पता नहीं मजदूर जीवित हैं या नहीं मगर चमत्कार होते रहते हैं, काम जारी रखें: मेघालय मामले पर सुप्रीम कोर्ट

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मेघालय मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

नई दिल्ली:

मेघालय में कोयला खदान में फंसे मजदूरों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को राहत बचाव कार्य जारी रखने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मेघालय सरकार से कहा है कि विशेषज्ञों की मदद ली जाए पिछले साल 13 दिसंबर से मेघालय कोयला खदान में फंसे खनिकों को बचाने के प्रयास जारी रखें. सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय कोयला खदान में फंसे मज़दूरों को जल्द और सुरक्षित निकालने के लिए किए जा रहे उपायों पर कहा कि हमे पता नहीं कि फंसे मजदूर जीवित हैं या नहीं लेकिन चमत्कार होते रहते हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें तब तक कोशिश करनी चाहिए जब तक कि कोई परिणाम ना मिलें. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि वो याचिकाकर्ता के सुझाव को भी देखें.

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दरअसल याचिकाकर्ता ने कोर्ट में सुझाव दिया है कि नेशनल जियो फिजिक्स रिसर्च इंस्टीट्यूट हैदराबाद और नेशनल हाइड्रोलॉजी इंस्टिट्यूट रुड़की से सारे ज़रूरी उपकरण हवाई जहाज से घटनास्थल तक पहुंचाए जाने चाहिए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार मज़दूरों को निकालने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है. अब इस मामले पर अगली सुनवाई अगले शुक्रवार को होगी.

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VIDEO: खदान में फंसे मजदूरों को बचाने की कोशिश तेज.

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