पार्टी अध्यक्ष के दावे से उलट मध्यप्रदेश में बीजेपी नेता अपने परिजनों को टिकट दिलाने में जुटे

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अमित शाह की कही बात को गलत साबित कर रहे है पार्टी के नेता

भोपाल: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भले ही परिवारवाद के आधार पर चुनाव में टिकट देने की बात को ठुकराते रहे हों लेकिन उनकी पार्टी के कार्यकर्ता ही उनकी बात नहीं मान रहे. कुछ दिन पहले ही अमित शाह ने मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में बूथ लेवल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि हमारी पार्टी में कांग्रेस की तरह परिवारवाद के आधार पर टिकट का बंटवारा नहीं होता है. हम उम्मीदवारों को उसकी योग्यता के आधार पर टिकट देते हैं ताकि वह अपने क्षेत्र के लिए बेहतर काम कर सके. हालांकि उनकी इस बात से उनकी पार्टी के ही कार्यकर्ता और नेता इत्तेफाक नहीं रखते दिख रहे हैं. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में बहुत सारे मंत्री, सांसद और विधायक अपने पुत्रों को टिकट के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं.
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बीजेपी के वरिष्ठ नेता और ऊर्जा विकास निगम के चैयरमैन विजेंद्र सिंह सिसोदिया के बेटे देवेंद्र सिंह सिसोदिया कुछ दिनों पहले अपने दो हजार से ज्यादा समर्थकों के साथ भोपाल बीजेपी दफ्तर पहुंचे थे, दावेदारी शुजालपुर से टिकट की है. रेस में सिसोदिया अकेले नहीं हैं, नेतापुत्रों की पूरी फौज मोर्चे पर डटी है. वहीं इंदौर 2 से पार्टी महासचिव कैलाश विजवर्गीय के बेटे आकाश दावेदार हैं, तो इंदौर 3 से सुमित्रा महाजन के बेटे मंदार. जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा और वित्त मंत्री जयंत मलैया भी अपने सुपुत्रों के लिये संपर्क बढ़ा रहे हैं, गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक, गौरीशंकर शेजवार को भी अपने बेटे मुदित के लिये टिकट चाहिये, राज्यसभा सांसद प्रभात झा अपने बेटे तुष्मुल के लिये सिंगरौली से जुगाड़ लगा रहे हैं, तो केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर अपने बेटे देवेंद्र के लिये.
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टिप्पणियां पार्टी अध्यक्ष कहकर गये परिवारवाद टिकट में नहीं चलेगा, लेकिन राष्ट्रीय महासचिव मानते हैं नेता पुत्र होना दोष नहीं है, कैलाश विजयवर्गीय ने कहा किसी नेता का पुत्र होना कोई दोष नहीं होता, यदि वह इस योग्य होगा तो निश्चित रूप से पार्टी उस पर विचार करेगी. बीजेपी कांग्रेस पर वंशवाद के आरोप लगाती है, गाहे बगाहे मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ पार्टी दफ्तर में दिखते भी हैं. लेकिन पार्टी को लगता है बीजेपी के वंशवाद की तुलना कांग्रेस के वंशवाद से नहीं की जा सकती.
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कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने कहा वंशवाद सबसे ज्यादा बीजेपी में है, मप्र तो है ही उसके अलावा धूमल जी का बेटा, तो राजनाथ जी का बेटा, तो यहां शिवराज जी का बेटा, ताई का बेटा, कैलाश जी का बेटा, कैलाश जोशी का बेटा आप नाम लेते जाएं लिस्ट खत्म नहीं होगी वंशवाद पूरी तरह हावी है लेकिन बीजेपी दर्शाती रही है कि वंशवाद कांग्रेस में है. शिवराज के सुपुत्र कार्तिकेय भी चुनावी सभाओं में नजर आ जाते हैं, हालांकि फिलहाल वो टिकट के दावेदार नहीं लेकिन कुल मिलाकर इस बार 17 से ज्यादा नेतापुत्र कमल के फूल से चुनावी मोर्चे पर डटना चाहते हैं.
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