पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ का विवाद गहराया

2
- Advertisement -

प्रतीकात्मक फोटो.

पटना: बिहार में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ को लेकर राजनीति गर्माती जा रही है. रविवार को चार विधायकों के बाद सोमवार को बीजेपी के तीन और विधायकों ने इस बार के चुनाव पर बयान जारी किया. इस बयान में साफ लिखा है कि इस बार उनके समर्थक धन बल, बाहु बल, जातिवाद और पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप को परास्त करेंगे.
लगातार दूसरे दिन पार्टी द्वारा जारी इस बयान से साफ है कि पार्टी चुनाव को गंभीरता से ले रही है. सोमवार को जारी बयान विधायक नवल किशोर यादव, जीवेश मिश्र, मनोज शर्मा और पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के नाम से जारी किया गया है. इसमें राजनीतिक दलों को सीधे हस्तक्षप से परहेज करने की सलाह दी गई है. साथ ही एक बार फिर प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़ा करते हुए कहा गया है कि इनकी भूमिका चुनाव में शांति बनाए रखने की होनी चाहिए. साथ ही सलाह भी दी गई कि उनकी गतिविधियों से कहीं उनकी पक्षपाती छवि न हो जाए.
सोमवार को जारी बयान में खास बात यह रही कि इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बारे में दावा किया गया कि इसका सीधा किसी राजनीतिक दल से कोई सम्बंध नहीं है. एक अलग पहचान का दावा करते हुए बीजेपी नेताओं ने कहा कि एबीवीपी राष्ट्र निर्माण में लगे छात्रों का नैतिक वैचारिक संगठन है.
टिप्पणियां यह भी पढ़ें : पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव बना BJP-JDU में तकरार की वजह, निशाने पर नीतीश कुमार के 'संकट मोचक'
निश्चित रूप से बयानबाज़ी के इस दौर से साफ है कि छात्र संघ चुनाव में बीजेपी ने अब जनता दल यूनाईटेड को शिकस्त देने के लिए कमर कस ली है. शायद बीजेपी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि जिस जनता दल यूनाइटेड को वह सरकार में समर्थन कर रही है वह उन्हें पटना विश्वविद्यालय से उखाड़ने में अपनी शक्ति लगा देगा. इस बीच इस चुनाव के लिए प्रचार का काम सोमवार को थम गया. मतदान और मतगणना बुधवार को होगी.
Source Article

- Advertisement -