धूमधाम से मना जामिया मिल्लिया इस्लामिया का 98वां स्थापना दिवस, विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

3
- Advertisement -

जामिया 98वां स्थापना दिवस धूमधाम से मना.

नई दिल्ली: जंगे आज़ादी से उपजा जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) का 98वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया. ब्रिटिश शिक्षा के खिलाफ भारत की ज़रूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था शुरू करने के महात्मा गांधी के आह्वान पर 1920 में जेएमआई अस्तित्व में आया. 58 साल पहले छोटे पैमाने पर अपने सफर को शुरू करते हुए जेएमआई आज अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर का अहम विश्विद्यालय है और दोनों ही स्तर पर इसे सम्मानजनक रैंकिंग प्राप्त है. इसकी स्थापना करने वालों ने इसे एक ऐसा शैक्षिक संस्थान बनाने की कल्पना की थी जो प्रगतिशील शिक्षा को आगे बढ़ाए और छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना भरे. आधुनिक शिक्षा में पिछड़े गए मुस्लिम समुदाय पर ख़ास ध्यान देते हुए इसे सभी समुदायों के लिए स्थापित किया गया. महात्मा गांधी, मौलाना आज़ाद, सरदार पटेल, रवीन्द्र नाथ टैगोर, सरोजनी नायडु और जवाहरलाल नेहरू आदि ने इसे पूरा समर्थन दिया. शुरूआती दिनों में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के स्टाफ और छात्रों ने बड़ा त्याग देकर इसका अस्तित्व बनाया रखा.
जेएमआई की शिक्षिका सईदा बेगम महिला वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित
आज, जेएमआई अपने आप में बहु आयामी शिक्षा का केन्द्र बन के उभरा है. यह देश का अकेला विश्वद्यालय है जो सेना के तीनों अंगो को शिक्षा के अवसर मुहैया कराता है. इसने हाल ही में कोस्ट गार्ड के लिए भी अपनी तालीम के दरवाजे खोल दिए हैं. जेएमआई स्कूली स्तर से शुरू करके ग्रेजूएट, पोस्ट ग्रैजूएट और एम. फिल, पीएच.डी और पोस्ट डॉक्टरल शिक्षा उपलब्ध कराता है. इसकी 9 फैकल्टी हैं, 38 टीचिंग एवं रिसर्च विभाग हैं और 27 से अधिक अनुसंधान के केन्द्र हैं. स्थापना दिवस के मौके पर सोमवा से से दो दिवसीय समारोह शुरू हुआ. कार्यक्रम की शुरूआत एनसीसी कैडट्स के गार्ड ऑफ ऑनर से हुई. इस मौके पर जेएमआई के वाइस चासंलर प्रो. शाहिद अशरफ ने कहा कि अध्यापकों और छात्रों के त्याग की नींव पर बने इस विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आज अपना एक अहम मुकाम बना लिया है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी लगातार बढ़ती रैंकिंग इस बात का सुबूत है.
टिप्पणियांबेल्जियम के अर्थशास्त्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ‘ज्ञान‘ के तहत दे रहे हैं लेक्चर
उन्होंने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया 2020 में अपनी स्थापना के 100 साल पूरे करेगा और हमें इसे और भी ज्यादा बुलंदियों पर ले जाने की ज़रूरत है. 98वें स्थापना दिवस के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, इनमें बैतबाज़ी, नुक्कड़ नाटक, स्टेज नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं.
Source Article

- Advertisement -