबी सड़क बनाना, सलमा बांध बनाना और अफगानिस्तान की संसद का नया भवन बनाना शामिल है. (इनपुट भाषा से)

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